Mango Arson: आधी रात को फूंक दीं बाहर खड़ी तीन बड़ी बसें, शंकोसाई में आसमान छूने लगीं लपटें, पूरे इलाके की बत्ती गुल
जमशेदपुर के मानगो शंकोसाई में रविवार देर रात असामाजिक तत्वों ने बाहर खड़ी तीन बसों में आग लगा दी। दो बसें जलकर खाक हो गईं और बिजली संकट गहरा गया है। पुलिसिया जांच की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 18 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के मानगो थाना क्षेत्र में रविवार की देर रात एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक वारदात सामने आई है। शंकोसाई रोड नंबर एक में सड़क किनारे खड़ी तीन बड़ी बसों को निशाना बनाते हुए उनमें आग लगा दी गई। देखते ही देखते आग की लपटें इतनी भयावह हो गईं कि पूरे इलाके में कोहराम मच गया। यह महज एक सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि किसी बड़ी साजिश या असामाजिक तत्वों की सोची-समझी करतूत मानी जा रही है। इस घटना से न केवल लाखों रुपये की गाड़ियां जलकर खाक हुईं, बल्कि इलाके का पूरा पावर सप्लाई सिस्टम भी ठप हो गया है।
वारदात की दास्तां: सन्नाटे को चीरती लपटें और कटी बिजली
यह पूरी घटना रविवार की देर रात उस वक्त हुई जब शंकोसाई के अधिकांश लोग गहरी नींद में सो रहे थे।
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अचानक भभक उठी आग: सड़क किनारे कतार में खड़ी तीन बसों में अचानक आग लग गई। लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि रात का अंधेरा पूरी तरह छट गया।
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जनता की नाकाम कोशिश: आग और धुएं के गुबार को देखकर स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए। लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग का विकराल रूप देखकर किसी की आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई।
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दमकल की एंट्री, बची एक बस: सूचना मिलने पर उलीडीह/मानगो पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ी तुरंत मौके पर पहुंची। अग्निशमन दल ने तत्परता दिखाते हुए एक बस की आग को पूरी तरह बुझा दिया, जिससे उसे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। लेकिन, बाकी दो बसें देखते ही देखते लोहे के कंकाल में तब्दील हो गईं।
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ब्लैकआउट की स्थिति: बसों से उठने वाली भीषण लपटों की जद में ऊपर से गुजर रही मुख्य बिजली की केबल (Main Power Line) भी आ गई। केबल के जलकर पिघलने के कारण पूरे शंकोसाई इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और लोग उमस भरी गर्मी में बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं।
प्रशासनिक रुख: शॉर्ट सर्किट नहीं, साजिश की बू! सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
शुरुआती कयासों में इसे शॉर्ट सर्किट माना जा रहा था, लेकिन एक साथ तीन अलग-अलग बसों में इस तरह आग फैलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
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असामाजिक तत्वों पर शक: पुलिस को अंदेशा है कि यह मानगो के स्थानीय नशेड़ियों या किसी विशेष आपराधिक गैंग की शरारत हो सकती है।
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सीसीटीवी कैमरों पर नजर: उलीडीह और मानगो पुलिस की संयुक्त टीम शंकोसाई रोड नंबर एक और हाईवे को जोड़ने वाले रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि रात के समय दिखे संदिग्धों की पहचान की जा सके।
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सख्त कार्रवाई का दावा: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और बहुत जल्द आरोपियों को ट्रेस कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर उठे सवाल
शंकोसाई की यह घटना यह साबित करती है कि रिहायशी इलाकों में बिना सुरक्षा के इतनी बड़ी व्यावसायिक गाड़ियों को खड़ा करना कितना खतरनाक हो सकता है। आज तो सिर्फ बिजली की केबल जली है, अगर यह आग पास के घरों या किसी ट्रांसफार्मर तक पहुँच जाती तो जान-माल का कितना बड़ा नुकसान हो सकता था, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। पुलिस को जल्द से जल्द इस 'आगजनी' के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब करना होगा ताकि मानगो के निवासियों का खोया हुआ भरोसा वापस लौट सके।
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