Giridih Raid: गिरिडीह पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक, तीन शातिर साइबर ठग दबोचे गए, बरामद हुए मोबाइल और सिम कार्ड
गिरिडीह पुलिस ने एक गुप्त ऑपरेशन में आशीष, रंजीत और रामेश्वर नामक तीन खतरनाक साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। पपरवाटांड़ पुलिस लाइन में हुए इस बड़े खुलासे और ठगों के पास से मिले 'डिजिटल हथियारों' की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप झारखंड के इस बढ़ते साइबर जाल के काले सच से अनजान रह जाएंगे।
गिरिडीह/पपरवाटांड़, 17 फरवरी 2026 – झारखंड का गिरिडीह जिला, जो कभी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पारसनाथ पहाड़ियों के लिए जाना जाता था, आज 'साइबर क्राइम' के खिलाफ एक युद्ध का मैदान बन गया है। गिरिडीह पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ अपने अभियान को और अधिक आक्रामक बना दिया है। पुलिस कप्तान डॉ. बिमल कुमार के कड़े तेवर और सटीक रणनीति का नतीजा है कि पुलिस ने एक बार फिर शातिर साइबर अपराधियों के गिरोह को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया है। पपरवाटांड़ स्थित पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अधिकारियों ने साफ संदेश दिया—गिरिडीह की धरती अब ठगों के लिए सुरक्षित नहीं है।
एसपी का मास्टरप्लान: सीएसपी आबिद खान की टीम को मिली बड़ी जीत
साइबर अपराध की बढ़ती शिकायतों के बीच एसपी डॉ. बिमल कुमार ने एक विशेष टीम का गठन किया था।
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गुप्त सूचना और छापेमारी: सीएसपी (साइबर) आबिद खान के नेतृत्व में टीम ने तकनीक की मदद से ठगों की लोकेशन ट्रैक की। इसके बाद एक गुप्त ऑपरेशन को अंजाम देते हुए पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा।
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ठगों की पहचान: गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आशीष मंडल, रंजीत कुमार मंडल और रामेश्वर मंडल के रूप में हुई है। ये तीनों लंबे समय से डिजिटल ठगी के जरिए आम लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे थे।
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साजिश का तरीका: ये अपराधी फर्जी बैंक अधिकारी बनकर या ऑनलाइन रिवॉर्ड का लालच देकर लोगों को अपनी जाल में फंसाते थे।
डिजिटल हथियार जब्त: मोबाइल और सिम कार्ड का जखीरा
तलाशी के दौरान पुलिस को इन अपराधियों के पास से वे हथियार मिले हैं जिनसे ये लोगों को आर्थिक चोट पहुँचाते थे:
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04 स्मार्टफोन: इन फोन के जरिए वे फर्जी ऐप्स और फिशिंग लिंक का संचालन करते थे।
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05 एक्टिव सिम कार्ड: पुलिस जांच कर रही है कि ये सिम कार्ड किन फर्जी दस्तावेजों पर खरीदे गए थे।
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डेटा रिकवरी: पुलिस अब इन मोबाइलों का फॉरेंसिक डेटा निकाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने करोड़ों की ठगी की गई है।
गिरिडीह साइबर स्ट्राइक: मुख्य विवरण (Action Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| मुख्य अपराधी | आशीष मंडल, रंजीत कुमार मंडल, रामेश्वर मंडल |
| टीम लीडर | डॉ. बिमल कुमार (SP) और आबिद खान (CSP) |
| बरामदगी | 04 मोबाइल, 05 सिम कार्ड |
| स्थान | गिरिडीह (विभिन्न ठिकाने) |
| मिशन | साइबर मुक्त गिरिडीह अभियान |
आगे भी जारी रहेगा अभियान: पुलिस का सख्त अल्टीमेटम
प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस कप्तान ने स्पष्ट किया कि यह केवल शुरुआत है। पुलिस अब उन लोगों की भी पहचान कर रही है जो इन ठगों को फर्जी सिम कार्ड और बैंक खाते उपलब्ध कराते हैं। साइबर सेल को और अधिक आधुनिक बनाया जा रहा है ताकि अपराधियों के डिजिटल पदचिह्नों (Digital Footprints) को पल भर में पकड़ा जा सके।
जनता की सुरक्षा पहली प्राथमिकता
गिरिडीह पुलिस की इस कार्रवाई ने साइबर अपराधियों के बीच खौफ पैदा कर दिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें। फिलहाल, तीनों अपराधियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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