Chaibasa Narrow Escape: तेज रफ्तार कार घाटी में गिरी, थोड़ा और नीचे होता तो बड़ी तबाही
किरीबुरू-बेस कैंप मार्ग पर तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर घाटी में गिरी, घायलों को मामूली चोटें, थोड़ा आगे होता तो बड़ा हादसा, पुलिस जांच में जुटी।
Chaibasa Valley Horror: झारखंड-ओडिशा सीमांत क्षेत्र के बोलानी थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते बचा। किरीबुरू से बेस कैंप जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर घाटी में जा गिरी। गनीमत रही कि कार में सवार लोगों को मामूली चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि अगर कार थोड़ा और नीचे गिरती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
तेज रफ्तार में चालक ने खोया नियंत्रण
जानकारी के अनुसार, ओडी02एके 7682 नंबर की कार तेज रफ्तार में किरीबुरू से बेस कैंप की ओर जा रही थी। घाटी क्षेत्र में पहुँचते ही अचानक चालक का वाहन पर से नियंत्रण छूट गया। कार सड़क से नीचे घाटी में जा गिरी। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन सवार लोग बाल-बाल बच गए।
थोड़ा और नीचे होता तो नहीं बचते
घटना के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों की मदद की और प्राथमिक उपचार दिलाया। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया, "कार बस एक पेड़ के सहारे रुक गई। अगर वह पेड़ न होता या कार थोड़ा और नीचे लुढ़क जाती, तो सबकी जान जा सकती थी।" सभी घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
ओडिशा पुलिस मौके पर पहुंची, बचाव कार्य जारी
सूचना मिलते ही ओडिशा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को घाटी से बाहर निकालने की प्रक्रिया भी जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। सड़क की खराब स्थिति भी इसका एक कारण हो सकती है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे, अब तक नहीं हुआ सुधार
स्थानीय लोगों का कहना है कि किरीबुरू-बेस कैंप मार्ग पर यह पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में कई वाहन इसी घाटी में गिर चुके हैं। कई बार जानें भी गई हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। सड़क के किनारे न तो पर्याप्त बैरियर हैं, न ही चेतावनी संकेत। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुए, तो बड़ा हादसा होना तय है।
स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेत की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है। उनकी मांगों में शामिल है:
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घाटी क्षेत्र में मजबूत बैरियर लगाना
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सड़क किनारे चेतावनी संकेत बोर्ड लगाना
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खतरनाक मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर बनाना
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सड़क की मरम्मत और चौड़ीकरण
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रात में प्रकाश की व्यवस्था
स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर यह मांग जल्द पूरी नहीं हुई, तो वे सड़क जाम करने पर मजबूर हो जाएंगे।
तेज रफ्तार ही हादसों की मुख्य वजह
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि तेज रफ्तार ही इस हादसे का मुख्य कारण था। चालक ने घाटी के मोड़ पर वाहन को कंट्रोल नहीं किया। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों में अधिकतम गति 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा ही होनी चाहिए। लेकिन अधिकतर चालक इस नियम का पालन नहीं करते।
अब क्या होगा?
ओडिशा पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि वास्तव में चालक ने नियंत्रण क्यों खोया। घायलों को उचित इलाज दिलाया जा रहा है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह स्थानीय लोगों की मांगों पर जल्द कार्रवाई करेगा, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
आपकी राय क्या है – क्या घाटी क्षेत्रों में हर खतरनाक मोड़ पर मजबूत बैरियर अनिवार्य होने चाहिए? कमेंट में बताएं।
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अपडेट के लिए बने रहें।
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