Burmamines Chaos: गाड़ाबासा में भरभराकर गिरा विशाल पुराना पेड़, मची भारी अफरा-तफरी, बाल-बाल बची राहगीरों की जान, बर्मामाइंस-साकची मार्ग पूरी तरह ठप
जमशेदपुर के बर्मामाइंस-साकची मुख्य मार्ग पर गाड़ाबासा के पास एक विशाल पेड़ गिरने से अफरा-तफरी मच गई है। राहगीरों के चमत्कारिक बचाव और सड़क पर लगे लंबे जाम की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप शहर के इस व्यस्त मार्ग पर मचे हंगामे और ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर, 7 फरवरी 2026 – लौहनगरी के सबसे व्यस्त रास्तों में से एक, बर्मामाइंस से साकची जाने वाले मार्ग पर शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गाड़ाबासा के समीप एक विशालकाय पुराना पेड़ अचानक जड़ से उखड़कर मुख्य सड़क पर आ गिरा। दोपहर का समय होने के कारण सड़क पर वाहनों का भारी दबाव था, लेकिन गनीमत यह रही कि जिस वक्त पेड़ गिरा, कोई भी वाहन उसकी सीधी चपेट में नहीं आया। हालांकि, इस घटना के बाद मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और घंटों तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
दोपहर का सन्नाटा चीख-पुकार में बदला: बाल-बाल बचे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक कड़कड़ाने की आवाज आई और सड़क किनारे लगा बरसों पुराना पेड़ बीच सड़क पर गिर पड़ा।
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चमत्कारिक बचाव: पेड़ गिरते देख बाइक सवारों और ऑटो चालकों ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए। कुछ राहगीर तो पेड़ की टहनियों से महज चंद इंच की दूरी पर रुक गए।
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ट्रैफिक जाम: साकची और बर्मामाइंस दोनों ओर से आने वाले ट्रक, ट्रेलर और यात्री वाहन जहां के तहां फंस गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और यातायात को सुचारू करने के लिए वैकल्पिक रास्तों की तलाश शुरू की।
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जनता की मांग: मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर समय रहते पुराने पेड़ों की छंटाई की गई होती, तो यह जोखिम पैदा ही नहीं होता।
गाड़ाबासा हादसा: मुख्य विवरण (Event Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | गाड़ाबासा, बर्मामाइंस-साकची मुख्य मार्ग |
| समय | शनिवार दोपहर (7 फरवरी 2026) |
| घटना | पुराने पेड़ का गिरना |
| प्रभाव | मुख्य सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित |
| राहत कार्य | पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर |
प्रशासन की कार्रवाई: पेड़ हटाने की कवायद शुरू
घटना की जानकारी मिलने के बाद बिरसानगर और बर्मामाइंस थाना पुलिस ने वन विभाग और नगर निगम को सूचित किया। क्रेन और इलेक्ट्रिक आरी (Saws) की मदद से पेड़ की टहनियों को काटकर हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। पुलिस ने भारी वाहनों को फिलहाल स्टेशन रोड की ओर डायवर्ट कर दिया है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शाम तक रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा।
सुरक्षा की मांग और भविष्य की चिंता
गाड़ाबासा की यह घटना एक चेतावनी है। शहर के कई अन्य इलाकों में भी ऐसे ही जोखिम वाले पेड़ खड़े हैं जो कभी भी किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकते हैं। नागरिक प्रशासन से यह मांग कर रहे हैं कि मॉनसून से पहले ही शहर के सभी पुराने पेड़ों का 'सेफ्टी ऑडिट' कराया जाए।
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