Bokaro Accident: बोकारो में स्कूल बस का खौफनाक तांडव, मजदूर को कुचलकर भागा ड्राइवर, बच्चों की चीख-पुकार से दहला सेक्टर-4
बोकारो के सेक्टर-4 में बच्चों से भरी एक स्कूल बस ने राहगीर को कुचल दिया और ड्राइवर लाश छोड़कर बस समेत फरार हो गया। हादसे के वक्त बस के अंदर मची चीख-पुकार और पुलिस की अब तक की कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी शहर की सड़कों पर दौड़ती इन 'यमराज' रूपी बसों की हकीकत जानने से चूक जाएंगे।
बोकारो, 20 जनवरी 2026 – स्टील सिटी बोकारो के सेक्टर-4 थाना क्षेत्र में आज एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। बच्चों से भरी एक अनियंत्रित स्कूल बस ने पैदल चल रहे एक व्यक्ति को रौंद दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मंजर इतना खौफनाक था कि बस के भीतर सवार मासूम बच्चे डर के मारे चीखने-चिल्लाने लगे। मानवता को शर्मसार करते हुए बस ड्राइवर ने घायल की मदद करने के बजाय बस की रफ्तार और बढ़ा दी और उसे लेकर सीधे स्कूल कैंपस में छिप गया। पुलिस अब उस 'भगोड़े' ड्राइवर और बस की तलाश में जुटी है।
मौत की रफ्तार: सूर्य मंदिर के पास उजड़ा परिवार
यह दर्दनाक हादसा सेक्टर-4 थाना क्षेत्र के सूर्य मंदिर के पास वाली मुख्य सड़क पर हुआ।
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भीषण टक्कर: हजारीबाग रोड निवासी 49 वर्षीय धनेश्वर यादव सड़क किनारे पैदल चल रहे थे, तभी पीछे से आई एक तेज रफ्तार स्कूल बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
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कुचलते हुए निकली बस: टक्कर इतनी जोरदार थी कि धनेश्वर यादव बस के पहियों के नीचे आ गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
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बच्चों में अफरा-तफरी: बस के अंदर बैठे स्कूली बच्चे इस खौफनाक एक्सीडेंट को देख सहम गए। बस में चीख-पुकार मच गई, लेकिन ड्राइवर ने अपनी जान बचाने के लिए बस को मौके से भगा लिया।
मजदूर था मृतक, झोपड़ी में रहता था परिवार
स्थानीय लोगों के अनुसार, धनेश्वर यादव एक बेहद गरीब व्यक्ति थे। वे सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रहते थे और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालते थे। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और जीविकोपार्जन का संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।
बोकारो हिट एंड रन कांड: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| घटना स्थल | सूर्य मंदिर के पास, सेक्टर-4, बोकारो |
| मृतक का नाम | धनेश्वर यादव (49 वर्ष) |
| हादसे का कारण | अज्ञात स्कूल बस की तेज रफ्तार |
| राहत की बात | बस में सवार सभी बच्चे सुरक्षित हैं |
| वर्तमान स्थिति | पुलिस जांच जारी, ड्राइवर फरार |
इतिहास का पन्ना: बोकारो का सेक्टर-4 और बढ़ता ट्रैफिक दबाव
बोकारो स्टील सिटी का निर्माण 1960 के दशक में सोवियत संघ के सहयोग से एक सुव्यवस्थित 'प्लान्ड सिटी' के रूप में किया गया था। इतिहास गवाह है कि सेक्टर-4 हमेशा से बोकारो का हृदय स्थल रहा है, जहाँ शहर के सबसे प्रतिष्ठित स्कूल और चौड़ी सड़कें स्थित हैं। शुरुआती दशकों में यहाँ सड़कों पर साइकिल और इक्का-दुक्का गाड़ियां ही नजर आती थीं, लेकिन साल 2010 के बाद बोकारो के शैक्षणिक हब बनने से यहाँ स्कूल बसों की तादाद में 400% का इजाफा हुआ है। पिछले 15 सालों के आंकड़े बताते हैं कि सेक्टर-4 की इन्हीं चौड़ी सड़कों पर 'ओवरस्पीडिंग' के कारण दर्जनों मासूम और राहगीर अपनी जान गंवा चुके हैं। आज की घटना उसी ऐतिहासिक लापरवाही का हिस्सा है, जहाँ स्कूलों के व्यावसायिक दबाव में ड्राइवरों की मनमानी सड़कों पर खून बहा रही है।
पुलिस की कार्रवाई: सीसीटीवी खंगाल रही टीम
घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-4 थाना प्रभारी संजय कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने उत्तेजित भीड़ को शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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बस की पहचान: पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली है कि बस किसी निजी स्कूल की ही है। बस को स्कूल कैंपस तक ट्रैक किया जा रहा है।
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रजिस्ट्रेशन नंबर की तलाश: चूंकि बस काफी तेजी से निकली, इसलिए प्रत्यक्षदर्शी उसका नंबर नोट नहीं कर पाए। अब पुलिस रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख रही है।
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लापरवाही का मामला: थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि ड्राइवर की पहचान होते ही उस पर 'गैर-इरादतन हत्या' और 'हिट एंड रन' की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा।
बच्चों की सुरक्षा और सड़कों का खौफ
गनीमत रही कि बस की इस भागमभाग में बच्चों को कोई चोट नहीं आई, लेकिन वे मानसिक रूप से गहरे सदमे में हैं। बोकारो प्रशासन के लिए यह कड़ी चेतावनी है कि स्कूल बसों की रफ्तार और ड्राइवरों की फिटनेस की जांच के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, वरना सड़कों पर बेगुनाहों के कुचले जाने का सिलसिला थमेगा नहीं।
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