Golmuri Bust: पटना के शातिर धरे गए, देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद, जमशेदपुर में चोरी का बड़ा राज फाश
जमशेदपुर पुलिस ने पटना में छापेमारी कर एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह को दबोचा है जो झारखंड और बंगाल के घरों में गैस कटर से ताले काटकर तबाही मचा रहा था। गोलमुरी में हुई चोरी के बाद पकड़े गए विकास, राजू और मोहम्मद इरफान के पास से मिले देशी कट्टे और लूट के जेवरों की पूरी खौफनाक हकीकत यहाँ दी गई है वरना आप भी इस हाई-टेक चोर गिरोह की अगली चाल से अनजान रह जाएंगे।
जमशेदपुर, 20 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर की गोलमुरी थाना पुलिस ने अपराधियों के एक ऐसे सिंडिकेट को ध्वस्त किया है, जो सरहदें पार कर वारदातों को अंजाम दे रहा था। पिछले कुछ महीनों से शहर के बंद घरों को निशाना बनाने वाले इस गिरोह का ताल्लुक बिहार की राजधानी पटना से निकला है। पुलिस ने 17 सितंबर को ऋषभ कुमार के घर में हुई बड़ी चोरी के मामले का खुलासा करते हुए पटना के तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन तस्करों के पास से न केवल चोरी के जेवर, बल्कि देशी कट्टा और जिंदा गोलियां भी मिली हैं, जो इनके खतरनाक मंसूबों की गवाही दे रही हैं।
इतिहास: अंतरराज्यीय चोर गिरोहों का पुराना 'कनेक्शन'
ऐतिहासिक रूप से जमशेदपुर अपनी औद्योगिक समृद्धि के कारण हमेशा से अपराधियों के निशाने पर रहा है। 1990 के दशक से ही देखा गया है कि बिहार के पटना और गया बेल्ट से आने वाले गिरोह ट्रेन और सड़क मार्ग का उपयोग कर झारखंड के शहरों में चोरी करते हैं और सुबह होने से पहले राज्य की सीमा पार कर जाते हैं। पहले ये गिरोह केवल साधारण औजारों का उपयोग करते थे, लेकिन अब इन्होंने बोल्ट कटर और हेक्सा ब्लेड जैसे आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ हथियारों को भी अपना लिया है। गोलमुरी पुलिस की यह सफलता इस ऐतिहासिक 'क्राइम रूट' को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
पटना में 'सर्जिकल स्ट्राइक': पुलिस ने ऐसे बिछाया जाल
गोलमुरी में ऋषभ कुमार के घर हुई चोरी के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया था। तकनीकी अनुसंधान (Technical Investigation) और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस की सुई सीधे पटना की ओर घूमी।
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घेराबंदी: पुलिस टीम ने पटना के अशोक राजपथ, सुल्तानगंज और खाजेकलां इलाकों में दबिश दी।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने विकास कुमार उर्फ विकास शाह, राजू कुमार और मोहम्मद इरफान उर्फ बॉली को गिरफ्तार किया।
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कबूलनामा: पूछताछ में इन तीनों ने न केवल गोलमुरी, बल्कि हजारीबाग के कोर्रा थाना, जमशेदपुर के बिरसानगर और सरायकेला में भी चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
खंडहर में छिपा था मौत का सामान
पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस जब गोलमुरी के केबुल कंपनी के जीएम ऑफिस के खंडहर में पहुँची, तो वहां से हथियारों का जखीरा बरामद हुआ। ये अपराधी चोरी के दौरान पकड़े जाने के डर से या विरोध करने पर फायरिंग करने के लिए हथियार साथ रखते थे।
गिरोह का प्रोफाइल और बरामदगी (Evidence File)
| अपराधी का नाम | निवासी (पटना) | पुराना रिकॉर्ड |
| विकास कुमार | आलमगंज, अशोक राजपथ | पटना, बंगाल, रांची में केस दर्ज |
| राजू कुमार | सुल्तानगंज | अंतरराज्यीय चोरी में संलिप्त |
| मोहम्मद इरफान | खाजेकलां सिटी कोर्ट | 'बॉली' के नाम से कुख्यात |
| बरामदगी | देशी कट्टा, 2 गोलियां | चांदी के जेवर और चोरी के औजार |
चोरी के लिए इस्तेमाल करते थे 'बोल्ट कटर'
पुलिस ने इनके पास से भारी-भरकम बोल्ट कटर, हेक्सा ब्लेड, प्लास और पेचकस बरामद किए हैं। इनका काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद पेशेवर था। ये दिन में रेकी करते थे और रात के सन्नाटे में बोल्ट कटर से लोहे के मोटे तालों को सेकंडों में काट देते थे। इनके खिलाफ पटना, पश्चिम बंगाल, रांची और सरायकेला के विभिन्न थानों में दर्जनों मामले पहले से ही दर्ज हैं।
निष्कर्ष: सुरक्षा और सतर्कता ही सबसे बड़ा कवच
जमशेदपुर पुलिस की इस कार्रवाई से शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, यह घटना एक चेतावनी भी है कि बाहरी गिरोहों की नजर हमारे घरों पर है। गोलमुरी थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है और इनके अन्य साथियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
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