Bodam Theft: इंडिगो कार से मवेशी चोरी, बोड़ाम पुलिस ने 'ताजनगर' के शातिर चोर को दबोचा, गाय बरामद, गिरोह का पर्दाफाश
जमशेदपुर के बोड़ाम में लग्जरी कार से मवेशी चोरी करने वाले हाई-टेक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। कपाली के ताजनगर से पकड़े गए आरोपी अब्दुल कादिर और चोरी की गाय बरामदगी की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी ग्रामीण इलाकों में सक्रिय इस शातिर 'इंडिगो गैंग' के अगले शिकार की कहानी से अनजान रह जाएंगे।
जमशेदपुर/बोड़ाम, 15 जनवरी 2026 – लौहनगरी से सटे ग्रामीण इलाके बोड़ाम में पिछले कुछ दिनों से पशुपालकों की रातों की नींद हराम करने वाले 'मवेशी चोर गिरोह' का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बोड़ाम थाना पुलिस ने एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर न केवल चोरी की गई गाय बरामद की है, बल्कि उस लग्जरी कार को भी जब्त कर लिया है जिसका इस्तेमाल मवेशियों को ढोने के लिए किया जाता था। पकड़े गए आरोपी की पहचान चांडिल (कपाली ओपी) के ताजनगर निवासी अब्दुल कादिर के रूप में हुई है। इस गिरोह के पकड़े जाने से क्षेत्र के किसानों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि चोरी की इन घटनाओं ने कई परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा कर दिया था।
इंडिगो कार और 'साइलेंट' चोरी: कैसे दिया वारदात को अंजाम?
बोड़ाम थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था।
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घंटी खोलकर चोरी: 4 जनवरी की रात मिर्जाडीह निवासी जनार्दन घोष के घर जब चोर घुसे, तो उन्होंने सबसे पहले गायों के गले में बंधी घंटी खोल दी ताकि कोई आवाज न हो।
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कार का इस्तेमाल: चोरों ने मवेशियों को ले जाने के लिए टाटा इंडिगो कार (JH 05 AL 6613) का इस्तेमाल किया। आमतौर पर मवेशी चोरी के लिए पिकअप वैन का प्रयोग होता है, लेकिन पुलिस को चकमा देने के लिए यह गिरोह कार का उपयोग कर रहा था।
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आजीविका पर वार: पीड़ित जनार्दन घोष ने बताया कि उनकी दो गायें ही उनके परिवार के भोजन और कमाई का एकमात्र जरिया थीं। चोरों ने बछड़ों को छोड़ दिया और दूध देने वाली गायों को उठा ले गए।
पुलिस की दबिश: ताजनगर से पकड़ा गया मास्टरमाइंड
लगातार हो रही शिकायतों के बाद बोड़ाम पुलिस ने जाल बिछाया।
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सीसीटीवी और सुराग: पुलिस ने मिर्जाडीह और बोड़ाम बाजार के रास्तों पर संदिग्ध वाहनों की जांच की। इंडिगो कार की आवाजाही पर शक गहराया।
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सफल छापेमारी: बुधवार को पुलिस ने कपाली के ताजनगर में छापेमारी कर अब्दुल कादिर को दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर एक गाय सकुशल बरामद कर ली गई है।
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बाकी साथी फरार: पुलिस के अनुसार इस गिरोह में 4 से 5 लोग शामिल हैं। फरार आरोपियों और शेष 2 गायों व बछड़े की तलाश में छापेमारी जारी है।
बोड़ाम मवेशी चोरी कांड: मुख्य विवरण (Arrest Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| गिरफ्तार आरोपी | अब्दुल कादिर (ताजनगर, कपाली) |
| जब्त वाहन | टाटा इंडिगो कार (JH 05 AL 6613) |
| बरामदगी | 01 गाय (मिर्जाडीह से चोरी हुई) |
| वारदात की तारीख | 2 और 4 जनवरी 2026 |
| थाना प्रभारी | मनोरंजन कुमार (बोड़ाम थाना) |
इतिहास का पन्ना: बोड़ाम का 'पशुधन' और पुराने गिरोहों का आतंक
बोड़ाम और पटमदा का इलाका ऐतिहासिक रूप से कृषि और पशुपालन के लिए जाना जाता है। 19वीं शताब्दी के दौरान दलमा की तलहटी में बसे ये गांव बंगाल और झारखंड के बीच मवेशियों के व्यापार का मुख्य मार्ग थे। इतिहास गवाह है कि मवेशी चोरी यहाँ हमेशा से एक गंभीर समस्या रही है। साल 2015 और 2019 में भी बोड़ाम में 'ट्रक गिरोह' सक्रिय हुआ था जो रातों-रात दर्जनों मवेशी सीमा पार ले जाता था। लेकिन 2026 की इस घटना ने एक नया और चौंकाने वाला तरीका दिखाया है—लग्जरी कारों का उपयोग। पहले चोर पैदल या ट्रकों में मवेशी ले जाते थे, लेकिन अब कारों का उपयोग पुलिस की गश्ती को धोखा देने के लिए किया जा रहा है, जो अपराध के बदलते स्वरूप को दर्शाता है।
पीड़ित का दर्द: "अब क्या खाएगा परिवार?"
मिर्जाडीह के जनार्दन घोष की कहानी सुनकर हर किसी की आंखें नम हैं। उन्होंने बताया कि रात 3 बजे जब उन्हें गाड़ी की आवाज सुनाई दी, वे तुरंत बाहर भागे, लेकिन तब तक अपराधी आंखों से ओझल हो चुके थे। गोहाल (गौशाला) में जाकर देखा तो उनकी बेशकीमती गायें गायब थीं और छोटे बछड़े मां के बिना तड़प रहे थे। जनार्दन के लिए ये केवल जानवर नहीं, बल्कि उनके घर का 'अन्नदाता' थे। पुलिस की इस कार्रवाई से उन्हें अपनी एक गाय वापस मिल गई है, जिससे परिवार में उम्मीद की किरण जगी है।
अपराधियों पर पुलिस का कड़ा प्रहार
अब्दुल कादिर की गिरफ्तारी बोड़ाम पुलिस की एक बड़ी कामयाबी है। गुरुवार को उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उन ठिकानों का पता लगा रही है जहाँ ये चोर चोरी किए गए मवेशियों को बेचते थे।
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