Chatra Terror: टंडवा में टीएसपीसी उग्रवादियों का तांडव, दो साइटों पर फायरिंग और मजदूरों की पिटाई, लेवी के लिए छोड़े तीन मोबाइल नंबर
चतरा के टंडवा में प्रतिबंधित संगठन टीएसपीसी द्वारा निर्माणाधीन साइटों पर की गई गोलीबारी और मजदूरों के साथ मारपीट की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। एसपी सुमित अग्रवाल की मौके पर मौजूदगी और उग्रवादियों द्वारा छोड़े गए मोबाइल नंबरों का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप इस बड़ी खबर की जानकारी से चूक जाएंगे।
चतरा, 4 फरवरी 2026 – झारखंड के चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र में मंगलवार की आधी रात को लेवी और रंगदारी के खूनी खेल ने एक बार फिर सिर उठाया है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी (TSPC) के नाम पर आए हथियारबंद अपराधियों ने विकास कार्यों को निशाना बनाते हुए दो अलग-अलग निर्माणाधीन साइटों पर जमकर उत्पात मचाया। उग्रवादियों ने न केवल मजदूरों के साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि इलाके में दहशत फैलाने के लिए तीन राउंड फायरिंग भी की। इस घटना के बाद से टंडवा के विकास कार्यों पर ब्रेक लगने का खतरा मंडराने लगा है। मजदूरों में इस कदर खौफ है कि कई लोग काम छोड़ने का मन बना रहे हैं।
आधी रात का हमला: खधैया से गरवईया तक दहशत
सूत्रों के अनुसार, चेहरे पर नकाब बांधे और आधुनिक हथियारों से लैस पांच अपराधियों ने सिलसिलेवार तरीके से दो जगहों पर हमला बोला:
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पहला हमला (कबरा पुल): अपराधी सबसे पहले खधैया के कबरा पुल निर्माण साइट पर पहुँचे। यहाँ दहशत पैदा करने के लिए उन्होंने एक राउंड फायरिंग की और सो रहे मजदूरों को जगाकर उनके साथ मारपीट की। भागने से पहले उन्होंने वहां खड़ी एक मशीन में तोड़फोड़ कर उसे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
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दूसरा हमला (जल मीनार साइट): यहाँ से अपराधी सीधे गरवईया टोला पहुँचे, जहाँ जल मीनार का निर्माण कार्य चल रहा है। यहाँ भी अपराधियों ने दो राउंड फायरिंग की और मजदूरों को काम बंद करने की चेतावनी दी।
लेवी का नया 'सिंडिकेट': दे गए तीन मोबाइल नंबर
जांच में यह बात सामने आई है कि अपराधियों का मुख्य उद्देश्य ठेकेदार से मोटी लेवी वसूलना है। मजदूरों ने पुलिस को बताया कि अपराधी जाते-जाते तीन मोबाइल नंबर दे गए हैं। उन्होंने धमकी दी है कि ठेकेदार इन नंबरों पर बात कर लेवी पहुँचा दे, वरना अंजाम बुरा होगा और काम हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।
एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने संभाली कमान
घटना की सूचना मिलते ही चतरा एसपी सुमित कुमार अग्रवाल दलबल के साथ रात में ही मौके पर पहुँचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मजदूरों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। एसपी ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही वे सलाखों के पीछे होंगे।
टंडवा उग्रवादी हमला: मुख्य विवरण (Incident Summary)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| क्षेत्र | टंडवा थाना क्षेत्र, चतरा |
| कथित संगठन | टीएसपीसी (TSPC) |
| अपराधियों की संख्या | 05 (चेहरा ढके हुए) |
| फायरिंग | 03 राउंड (कुल) |
| नुकसान | मशीन में तोड़फोड़ और मजदूरों के साथ मारपीट |
| मांग | लेवी और रंगदारी |
मजदूरों का पलायन और सुरक्षा पर सवाल
मजदूरों का कहना है कि वे यहाँ रोजी-रोटी कमाने आए हैं, लेकिन गोलियों की गूँज के बीच काम करना मुमकिन नहीं है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण साइटों पर पुलिस पिकेट (Police Picket) की स्थापना की जाए ताकि ठेकेदार और मजदूर बिना किसी डर के काम कर सकें।
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
एसपी सुमित अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम उन तीन मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर रही है जो अपराधी छोड़कर गए हैं। यह हमला न केवल पुलिस की चौकसी को चुनौती है, बल्कि चतरा के ग्रामीण विकास के लिए भी एक बड़ा झटका है।
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