Hazaribagh Mystery: हजारीबाग में बच्चा चोरी का निकला झूठा ड्रामा, गरीबी के कारण मां ने ही अपने जिगर के टुकड़े को बेचा, पुलिस की सख्ती से खुला रोंगटे खड़े करने वाला राज
हजारीबाग के बहिमर गांव में बच्चा चोरी की अफवाह के पीछे छिपी गरीबी और मजबूरी की पूरी कड़वी सच्चाई यहाँ मौजूद है। पांच बच्चों की मां द्वारा नवजात को बेचने और समाज को गुमराह करने की इस सनसनीखेज रिपोर्ट को विस्तार से पढ़िए वरना आप झारखंड के ग्रामीण अंचलों में पनप रही इस खतरनाक साजिश और पुलिस की बड़ी कार्रवाई को जानने से चूक जाएंगे।
हजारीबाग, 27 जनवरी 2026 – झारखंड के हजारीबाग जिले में गणतंत्र दिवस की खुशियों के बीच एक ऐसी खबर ने सनसनी फैला दी, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए। बहिमर गांव में एक नवजात बच्चे की चोरी की खबर आग की तरह फैली, जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लेकिन जैसे ही पुलिस ने इस 'किडनैपिंग' की गुत्थी सुलझाने के लिए गहराई से जांच की, तो एक ऐसा सच सामने आया जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। जिसे दुनिया बच्चा चोरी समझ रही थी, वह दरअसल गरीबी से मजबूर एक मां की अपनी संतान को बेचने की खौफनाक साजिश थी।
साजिश का पर्दाफाश: चोरी नहीं, सौदा हुआ था
बहिमर निवासी बेबी देवी ने 24 जनवरी 2026 को एक बच्चे को जन्म दिया था। 26 जनवरी को अचानक बच्चे के गायब होने की सूचना दी गई।
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झूठी कहानी: लोक-लाज और समाज में बदनामी के डर से परिवार ने बच्चा चोरी का शोर मचाया।
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पुलिस की सख्ती: जब पुलिस ने बेबी देवी से कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गई और उसने रोते हुए सारा सच उगल दिया।
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मजबूरी की दलील: बेबी देवी ने बताया कि उसके पास पहले से ही 5 बच्चे हैं। भीषण गरीबी के कारण वह छठे बच्चे का पालन-पोषण करने में पूरी तरह असमर्थ थी, इसलिए उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
चौपारण से गिरफ्तारी: सहेली और रिश्तेदार का नेटवर्क
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।
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बिचौलिया सहेली: बेबी देवी ने अपनी सहेली देवंती देवी के माध्यम से अपने ही एक रिश्तेदार मीना देवी उर्फ मालती देवी से संपर्क किया था।
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बच्चे की बरामदगी: पुलिस ने चौपारण में छापेमारी कर मीना देवी को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से नवजात को सुरक्षित बरामद किया।
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मां को सौंपा बच्चा: कानूनी औपचारिकताओं के बाद बच्चे को वापस उसकी मां बेबी देवी को सौंप दिया गया है, हालांकि पुलिस अब उन पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में है।
हजारीबाग 'फेक' किडनैपिंग केस: मुख्य तथ्य (Key Facts)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Statistics) |
| घटना का स्थान | बहिमर गांव, हजारीबाग |
| आरोपी मां | बेबी देवी (5 बच्चों की मां) |
| बच्चे की बरामदगी | चौपारण (रिश्तेदार के पास से) |
| साजिश का कारण | अत्यधिक गरीबी और सामाजिक डर |
| पुलिस कार्रवाई | मालती देवी गिरफ्तार, सहेली से पूछताछ जारी |
तनावपूर्ण माहौल और पुलिस की चुनौती
बच्चा चोरी की झूठी खबर ने पूरे इलाके को हिंसा की कगार पर खड़ा कर दिया था। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया था, जिससे घंटों यातायात बाधित रहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे अब उन लोगों की पहचान कर रहे हैं जिन्होंने:
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झूठी अफवाह फैलाई: सोशल मीडिया और गांव में माहौल बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई होगी।
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सड़क जाम किया: सरकारी काम में बाधा डालने और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।
समाज के लिए एक चेतावनी
हजारीबाग का यह मामला केवल एक पुलिस केस नहीं, बल्कि हमारे समाज के खोखलेपन की कहानी है। जहाँ एक ओर हम गणतंत्र का जश्न मना रहे थे, वहीं दूसरी ओर गरीबी एक मां से उसका बच्चा छीन रही थी। पुलिस की मुस्तैदी ने बच्चे को तो बचा लिया, लेकिन गरीबी के इस दानव का अंत होना अभी बाकी है।
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