Chaisbasa BJP Rally : ChaiBasa में BJP की विशाल रैली! किसानों और हत्या मामले में उठाए तेज़ नारों के बीच हेमंत सरकार पर दबाव
चाईबासा में BJP ने स्व. सूर्य हंसदा की हत्या की CBI जांच और "रिसम-2" के तहत किसानों की जमीन छीने जाने के विरोध में विशाल आक्रोश रैली निकाली। जानें रैली की प्रमुख बातें और नेता क्या मांग रहे हैं।
11 सितम्बर 2025 को चाईबासा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने एक विशाल आक्रोश रैली का आयोजन किया। रैली में हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, किसान, युवा और महिलाएँ शामिल हुए।
रैली का मुख्य उद्देश्य स्वर्गीय सूर्य हंसदा की संदिग्ध हत्या की उच्च स्तरीय CBI जांच कराने की मांग करना और "रिसम-2" के नाम पर किसानों की भूमि छीने जाने का विरोध करना था। कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था में लगातार बिगड़ती स्थिति और अपराधों में बढ़ोतरी के लिए भी तीखा हमला किया।
रैली में उठी प्रमुख मांगें
रैली में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार से तीन मुख्य मांगें रखीं:
-
स्व. सूर्य हंसदा की हत्या की उच्च स्तरीय CBI जांच तुरंत कराई जाए।
-
"रिसम-2" योजना के तहत छीनी जा रही किसानों की जमीन की प्रक्रिया रोकी जाए और किसानों को उनकी भूमि वापस की जाए।
-
राज्य में बढ़ती हत्या, लूट, बलात्कार और अन्य अपराधों पर सरकार तत्काल कड़ा कदम उठाए।
भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी चरणबद्ध आंदोलन करते हुए गांव-गांव तक जनाक्रोश पहुँचाएगी।
रैली का दृश्य और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया
रैली में कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाज़ी की। कई जगहों पर "CBI जांच चाहिए", "किसानों की जमीन वापस करो" और "हेमंत सरकार जिम्मेदार है" जैसे नारे लगाए गए। कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग भी की।
स्थानीय लोगों और किसानों का कहना था कि यह रैली उनके हक और न्याय के लिए आवाज उठाने का महत्वपूर्ण अवसर है। किसानों का मानना है कि "रिसम-2" योजना के तहत उनकी जमीन छीने जाने की प्रक्रिया तुरंत रोकनी चाहिए।
राजनीतिक और सामाजिक असर
विशाल रैली ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़ा असर छोड़ा। BJP ने इसे राज्य सरकार पर दबाव बनाने का एक अवसर बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस रैली के बाद सरकार पर कानून-व्यवस्था और किसानों के हितों को लेकर गंभीर चर्चा बढ़ सकती है।
इस घटना ने चाईबासा में जनता और राजनीतिक दलों के बीच एक नई राजनीतिक गर्माहट पैदा कर दी है।
What's Your Reaction?


