Giridih Sharp Murder: चदरा पुल पर देर रात धारदार हथियार से हमला, मरने से पहले पीड़ित ने बताए हमलावरों के नाम
पचम्बा के चदरा पुल के पास रात 1 बजे तौफीक अंसारी की धारदार हथियार से हत्या, मरने से पहले पीड़ित ने बताए आरोपियों के नाम, दोनों पक्षों का आपराधिक इतिहास।
Giridih Shocker: गिरिडीह शहर के पचम्बा थाना क्षेत्र में 24 वर्षीय तौफीक अंसारी की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना आजाद नगर स्थित चदरा पुल के पास सोमवार देर रात करीब एक बजे हुई। मरने से पहले पीड़ित ने हमलावरों के नाम बता दिए।
मिलने के बहाने बुलाया, फिर बेरहमी से मार डाला
मृतक के दोस्त अखलाख ने बताया कि रात करीब 12 बजे तौफीक को उसके परिचित आसिफ अली का फोन आया। उसने मिलने के लिए बुलाया। तौफीक अपने दोस्तों के साथ चदरा पुल पहुंचा, जहां पहले से आसिफ अली, बंटी टायसन, साकिब अली, मोनू पठान और अरशद मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि वहां पहले गाली-गलौज हुई और फिर अचानक आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के दौरान तौफीक गिर पड़ा और हमलावरों ने उसे घेरकर बेरहमी से मार डाला।
मरने से पहले दर्ज हुआ बयान, वीडियो भी किया गया रिकॉर्ड
घटना के बाद जब परिजन मौके पर पहुंचे, तब तौफीक गंभीर हालत में था और अभी उसकी मौत नहीं हुई थी। परिजनों का दावा है कि मरने से पहले उसने हमलावरों के नाम बताए। इस बयान का एक वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड भी किया गया है। यह वीडियो अब पुलिस जांच में अहम सबूत माना जा रहा है।
पीड़ित और आरोपी दोनों रहे हैं आपराधिक रिकॉर्ड में
पुलिस के अनुसार, मृतक तौफीक अंसारी पहले से एक हत्या मामले में आरोपी रह चुका था और हाल ही में जेल से बाहर आया था। वह किराये का वाहन चलाकर अपना जीवनयापन करता था। वहीं, जिन लोगों पर हत्या का आरोप है (आसिफ अली और उसके साथी), उनका भी आपराधिक इतिहास रहा है। प्रारंभिक जांच में घटना को आपसी रंजिश का परिणाम माना जा रहा है।
गिरिडीह के चदरा पुल का अपराधिक कोना
गिरिडीह शहर का चदरा पुल (पुल) इलाका आजाद नगर के पास स्थित है। यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है और पिछले कुछ वर्षों में यहाँ छोटी-बड़ी अपराधिक घटनाएं बढ़ी हैं। चदरा पुल के आसपास कई ऐसे युवा रहते हैं जो गिरोह बनाकर इलाके में अपना दबदबा बनाने की कोशिश करते हैं। ऐतिहासिक रूप से, गिरिडीह अपनी पत्थर खदानों, ग्रेनाइट उद्योग और नशे के कारोबार के लिए जाना जाता है। पिछले कुछ सालों में रंजिश के कारण हुई हत्याओं की घटनाएं भी बढ़ी हैं। चदरा पुल इन्हीं हॉटस्पॉट में से एक है।
हमलावर गिरोह के सदस्य फरार
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सभी आरोपी – आसिफ अली, बंटी टायसन, साकिब अली, मोनू पठान और अरशद – फरार हैं। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
परिवार में कोहराम, जल्द गिरफ्तारी की मांग
तौफीक की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। परिजनों का कहना है कि तौफीक एक साधारण वाहन चालक था और उसका किसी से कोई झगड़ा नहीं था। उसकी पिछली कानूनी स्थिति के बारे में वह कुछ नहीं जानते थे।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
पुलिस ने तौफीक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चलेगा। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पीड़ित की ‘डाइंग डिक्लेरेशन’ (मरने से पहले दिया गया बयान) और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा हो जाएगा।
आपकी राय क्या है – क्या मरने से पहले दिए गए बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) और वीडियो कोर्ट में पर्याप्त सबूत माना जाना चाहिए? कमेंट में बताएं।
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