Barigora Accident: बड़ा हादसा, जमशेदपुर में बस ड्राइवर की भयानक भूल, ढलान पर पीछे लुढ़की बस, कुचलने से मासूम छात्रा की मौत
जमशेदपुर के बारीगोड़ा फाटक पर बस ड्राइवर की एक छोटी सी लापरवाही ने 15 साल की अंजलि की जान ले ली है। बिना हैंड ब्रेक लगाए बस छोड़कर उतरने और ढलान पर मौत बनकर पीछे दौड़ी बस की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी सड़कों पर छिपे इस 'इंसानी लापरवाही' के खतरे को कभी नहीं समझ पाएंगे।
जमशेदपुर/परसुडीह, 5 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में सोमवार की सुबह एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे शहर को आक्रोश से भर दिया है। सुबह करीब 11:00 बजे बारीगोड़ा फाटक के पास एक बस चालक की अक्षम्य लापरवाही ने राहरगोड़ा निवासी 15 वर्षीय अंजलि कुमारी ठाकुर की जान ले ली। यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं थी, बल्कि एक ऐसी मौत थी जिसे टाला जा सकता था। फाटक बंद होने के इंतजार में अपनी स्कूटी पर खड़ी मासूम अंजलि को क्या पता था कि उसके आगे खड़ी बस ही उसके लिए 'काल' बनकर पीछे आएगी।
लापरवाही की इंतहा: बिना हैंड ब्रेक के बस छोड़ भागा ड्राइवर
चश्मदीदों के अनुसार, यात्री बस (संख्या JH05Y-7464) राहरगोड़ा से साकची की ओर जा रही थी। बारीगोड़ा फाटक बंद होने के कारण वहां वाहनों की कतार लगी थी।
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ढलान पर खूनी खेल: बस भी कतार में खड़ी थी। बस चालक ने इंजन बंद किया और बिना हैंड ब्रेक लगाए बस से नीचे उतर गया।
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पीछे लुढ़की मौत: चूँकि वहां सड़क ढलान पर थी, ड्राइवर के उतरते ही भारी-भरकम बस पीछे की ओर लुढ़कने लगी।
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कुचल गई अंजलि: बस के ठीक पीछे अंजलि अपनी स्कूटी पर खड़ी थी। उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला और बस उसे रौंदते हुए ऊपर चढ़ गई। अंजलि की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
रणक्षेत्र बना बारीगोड़ा: रेलवे ट्रैक और सड़क दोनों जाम
हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
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आक्रोशित भीड़: देखते ही देखते सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। लोगों ने अंजलि के शव के साथ बारीगोड़ा फाटक और मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया।
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रेल चक्का जाम: गुस्सा इतना ज्यादा था कि लोगों ने रेलवे ट्रैक पर भी धरना दे दिया, जिससे ट्रेनों का परिचालन और सड़क यातायात दोनों पूरी तरह ठप हो गए।
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पुलिस का संघर्ष: सूचना मिलते ही परसुडीह पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन लोग दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। खबर लिखे जाने तक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
बारीगोड़ा बस हादसा: मुख्य विवरण (Incident Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| मृतिका | अंजलि कुमारी ठाकुर (15 वर्ष) |
| स्थान | बारीगोड़ा फाटक, परसुडीह |
| बस संख्या | JH05Y-7464 (राहरगोड़ा-साकची रूट) |
| वजह | बिना हैंड ब्रेक के ढलान पर बस छोड़ना |
| वर्तमान स्थिति | सड़क और रेलवे ट्रैक जाम, भारी तनाव |
इतिहास और भूगोल: बारीगोड़ा फाटक और 'मौत का पॉइंट'
बारीगोड़ा फाटक और राहरगोड़ा का यह इलाका जमशेदपुर के सबसे व्यस्त और खतरनाक 'बॉटलनेक' (संकरा मार्ग) में से एक माना जाता है। ऐतिहासिक रूप से, इस फाटक पर घंटों जाम लगना आम बात है, लेकिन यहाँ की भौगोलिक संरचना (ढलान वाली सड़क) इसे और भी खतरनाक बनाती है। पिछले 5 वर्षों में इस विशेष ढलान पर 'रोलिंग व्हीकल' (पीछे लुढ़कते वाहन) के कारण कई छोटी-मोटी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अंजलि की मौत ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ ट्रैफिक पुलिस की अनुपस्थिति और कमर्शियल ड्राइवरों की मनमानी ने इस जगह को 'डेथ जोन' बना दिया है।
ड्राइवर फरार, यात्रियों में खौफ
बस चालक की इस हरकत ने न केवल अंजलि की जान ली, बल्कि बस में सवार यात्रियों की जान को भी जोखिम में डाल दिया था।
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पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और फरार ड्राइवर की तलाश में छापेमारी कर रही है।
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मुआवजे की मांग: मृतक अंजलि के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक प्रशासन ठोस आश्वासन और बस मालिक पर कड़ी कार्रवाई नहीं करता, जाम नहीं हटेगा।
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ट्रैफिक अलर्ट: प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बारीगोड़ा मार्ग की जगह वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें, क्योंकि जाम के कारण हजारों लोग फंसे हुए हैं।
सिस्टम की ढलान पर किसका ब्रेक?
अंजलि की मौत एक बड़ा सवाल छोड़ गई है—क्या सार्वजनिक परिवहन के ड्राइवरों की ट्रेनिंग और जिम्मेदारी पर किसी का नियंत्रण है? एक हैंड ब्रेक न लगाना महज भूल नहीं, बल्कि हत्या के बराबर है। बारीगोड़ा का यह खून प्रशासन को जगाने के लिए काफी होना चाहिए।
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