Dumka Witch Murder: पिता नहीं बन पाया तो पड़ोसी ने विधवा पर लगाया डायन का झूठा आरोप, लाठी से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट
डुमरसोल गांव में पिता न बन पाने का गुस्सा, पड़ोसी युवक ने 55 साल की विधवा को डायन मानकर लाठी से पीटकर मार डाला, आरोपी गिरफ्तार।
Dumka Shocker: दुमका जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के डुमरसोल गांव में सोमवार देर शाम डायन-बिसाही (अंधविश्वास) से जुड़ी एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। पिता नहीं बन पाने से नाराज एक युवक ने 55 साल की विधवा महिला को डायन मानकर लाठी से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।
10 साल में नहीं बन पाया पिता, पत्नी ने छोड़ा साथ
आरोपी मुंशी टुडू की शादी 10 साल पहले हुई थी। उसकी पत्नी ने शादी के तीन साल बाद ही उसे छोड़ दिया क्योंकि वह पिता नहीं बन पा रहा था। उसी दौरान पिछले साल उसके पिता की भी मौत हो गई। उसने अपनी जिंदगी की इन सभी असफलताओं के लिए पड़ोस में रहने वाली विधवा पक्कू हेंब्रम को दोषी ठहरा दिया। उसे लगता था कि महिला डायन है, जिसकी वजह से उसका पूरा परिवार तबाह हो गया।
टोकाटाकी ने बढ़ाया तनाव
मुंशी का आरोप था कि पक्कू हेंब्रम हर बात में उसे टोका करती थी। घर से निकलते ही वह उसके रास्ते में टोक देती थी। उसका कोई भी काम ठीक से नहीं हो पाता था। उसने कई बार उसे मना किया, लेकिन विधवा ने उसकी एक नहीं मानी। इसी तनाव ने मुंशी के मन में उसके प्रति घृणा पैदा कर दी।
घर में बुलाकर लकड़ी के डंडे से पीट-पीटकर मार डाला
सोमवार शाम मुंशी ने तय कर लिया कि अब उसे इस महिला को जान से मार देना है। उसने किसी बहाने से पक्कू हेंब्रम को अपने घर में बुलाया और फिर लकड़ी के डंडे से उस पर बेरहमी से वार किए। पिटाई इतनी भीषण थी कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मरने के बाद भी आरोपी ने हाथ नहीं रोका।
ग्रामीणों में डर और सवाल
घटना के बाद डुमरसोल गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीण डरे हुए हैं कि कहीं वे भी किसी के गुस्से का शिकार न बन जाएं। कुछ लोगों ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि डायन बिसाही जैसी कुप्रथाओं पर रोक लग सके। महिलाएं विशेष रूप से डरी हुई हैं क्योंकि अक्सर ऐसे मामलों में महिलाओं को ही निशाना बनाया जाता है।
थाना प्रभारी लॉरेंसिया केरकेट्टा ने बताया
थाना प्रभारी लॉरेंसिया केरकेट्टा ने बताया कि डायन के शक में ही मुंशी ने वृद्धा की हत्या कर दी। घटना की सूचना गांव के चौकीदार ने दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भागने की कोशिश कर रहे आरोपी मुंशी टुडू को धर दबोचा। हत्या में प्रयुक्त लकड़ी के डंडे को भी बरामद कर लिया गया है।
मृतका की बेटी के बयान पर दर्ज हुआ केस
मृतका की बेटी मकलू हांसदा के बयान पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मंगलवार सुबह न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि वह यह भी जांच करेगी कि क्या इस मामले में और किसी की मिलीभगत थी।
क्या कहता है कानून?
भारत में डायन-बिसाही के नाम पर किसी पर जुल्म या हत्या करना अपराध है। 1857 के भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 और विचक्राफ्ट (डायन) प्रथा निवारण अधिनियम – 2001 के तहत यह दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों में लोग पिछड़ी मानसिकता के शिकार बने हुए हैं। इस हत्या ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कानून बन जाने भर से कुप्रथाएं खत्म नहीं होती हैं, जन जागरूकता और कड़ी सजा की सख्त जरूरत है।
आपकी राय क्या है – क्या डायन बिसाही जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ पुलिस को गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाना चाहिए? कमेंट में बताएं।
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