Chaibasa Tantrik-Kand: ओझा-गुणी के बहाने तांत्रिक ने किया युवती का यौन शोषण, मां-बेटे को तालाब भेजकर घर में की हैवानियत
पश्चिम सिंहभूम के जगन्नाथपुर में ओझा-गुणी करने वाले तांत्रिक पांडे नाग की घिनौनी करतूत सामने आई है। तंत्र-मंत्र के बहाने परिवार को गुमराह कर युवती से जबरदस्ती करने वाले इस पाखंडी की गिरफ्तारी और पूरे मामले की रिपोर्ट यहाँ मौजूद है।
चाईबासा/जगन्नाथपुर, 2 मार्च 2026 – पश्चिम सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर इलाके से अंधविश्वास और हैवानियत का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। तंत्र-मंत्र और ओझा-गुणी के नाम पर एक 57 वर्षीय तांत्रिक ने न केवल एक परिवार के विश्वास के साथ खिलवाड़ किया, बल्कि डर दिखाकर एक युवती का शारीरिक शोषण भी किया। जगन्नाथपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी तांत्रिक पांडे नाग को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
साजिश के तहत खाली कराया घर: तालाब भेजा मां-बेटे को
घटना जगन्नाथपुर थाना अंतर्गत हाट करंजिया इलाके की है। एसडीपीओ ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पीड़िता की मां, फुलमती हैस्सा, अपने बेटे की बीमारी या किसी समस्या के समाधान के लिए ओझा-गुणी करवा रही थी। तांत्रिक पांडे नाग ने स्थिति का फायदा उठाने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची:
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अंधविश्वास का जाल: तांत्रिक ने फुलमती को सलाह दी कि उसके बेटे पर 'भारी साया' है, जिसे दूर करने के लिए बेटे को पास के तालाब में ले जाकर कुछ विशेष 'विसर्जन' की रस्में पूरी करनी होंगी।
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अकेली पाकर की दरिंदगी: तांत्रिक की बातों में आकर मां अपने बेटे को लेकर तालाब चली गई। घर पर फुलमती की बेटी अकेली थी। इसी का फायदा उठाकर तांत्रिक ने युवती को तंत्र-मंत्र और अनहोनी का डर दिखाकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए।
पुलिस एक्शन: तोडांगहातु से दबोचा गया पाखंडी
जब फुलमती घर लौटी, तो उसकी बेटी ने रोते हुए तांत्रिक की सारी करतूत बयां की। मां-बेटी ने बिना डरे तुरंत जगन्नाथपुर थाना पहुँचने का फैसला किया।
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पॉक्सो एक्ट में मामला: पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
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तत्परता से गिरफ्तारी: जगन्नाथपुर पुलिस ने टीम गठित कर छापेमारी की और आरोपी पांडे नाग को उसके ठिकाने तोडांगहातु से दबोच लिया।
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जेल की सलाखें: गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
प्रशासन की अपील: पाखंडियों से रहें सावधान
एसडीपीओ ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे किसी भी बीमारी या समस्या के लिए डॉक्टरों और कानूनी सलाह की मदद लें। अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर अपना घर और मान-सम्मान दांव पर न लगाएं। पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
न्याय की उम्मीद
पांडे नाग की गिरफ्तारी से इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ गई है कि समाज कब इन पाखंडियों के चंगुल से आजाद होगा। फिलहाल, पुलिस पीड़िता को हर संभव कानूनी और मानसिक सहायता प्रदान कर रही है।
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