Chaibasa Raid: कार्यपालक अभियंता 70 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, विभागों में मचा हड़कंप
चाईबासा में एसीबी की बड़ी कार्रवाई। भवन निर्माण विभाग के इंजीनियर अरुण कुमार सिंह 70 हजार की घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गए। एसीबी ने कैसे बिछाया जाल और किस काम के लिए मांगी थी रिश्वत?
चाईबासा, 13 दिसंबर 2025 – भ्रष्टाचार पर नकेल कसते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में एक बड़ी कार्रवाई की है। भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता अरुण कुमार सिंह को 70 हजार रुपये की रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।
इस काम के लिए मांगी थी बड़ी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभियंता अरुण कुमार सिंह पर किसी व्यक्ति के कार्य के भुगतान या अनुकूल कार्रवाई के एवज में बड़ी रिश्वत मांगने का आरोप था। सरकारी कामों में होने वाली इस तरह की अवैध मांग से तंग आकर, शिकायतकर्ता ने सीधे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का दरवाजा खटखटाया।
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एसीबी का जाल: शिकायत की पुष्टि के बाद, एसीबी की टीम ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी अभियंता ने शिकायतकर्ता से 70 हजार रुपये की रिश्वत की रकम स्वीकार की, एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा।
विभागों में मचा हड़कंप, जांच शुरू
कार्यपालक अभियंता जैसे वरिष्ठ पद पर तैनात अधिकारी की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी से पूरे भवन निर्माण विभाग में हड़कंप मच गया है। सिर्फ यह विभाग ही नहीं, बल्कि अन्य सरकारी कार्यालयों में भी दहशत का माहौल है, जहां इस तरह के अवैध लेनदेन होने की संभावना होती है।
फिलहाल एसीबी (ACB) की टीम आरोपी अभियंता से पूछताछ कर रही है। जांच में इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि क्या रिश्वतखोरी के इस मामले में और भी अन्य अधिकारी शामिल (Involved) हैं या नहीं। जांच के दौरान उसके घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी (Raid) की जा सकती है, ताकि उसकी अवैध संपत्ति का खुलासा हो सके।
सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार का इतिहास
झारखंड में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ समय से एसीबी की सक्रियता बढ़ी है, जिसके चलते कई छोटे और बड़े अधिकारी पकड़े गए हैं। इस गिरफ्तारी से यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई (Strict Action) करने के लिए प्रतिबद्ध (Committed) है। आम जनता को भी ऐसे अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरणा मिलती है। भ्रष्टाचार मुक्त (Corruption-Free) व्यवस्था की ओर यह एक बड़ा कदम है।
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