Birsanagar Attack: बीएड कॉलेज के पास राहुल पर चापड़ से खूनी हमला, नशे के विवाद में धनंजय गोराई ने गर्दन पर किया वार, टीएमएच में जिंदगी-मौत की जंग
जमशेदपुर के बिरसानगर में नशे के विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया है। राहुल यादव पर हुए जानलेवा हमले और धनंजय गोराई की इस हैवानियत की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप शहर के भीतर पनप रहे इस खतरनाक नशे के साम्राज्य के सच से अनजान रह जाएंगे।
जमशेदपुर, 10 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का बिरसानगर इलाका सोमवार की रात खून के धब्बों से लाल हो गया। जोन नंबर-1 बी स्थित बीएड कॉलेज के पास एक मैदान में नशे के सेवन के दौरान हुए विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी के बाद एक युवक पर चापड़ से ताबड़तोड़ वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है और स्थानीय लोगों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
मैदान में नशे की पार्टी और फिर 'चापड़' का तांडव
रात के अंधेरे में बीएड कॉलेज के पास का मैदान नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ था।
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विवाद की शुरुआत: घायल राहुल यादव अपने कुछ साथियों के साथ वहां मौजूद था। तभी उसका विवाद धनंजय गोराई उर्फ बन्ना से हो गया।
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खूनी हमला: बहस इतनी बढ़ गई कि धनंजय ने अपने साथियों के साथ मिलकर राहुल को घेर लिया। इसी दौरान धनंजय ने पास रखे चापड़ से राहुल की गर्दन पर सीधा वार कर दिया।
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नाजुक स्थिति: गर्दन पर गहरा घाव होने के कारण राहुल लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। साथी उसे आनन-फानन में टाटा मोटर्स अस्पताल ले गए, जहाँ से उसे टीएमएच (TMH) रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
नशेड़ियों का अड्डा बना बीएड कॉलेज मैदान
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह मैदान अब असामाजिक तत्वों की शरणस्थली बन चुका है। आए दिन यहाँ नशे का सेवन होता है और मारपीट की घटनाएं होती हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद पुलिस की ओर से कोई गश्त नहीं बढ़ाई गई, जिससे धनंजय जैसे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
बिरसानगर वारदात: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | बीएड कॉलेज मैदान, जोन नंबर-1 बी, बिरसानगर |
| घायल | राहुल यादव (टीएमएच में भर्ती) |
| मुख्य आरोपी | धनंजय गोराई उर्फ बन्ना एवं साथी |
| हथियार | चापड़ (Cleaver) |
| कारण | नशे के दौरान मामूली विवाद |
पुलिस की चुप्पी पर भड़के लोग
बिरसानगर की जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते मैदान में जमावड़ा लगाने वालों पर कार्रवाई करती, तो आज राहुल यादव टीएमएच के आईसीयू में अपनी आखिरी सांसों के लिए संघर्ष नहीं कर रहा होता। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।
प्रशासन को जागने की जरूरत
बिरसानगर की यह घटना महज एक मारपीट नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। अगर रिहायशी इलाकों के मैदान इसी तरह नशेड़ियों के कब्जे में रहे, तो जमशेदपुर की सड़कों पर 'चापड़' का यह खूनी खेल आम हो जाएगा।
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