Golmuri Raid: बड़ी कार्रवाई, गोलमुरी में एटीएस और दिल्ली पुलिस का गुप्त ऑपरेशन, तीन संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

जमशेदपुर के गोलमुरी में झारखंड एटीएस और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन खतरनाक संदिग्धों को दबोच लिया है। बरसों से शहर के बीचों-बीच छिपे इन चेहरों और उनके फैले हुए नेटवर्क के पीछे छिपे इस रोंगटे खड़े कर देने वाले सच की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी अपने पड़ोस में छिपे इस बड़े खतरे से हमेशा बेखबर रह जाएंगे।

Jan 13, 2026 - 13:29
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Golmuri Raid: बड़ी कार्रवाई, गोलमुरी में एटीएस और दिल्ली पुलिस का गुप्त ऑपरेशन, तीन संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार
Golmuri Raid: बड़ी कार्रवाई, गोलमुरी में एटीएस और दिल्ली पुलिस का गुप्त ऑपरेशन, तीन संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

जमशेदपुर/गोलमुरी, 12 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में सोमवार की दोपहर उस वक्त दहशत फैल गई जब भारी हथियारों से लैस झारखंड एटीएस (ATS), दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने गोलमुरी थाना क्षेत्र में एक साथ कई ठिकानों पर धावा बोल दिया। इस हाई-प्रोफाइल 'सीक्रेट ऑपरेशन' में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल बताए जा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये तीनों संदिग्ध पिछले कई वर्षों से गोलमुरी के रिहायशी इलाके में अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' ने शहर के भीतर छिपे स्लीपर सेल्स की आशंका को और गहरा कर दिया है।

एटीएस की गुप्त दबिश: गोलमुरी के बीचों-बीच था ठिकाना

यह ऑपरेशन इतना गुप्त था कि स्थानीय लोगों को इसकी भनक तब लगी जब एटीएस की गाड़ियों ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया।

  • रडार पर थे संदिग्ध: सुरक्षा एजेंसियों को पुख्ता जानकारी मिली थी कि दिल्ली और अन्य राज्यों में वांछित कुछ चेहरे जमशेदपुर में शरण लिए हुए हैं।

  • सालों से जमाई थी पैठ: गिरफ्तार किए गए तीनों संदिग्धों ने यहाँ स्थानीय लोगों के बीच अपनी ऐसी छवि बना ली थी कि किसी को उन पर शक नहीं हुआ। वे लंबे समय से जांच एजेंसियों की निगरानी (Surveillance) में थे।

  • दबोचे गए चेहरे: सुरक्षा बलों ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की ताकि भागने का कोई रास्ता न बचे। तीनों को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।

दिल्ली कनेक्शन और 'प्रतिबिंब' का जाल

सूत्रों की मानें तो इस छापेमारी के तार दिल्ली में चल रहे एक बड़े टेरर मॉड्यूल या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

  1. दिल्ली पुलिस की मौजूदगी: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का इस ऑपरेशन में शामिल होना यह दर्शाता है कि मामला बेहद संवेदनशील और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है।

  2. सघन पूछताछ: खुफिया एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि जमशेदपुर में रहते हुए इन लोगों ने किन-किन स्थानीय लोगों के साथ संपर्क साधा और क्या इनके पास कोई विस्फोटक या डिजिटल दस्तावेज थे।

  3. नेटवर्क की तलाश: संदेह जताया जा रहा है कि इन तीनों का इस्तेमाल शहर के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों की रेकी करने के लिए तो नहीं किया जा रहा था।

गोलमुरी एटीएस रेड: मुख्य विवरण (Security Operation Snapshot)

विवरण जानकारी (Details)
ऑपरेशन की टीम झारखंड एटीएस, दिल्ली पुलिस, जमशेदपुर पुलिस
गिरफ्तारी का स्थान गोलमुरी थाना क्षेत्र, जमशेदपुर
कुल संदिग्ध 03 (हिरासत में)
निगरानी की अवधि पिछले कई वर्षों से रडार पर
वर्तमान स्थिति गुप्त स्थान पर पूछताछ जारी

इतिहास का पन्ना: जमशेदपुर और आतंकियों की पुरानी शरणस्थली

जमशेदपुर का इतिहास गवाह है कि यह शहर पहले भी वैश्विक आतंकी संगठनों के 'स्लीपर सेल्स' की पसंदीदा जगह रहा है। साल 2016 में अल-कायदा (AQIS) के संदिग्ध आतंकी अब्दुल समी की गिरफ्तारी हो या 2019 में टेरर फंडिंग के मामले, गोलमुरी और धतकीडीह जैसे इलाके हमेशा से सुरक्षा एजेंसियों की विशेष निगरानी में रहे हैं। औद्योगिक नगरी होने के कारण यहाँ की घनी आबादी और बाहरी लोगों का आसानी से घुलमिल जाना अपराधियों के लिए कवच बन जाता है। दिल्ली पुलिस का बार-बार जमशेदपुर आना यह साबित करता है कि यहाँ का 'अंडरग्राउंड' नेटवर्क राजधानी के लिए एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार: खामोशी की वजह?

हालांकि पुलिस और एटीएस ने इस कार्रवाई को लेकर अभी तक कोई औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है।

  • गोपनीयता: सूत्रों का कहना है कि संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर अन्य शहरों में भी छापेमारी चल रही है, इसलिए जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।

  • जांच के बिंदु: सुरक्षा एजेंसियां इनके बैंक खातों, कॉल रिकॉर्ड्स और इंटरनेट ब्राउजिंग हिस्ट्री को खंगाल रही हैं ताकि यह पता चल सके कि इनका असली हैंडलर कौन है।

आपकी सुरक्षा अब आपके हाथ में

गोलमुरी में हुई यह कार्रवाई एक बड़ी चेतावनी है। रिहायशी इलाकों में वर्षों से रह रहे संदिग्धों का पकड़ा जाना यह याद दिलाता है कि हमें अपने आस-पास रहने वाले अजनबियों के प्रति सतर्क रहना होगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।