Godda Brutality: गोड्डा में पोतों के सामने पत्नी की बेरहमी से हत्या, मुंह में कपड़ा ठूंस गड़ासे से किया वार
गोड्डा के मेहरमा में नशेड़ी पति ने मासूम पोतों के सामने पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। रूह कंपा देने वाली इस वारदात और फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
गोड्डा/झारखंड, 08 मई 2026 – झारखंड के गोड्डा जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। मेहरमा प्रखंड के सुरनी पंचायत अंतर्गत घासीचक गांव में एक 'कलियुगी' पति ने शराब के नशे में अपनी ही जीवनसंगिनी की बलि ले ली। यह घटना महज एक हत्या नहीं, बल्कि क्रूरता की पराकाष्ठा है, जहाँ मासूम बच्चों की आंखों के सामने उनकी दादी को लहूलुहान कर दिया गया। इस खौफनाक मंजर के बाद पूरे इलाके में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है।
वारदात की दास्तां: मासूम 'लव-कुश' के सामने बहा खून
घासीचक गांव के 60 वर्षीय किशन दास को शराब की ऐसी लत थी कि उसने अपने घर को ही श्मशान बना दिया।
-
साजिश और हमला: गुरुवार की रात 55 वर्षीय रूबी देवी अपने दो छोटे पोतों, लव और कुश के साथ सो रही थीं। आरोप है कि नशे में धुत किशन दास कमरे में दाखिल हुआ। उसने पहले अपनी पत्नी के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया ताकि वह चिल्ला न सके और फिर धारदार गड़ासे से उन पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए।
-
बच्चों की चीखें: अपनी आंखों के सामने दादी पर होते हमले को देख मासूम लव और कुश चीखने लगे। बच्चों की आवाज सुनकर जब तक ग्रामीण मौके पर पहुँचते, तब तक आरोपी ने रूबी देवी को मरणासन्न कर दिया था और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
-
अस्पताल में तोड़ा दम: घायल महिला को तुरंत स्थानीय अस्पताल और फिर सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
गांव में उबाल: आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
-
हथियार बरामद: मेहरमा थाना प्रभारी सौरभ कुमार ठाकुर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना गड़ासा बरामद कर लिया है।
-
फरार हत्यारा: आरोपी किशन दास की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि ऐसे क्रूर हत्यारे को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
अपनों से ही खतरा: आखिर क्यों उजड़ रहे हैं घर?
घासीचक की यह घटना सोचने पर मजबूर करती है कि क्या घर की चारदीवारी भी अब सुरक्षित नहीं है?
-
घरेलू विवाद की भेंट: महज एक मामूली विवाद और नशे की झोंक में 35-40 साल का साथ एक पल में खत्म हो गया।
-
ग्रामीण सुरक्षा: ग्रामीणों का कहना है कि नशे के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है और पुलिस को शराब की अवैध भट्टियों पर लगाम लगानी चाहिए।
गोड्डा की यह हृदयविदारक घटना शराब के घातक परिणामों का जीता-जागता उदाहरण है। रूबी देवी की मौत ने दो पोतों के सिर से दादी का साया हमेशा के लिए छीन लिया है। मेहरमा पुलिस के लिए किशन दास की गिरफ्तारी अब प्राथमिकता है, ताकि कानून का खौफ कायम हो सके। समाज को भी जागना होगा, वरना नशे की यह आग और भी कई हंसते-खेलते परिवारों को अपनी चपेट में ले लेगी।
What's Your Reaction?


