Chakulia Accident : चाकुलिया में वंदे भारत एक्सप्रेस की खौफनाक टक्कर, पेट्रोल पंप कर्मी की दर्दनाक मौत, परिवार में मातम
क्या आप जानते हैं कि चाकुलिया और कानीमहुली स्टेशनों के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस की टक्कर से संतोष दास की मौत कैसे हुई? गुरुवार रात को पेट्रोल पंप कर्मी संतोष अपने घर से काम के लिए क्यों निकला था? वंदे भारत ट्रेन की तेज रफ्तार ने कैसे छीन ली एक युवक की जान? जीआरपी पुलिस ने शुक्रवार सुबह शव को कैसे बरामद किया? पूरी जानकारी पढ़ें!
चाकुलिया, 31 अक्टूबर 2025 – झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां देश की सबसे आधुनिक ट्रेनों में से एक, वंदे भारत एक्सप्रेस की टक्कर ने एक परिवार की खुशियाँ छीन ली। चाकुलिया नगर पंचायत के कमारीगोड़ा निवासी संतोष दास (34) नामक एक युवक की गुरुवार की रात 20872 डाउन हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा चाकुलिया और कानीमहुली स्टेशनों के बीच हुआ। एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाले संतोष की अचानक हुई मौत ने न केवल पूरे कमारीगोड़ा इलाके को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि रेलवे ट्रैक के आस-पास सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
घर से काम के लिए निकला था युवक: ट्रेन की तेज रफ्तार ने किया हादसा
गुरुवार की रात संतोष दास अपने घर कमारीगोड़ा से पेट्रोल पंप पर अपने काम के लिए निकला था।
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दुर्घटना स्थल: यह हृदयविदारक घटना चाकुलिया और कानीमहुली स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर हुई। वंदे भारत एक्सप्रेस की रफ्तार और आधुनिक प्रकृति के कारण यह ट्रेन कम समय में अधिक दूरी तय करती है, और अक्सर ट्रैक के पास से गुजरने वाले लोगों को इसके आने का अंदाजा नहीं लग पाता है।
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मौके पर ही मौत: रात के अंधेरे में संतोष दास ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
सुबह जीआरपी ने बरामद किया शव: रेलवे ट्रैक की सुरक्षा पर चिंता
रात भर शव रेलवे ट्रैक के पास पड़ा रहा।
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सूचना और कार्रवाई: घटना की सूचना मिलने के बाद शुक्रवार की सुबह जीआरपी (सरकारी रेलवे पुलिस) मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेजवा दिया।
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परिवार में मातम: संतोष दास की मौत की खबर से कमारीगोड़ा गांव में मातम पसर गया है। एक जवान बेटे को खोने के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। संतोष घर का मुख्य कमाऊ सदस्य था।
भारतीय रेलवे के इतिहास में इस तरह के हादसे दुर्भाग्यपूर्ण होते हैं, खासकर जब कोई व्यक्ति पटरी पार करते समय अपनी जान गंवा देता है। वंदे भारत जैसी तेज रफ्तार ट्रेनों के लिए ट्रैक के आस-पास सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत पर यह हादसा एक बार फिर जोर देता है।
जीआरपी अब इस बात की जांच कर रही है कि युवक ट्रेन की चपेट में कैसे आया। यह आत्महत्या का मामला है या फिर ट्रैक पार करते समय हुई कोई दुर्घटना। पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा।
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