Jamshedpur 1.25 Crore Fraud: बिल्डिंग प्रोजेक्ट के नाम पर 1.25 करोड़ की ठगी, परिचितों ने ही फंसाया, फर्जी रसीद देकर धमकी दी, पूरा परिवार शामिल?
जमशेदपुर में 1.25 करोड़ की सनसनीखेज धोखाधड़ी! बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन में निवेश के नाम पर परिचितों ने किया फ्रॉड। 5 फ्लैटों का फर्जी करारनामा, मुख्य आरोपी फरार। फर्जी रसीद देकर जान से मारने की धमकी।
जमशेदपुर, 27 नवंबर 2025 – जमशेदपुर (Jamshedpur) में एक बार फिर से विश्वास (Trust) और धोखाधड़ी (Fraud) के एक ऐसे मामले का खुलासा (Disclosure) हुआ है, जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। साकची थाना क्षेत्र (Sakchi Police Station) के राजेंद्र नगर (Rajendra Nagar) निवासी 56 वर्षीय व्यवसायी (Businessman) शंकर लाल अग्रवाल (Shankar Lal Agarwal) ने अपने पारिवारिक परिचितों (Family Acquaintances) पर बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन (Building Construction) में निवेश (Investment) के नाम पर 1 करोड़ 25 लाख रुपये (1.25 Crore Rupees) की ठगी (Cheating) करने का गंभीर आरोप (Serious Allegation) लगाया है। यह मामला दर्शाता है कि अपराधी अब दूर नहीं, बल्कि अक्सर हमारे करीबी दायरे (Close Circle) में ही छिपे होते हैं।
परिचितों ने बनाया जाल, 5 फ्लैटों का फर्जी करारनामा
ठगी का यह सुनियोजित (Well-Planned) खेल साल 2024 में शुरू हुआ, जब पीड़ित के परिचित रमेश चंद्र अग्रवाल (Ramesh Chandra Agarwal) ने उन्हें अपने बेटे अजय अग्रवाल (Ajay Agarwal) द्वारा संचालित 'ग्रीन वाटिका' बिल्डिंग प्रोजेक्ट (Green Vatika Project) में निवेश का प्रस्ताव दिया।
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पूरा परिवार शामिल: कुछ ही दिनों बाद रमेश चंद्र, अजय, राजेश अग्रवाल, सोनम, सुमिता और गौरव अग्रवाल सहित पूरा परिवार शंकर लाल के घर पहुंचा। उन्होंने झारखंड (Jharkhand) में कई बड़े प्रोजेक्ट चलाने का दावा (Claim) किया और आश्वासन (Assurance) दिया कि निवेश के बदले फ्लैट के साथ-साथ अच्छा मुनाफा (Good Profit) भी मिलेगा।
पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों के बार-बार भरोसा दिलाने पर उन्होंने 12 अप्रैल 2024 को अपने घर पर ही 1.25 करोड़ रुपये नकद उन्हें सौंप (Handed Over) दिए। बदले में, आरोपियों ने आदित्यपुर (Adityapur) स्थित एक जमीन दिखाकर पांच फ्लैटों का विक्रय-करारनामा (Sale Agreement) भी पीड़ित के नाम कर दिया। इस पूरी प्रक्रिया के कारण शंकर लाल को सब कुछ वास्तविक (Genuine) लगा।
निर्माण स्थल पर शून्य काम, मुख्य संचालक फरार
अप्रैल 2025 में जब एक साल बीत गया, तब शंकर लाल निर्माण स्थल (Construction Site) का निरीक्षण (Inspection) करने पहुंचे। वहां जो दृश्य (Scene) उन्होंने देखा, उससे उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
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ठगी का खुलासा: जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ था। जब उन्होंने पूछताछ (Enquired) की, तो आरोपी पैसे की कमी का बहाना (Excuse) बनाने लगे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि प्रोजेक्ट का मुख्य संचालक अजय अग्रवाल करोड़ों रुपये लेकर शहर से फरार (Absconded) हो चुका है।
फर्जी रसीद और जान से मारने की धमकी
जब पीड़ित ने बाकी परिजनों से पैसे लौटाने की मांग की, तो उन्होंने पैसे लौटाने की जगह गाली-गलौज (Abuse) की और जान से मारने की धमकी (Death Threat) तक दे डाली।
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जालसाजी की सीमा: 25 अक्टूबर 2025 को तो हद ही हो गई, जब राजेश और रमेश अग्रवाल पीड़ित के घर पहुंचे और एक फर्जी रसीद (Fake Receipt) सौंपते हुए दावा किया कि पैसे बैंक से लौटा दिए गए हैं। हालांकि, पीड़ित ने जब जांच की, तो रसीद में गवाहों (Witnesses) और खुद उनके हस्ताक्षर (Signatures) जाली (Forged) पाए गए।
शंकर लाल अग्रवाल ने अब पुलिस से साजिश (Conspiracy), धोखाधड़ी, जालसाजी (Forgery) और धमकी देने के आरोप में कठोर कानूनी कार्रवाई (Strict Legal Action) की मांग की है। साकची पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की गहन जांच (Intensive Investigation) शुरू कर दी है।
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