Jharkhand Winter: हाड़ कंपाने वाली ठंड, कांके में पारा 6 डिग्री पहुंचा, 13 जिलों में कोहरे का खतरनाक येलो अलर्ट

झारखंड में उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं ने दस्तक दे दी है जिससे कांके का तापमान गिरकर 6 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया है। मौसम विभाग ने रांची समेत 13 जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है और अगले 5 दिनों तक कनकनी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। कड़ाके की इस ठंड और कम दृश्यता के बीच सड़कों पर छिपे खतरों की पूरी जानकारी यहाँ दी गई है।

Dec 20, 2025 - 10:18
 0
Jharkhand Winter: हाड़ कंपाने वाली ठंड, कांके में पारा 6 डिग्री पहुंचा, 13 जिलों में कोहरे का खतरनाक येलो अलर्ट
Jharkhand Winter: हाड़ कंपाने वाली ठंड, कांके में पारा 6 डिग्री पहुंचा, 13 जिलों में कोहरे का खतरनाक येलो अलर्ट

रांची, 20 दिसंबर 2025 – झारखंड में मौसम ने एक ऐसा मोड़ ले लिया है जिसने आम जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के सीधे प्रहार से पूरा राज्य 'कोल्ड वेव' (Cold Wave) की चपेट में है। राजधानी रांची सहित राज्य के आधे से अधिक जिलों में सुबह के वक्त घनी सफेद चादर (कोहरा) पसरी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिन झारखंड वासियों के लिए भारी पड़ने वाले हैं क्योंकि कनकनी अभी और बढ़ने वाली है।

इतिहास: झारखंड की सर्दियों का मिजाज और 'कांके' का रिकॉर्ड

झारखंड, जिसे वनों और पहाड़ों का प्रदेश कहा जाता है, अपनी विशिष्ट भौगोलिक स्थिति के कारण सर्दियों में बेहद ठंडा हो जाता है। ऐतिहासिक रूप से रांची का 'कांके' इलाका राज्य का 'साइबेरिया' माना जाता रहा है। $1960$ और $70$ के दशक में यहाँ तापमान $0$ डिग्री के नीचे जाने के भी रिकॉर्ड दर्ज हैं। ऊँचाई पर स्थित होने और घने जंगलों की मौजूदगी के कारण यहाँ की हवाएं मैदानी इलाकों की तुलना में अधिक चुभने वाली होती हैं। वर्तमान में $6$ डिग्री तक गिरा पारा उसी पुराने दौर की याद दिला रहा है जब सर्दियों में ओस की बूंदें घास पर जम जाया करती थीं।

कांके में 'शून्य' की ओर बढ़ते कदम: न्यूनतम तापमान 6 डिग्री

बीते 24 घंटों में झारखंड के तापमान में जो गिरावट आई है, उसने सबको चौंका दिया है।

  • कांके की ठंड: रांची के पास स्थित कांके में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जो फिलहाल राज्य का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है।

  • धूप बेअसर: भले ही दिन में आसमान साफ है और सूरज निकल रहा है, लेकिन बर्फीली हवाओं के कारण धूप की गर्माहट महसूस नहीं हो रही है। रांची का अधिकतम तापमान $22.6$ डिग्री रिकॉर्ड किया गया, लेकिन शाम होते ही कनकनी शरीर को सुन्न करने लगती है।

13 जिलों में येलो अलर्ट: कोहरे का 'ब्लैकआउट'

मौसम विज्ञानी डॉ. अभिषेक आनंद के अनुसार, झारखंड के वायुमंडल में नमी और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के मिलन से घना कोहरा बन रहा है।

इन जिलों में विशेष सावधानी की जरूरत:

  1. रांची, रामगढ़, हजारीबाग।

  2. पलामू, गढ़वा, चतरा, लोहरदगा।

  3. धनबाद और गिरिडीह समेत कुल 13 जिले।

इन क्षेत्रों में सुबह की दृश्यता (Visibility) $50$ मीटर से भी कम रह सकती है, जिससे एनएच-33 और अन्य मुख्य मार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। रेल और हवाई यातायात पर भी इसका बुरा असर पड़ने की आशंका है।

झारखंड वेदर रिपोर्ट कार्ड (20-23 दिसंबर)

जिला/क्षेत्र न्यूनतम तापमान अलर्ट की स्थिति
कांके (रांची) 6°C अत्यधिक ठंड
पलामू-गढ़वा 7-8°C येलो अलर्ट (कोहरा)
जमशेदपुर 10-11°C मध्यम ठंड
धनबाद 9°C येलो अलर्ट

23 दिसंबर तक राहत की कोई उम्मीद नहीं

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 19 से 23 दिसंबर के बीच न्यूनतम तापमान में किसी भी बड़े सुधार की गुंजाइश नहीं है। विशेष रूप से लातेहार, कोडरमा और पलामू जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में पारा और नीचे जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह:

कड़ाके की ठंड का सबसे बुरा असर बुजुर्गों, बच्चों और बेघर लोगों पर पड़ रहा है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सुबह के समय सैर पर जाने से बचें और गर्म कपड़ों की कई परतें पहनें। कोहरे के दौरान गाड़ी चलाते समय फॉग लाइट का उपयोग अनिवार्य रूप से करें।

प्रशासन की तैयारी और सामाजिक जिम्मेदारी

झारखंड के कई शहरों में नगर निगम ने अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण है। मौसम के इस बदलते मिजाज ने यह साफ कर दिया है कि दिसंबर का आखिरी हफ्ता झारखंड के लिए 'बर्फीला' साबित होने वाला है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।