Govindpur Tragedy: गोविंदपुर में मौत का बोरिंग, अचानक गिरा भारी-भरकम ट्राइपॉड और दबकर मर गया मजदूर, खून से लाल हुआ RSO गेट का इलाका
जमशेदपुर के गोविंदपुर में बोरिंग के दौरान हुए भयानक हादसे ने एक मजदूर की जान ले ली है और दूसरा जिंदगी-मौत के बीच झूल रहा है। भारी ट्राइपॉड गिरने के पीछे की लापरवाही और मृतक राम हरिदास के परिवार की चीख-पुकार की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप शहर के इस सबसे दर्दनाक हादसे के सच से अनजान रह जाएंगे।
जमशेदपुर/गोविंदपुर, 17 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह काल बनकर आई। आरएसओ (RSO) गेट के भीतर चल रहे बोरिंग कार्य के दौरान एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए। काम के दौरान लोहे का भारी-भरकम ट्राइपॉड अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से एक बुजुर्ग मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा साथी गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक और निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों (Safety Standards) की पोल खोलकर रख दी है।
मौत का वो पल: जब ट्राइपॉड बना 'यमराज'
गोविंदपुर के आरएसओ गेट परिसर में मंगलवार सुबह बोरिंग का काम जोरों पर था। मजदूर अपनी धुन में काम कर रहे थे, तभी अचानक संतुलन बिगड़ा।
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भीषण टक्कर: बोरिंग मशीन को सहारा देने वाला भारी ट्राइपॉड सीधा मजदूरों के ऊपर आ गिरा।
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मौके पर मौत: 56 वर्षीय मजदूर राम हरिदास ट्राइपॉड के नीचे बुरी तरह दब गए। लोहे के भारी वजन के कारण उनके शरीर के अंगों में गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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एक अन्य घायल: राम हरिदास के साथ काम कर रहा दूसरा मजदूर भी इसकी चपेट में आ गया। ठेकेदार ने आनन-फानन में उसे टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) पहुँचाया, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
दीघा का रहने वाला था मृतक: परिजनों में कोहराम
मृतक की पहचान राम हरिदास के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के दीघा के निवासी थे। रोजी-रोटी की तलाश में जमशेदपुर आए राम हरिदास को क्या पता था कि यहाँ की जमीन उनके लिए अंतिम विश्राम स्थल बन जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गोविंदपुर बोरिंग हादसा: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | आरएसओ (RSO) गेट परिसर, गोविंदपुर |
| मृतक का नाम | राम हरिदास (56 वर्ष, निवासी- दीघा) |
| हादसे का कारण | भारी ट्राइपॉड का अचानक गिरना |
| घायल की स्थिति | टीएमएच (TMH) में गंभीर हालत में भर्ती |
| पुलिस कार्रवाई | शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच शुरू |
पुलिस और प्रशासन की जांच: ठेकेदार पर लटकी तलवार
सूचना मिलते ही गोविंदपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने कार्यस्थल पर मौजूद अन्य मजदूरों और ठेकेदार से पूछताछ शुरू कर दी है।
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लापरवाही का सवाल: क्या ट्राइपॉड की जंजीरें पुरानी थीं? क्या वहां सुरक्षा हेलमेट और अन्य उपकरण मौजूद थे?
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मुआवजे की मांग: स्थानीय लोगों और परिजनों ने ठेकेदार से उचित मुआवजे की मांग की है। पुलिस ने साफ किया है कि अगर सुरक्षा में चूक पाई गई, तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विकास की कीमत कब तक चुकाएंगे मजदूर?
राम हरिदास का परिवार अब बिखर चुका है। एक मजदूर की जान की कीमत क्या सिर्फ कुछ रुपयों का मुआवजा है? गोविंदपुर का यह हादसा शहर के अन्य निर्माण स्थलों के लिए एक चेतावनी है।
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