Jamshedpur Roadrage: जमशेदपुर के NH-33 पर ओवरटेक को लेकर विवाद, मानगो के राजा सिंह ने मुखिया प्रतिनिधि पर तानी पिस्टल और की मारपीट, MGH पुलिस ने आरोपी को लिया हिरासत में, क्या पिस्टल लाइसेंसी है? अगर नहीं, तो आर्म्स एक्ट के तहत होगी बड़ी कार्रवाई!
जमशेदपुर के NH-33 स्थित भिलाई पहाड़ी के पास बुधवार को ओवरटेक को लेकर हुए विवाद में मानगो निवासी राजा सिंह ने मुखिया प्रतिनिधि सुफल सिंह के साथ मारपीट की और पिस्टल तान दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर FIR दर्ज की है और पिस्टल के लाइसेंसी होने की जांच कर रही है।
जमशेदपुर में सड़कों पर बढ़ती कहासुनी और गुंडागर्दी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बुधवार को NH-33 पर स्थित भिलाई पहाड़ी के पास सिर्फ ओवरटेक करने को लेकर हुए एक छोटे से विवाद ने इतना भयानक रूप ले लिया कि एक व्यक्ति ने दूसरे पर पिस्टल तान दी और मारपीट भी की। इस घटना से एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या जमशेदपुर की सड़कों पर सामान्य असहमतियों को भी हथियार की धमकी से निपटा जाएगा?
जमशेदपुर के आसपास के राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) क्षेत्र में रोडरेज और मारपीट की घटनाएं अक्सर देखने को मिलती हैं। लेकिन किसी छोटे से विवाद में पिस्टल निकाल लेना अपराधियों के बुलंद हौसले और कानून का डर न होने को दर्शाता है। यह घटना उन तमाम लोगों के लिए चिंता का विषय है, जो रोजाना इन रास्तों से गुजरते हैं।
गाड़ियों को आगे-पीछे करने से शुरू हुआ विवाद
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, पलासबनी के मुखिया प्रतिनिधि सुफल सिंह घाटशिला से जमशेदपुर की ओर अपनी बोलेरो गाड़ी से आ रहे थे। इसी समय, मानगो निवासी राजा सिंह अपनी क्रेटा गाड़ी से विपरीत दिशा से जा रहे थे।
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ओवरटेक पर गाली-गलौज: भिलाई पहाड़ी के पास दोनों वाहनों के बीच ओवरटेक करने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई, जो तेजी से गाली-गलौज और झगड़े में बदल गई।
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पिस्टल तान दी: विवाद इतना बढ़ गया कि राजा सिंह ने क्रेटा से उतरकर पिस्टल निकाल लिया और सुफल सिंह पर तान दी। इसके बाद दोनों के बीच मारपीट भी हुई। इस घटना ने सड़क पर दहशत फैला दी, और अन्य यात्री भी डर गए।
पुलिस ने घायल को भेजा अस्पताल, पिस्टल की जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही एमजीएम थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल सुफल सिंह को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी।
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FIR और हिरासत: सुफल सिंह के बयान पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज करते हुए पुलिस ने आरोपी राजा सिंह को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं।
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आर्म्स एक्ट का खतरा: पुलिस अब सबसे गंभीर पहलू की जांच कर रही है कि राजा सिंह के पास जो पिस्टल है, वह लाइसेंसी है या नहीं। अगर यह हथियार गैर-लाइसेंसी पाया जाता है, तो राजा सिंह के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एमजीएम थाना क्षेत्र में इस तरह की मारपीट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जिसकी भी गलती पाई जाएगी, उस पर नियमों के तहत कार्रवाई होगी। यह देखना बाकी है कि क्या लाइसेंसी हथियार होने पर भी सार्वजनिक विवाद में उसे तानने के लिए राजा सिंह पर कार्रवाई होती है, जो शहर में हथियारों के अवैध और गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल पर एक मिसाल कायम कर सकता है।
आपकी राय में, रोडरेज जैसी घटनाओं को रोकने और लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग पर नकेल कसने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग को कौन से दो सबसे सख्त और निवारक कदम उठाने चाहिए?
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