Giridih Drug Bust: माथडीह में छापेमारी, 10 किलो गांजा बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार

पचम्बा थाना क्षेत्र में पुलिस ने माथडीह गांव में छापा, 10 किलो गांजा बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार, पूछताछ में जुटी पुलिस - गिरिडीह पुलिस की बड़ी कार्रवाई।

Apr 24, 2026 - 20:10
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Giridih Drug Bust: माथडीह में छापेमारी, 10 किलो गांजा बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार
Giridih Drug Bust: माथडीह में छापेमारी, 10 किलो गांजा बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार

Giridih Big Action: गिरिडीह के पचम्बा थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 किलो गांजा के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर की गई। अभियान का नेतृत्व उपाधीक्षक कौसर अली और पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने किया।

माथडीह में पहली छापेमारी, पांच किलो गांजा बरामद

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि माथडीह गांव में गांजा की खरीद-बिक्री चल रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत छापेमारी की। इस दौरान शिव शंकर साहू और हरि शंकर राम को पकड़ा गया। दोनों की तलाशी लेने पर उनके पास से पांच किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सामने आए दो और तस्कर

गिरफ्तारी के बाद जब दोनों आरोपितों से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने जमुआ थाना क्षेत्र के पेटहंडी गांव निवासी महेंद्र यादव और चित्रडीह निवासी कमलेश सिंह का नाम बताया। ये दोनों भी इस गांजा तस्करी नेटवर्क का हिस्सा थे।

दूसरे ठिकानों पर छापा, पांच किलो और गांजा बरामद

पुलिस ने दोनों तस्करों के संभावित ठिकानों पर भी छापेमारी की। पेटहंडी गांव और चित्रडीह में दबिश दी गई। वहां से भी पांच किलो गांजा बरामद किया गया। इस तरकीब से कुल मिलाकर 10 किलो गांजा जब्त किया गया। चारों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया।

कौन हैं गिरफ्तार चारों तस्कर?

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हुई है:

  • शिव शंकर साहू (अलकापुरी, कृष्णा नगर, पचम्बा)

  • हरि शंकर राम (अलकापुरी, कृष्णा नगर, पचम्बा)

  • महेंद्र यादव (पेटहंडी गांव, जमुआ थाना)

  • कमलेश सिंह (चित्रडीह, जमुआ थाना क्षेत्र)

सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

गिरिडीह क्यों बना नशा तस्करी का केंद्र?

गिरिडीह जिला अपनी पत्थर खदानों और ग्रेनाइट उद्योग के लिए जाना जाता है। यहाँ बड़ी संख्या में बिहार और पश्चिम बंगाल से मजदूर आते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह इलाका अवैध शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी का हॉटबेड बनता जा रहा है। पचम्बा और जमुआ थाना क्षेत्रों के जंगली इलाकों का फायदा उठाकर तस्कर बड़ी मात्रा में नशा लाकर यहाँ सप्लाई करते हैं। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन तस्कर हर बार नए तरीके अपना लेते हैं।

अब पुलिस पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी

पुलिस सिर्फ हाथ धरकर गिरफ्तार करने तक ही सीमित नहीं है। अब वे यह पता लगाने में जुटी हैं कि:

  • इन तस्करों तक गांजा कहाँ से आता था?

  • यह सप्लाई चेन में किस-किस का हाथ है?

  • क्या इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हैं?

  • क्या पड़ोसी राज्यों से भी गांजा यहाँ लाया जा रहा था?

पुलिस उपाधीक्षक कौसर अली ने नेतृत्व पूछताछ की है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस पूछताछ में कई और नाम सामने आ सकते हैं।

एसपी डॉ. विमल कुमार का नशे के खिलाफ सख्त रुख

जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। उनके निर्देशानुसार पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। डॉ. विमल कुमार ने साफ कहा है कि नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

स्थानीय लोगों में राहत, लेकिन डर भी

पचम्बा और आसपास के ग्रामीणों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। लेकिन उन्हें अब भी डर है कि कहीं यह तस्करी पूरी तरह बंद न हो। उनका कहना है कि अक्सर पुलिस के छापे के बाद गांजा तस्कर कुछ समय के लिए दुबक जाते हैं, और फिर से सक्रिय हो जाते हैं। इस बार पुलिस को पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना चाहिए ताकि यह हमेशा के लिए बंद हो।

आगे की कानूनी कार्रवाई जारी

पुलिस ने सभी चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस  एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इस एक्ट में गांजा तस्करी के लिए सख्त सजा का प्रावधान है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही इस नेटवर्क के बड़े सरगनाओं तक पुलिस पहुंच जाएगी।

अब क्या होगा?

पुलिस इस मामले में और गहराई से जांच कर रही है। आसपास के जिलों और राज्यों के तस्करों से संपर्क तलाशा जा रहा है। साथ ही, पुलिस ने जिले में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान शुरू करने का भी निर्णय लिया है, ताकि लोग तस्करों को बढ़ावा न दें।

आपकी राय क्या है – क्या गांजा तस्करों को एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए? कमेंट में बताएं।
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अपडेट के लिए बने रहें।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।