Bahargora Accident: बहरागोड़ा में अलाव तापते समय भीषण हादसा हुआ, 36 वर्षीय महिला इस तरह गंभीर रूप से झुलसी
बहरागोड़ा के पाठपुर गांव में 36 वर्षीय बीना बेरा अलाव तापते समय गंभीर रूप से झुलस गईं। असावधानीवश साड़ी का हिस्सा आग के संपर्क में आया। महिला की चीख-पुकार सुनकर परिजन और पड़ोसी दौड़े। गंभीर स्थिति को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से उन्हें ओडिशा के बारीपदा रेफर किया गया है। ठंड के मौसम में अलाव तापने वालों के लिए यह घटना एक बड़ी चेतावनी है।
जमशेदपुर, 17 नवंबर 2025 – झारखंड में ठंड का मौसम शुरू होते ही अलाव तापने के दौरान दुर्घटनाओं का सिलसिला भी शुरू हो गया है। पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पाठपुर गांव में सोमवार की सुबह एक भीषण हादसा हो गया, जहां 36 वर्षीय महिला बीना बेरा गंभीर रूप से झुलस गईं। ठंड भगाने की कोशिश में हुई यह असावधानी इतनी भारी पड़ी कि उन्हें बेहतर इलाज के लिए पड़ोसी राज्य ओडिशा के अस्पताल भेजना पड़ा। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड से बचने के लिए अपनाए जाने वाले असुरक्षित तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सवाल यह है कि क्या हम हर साल होने वाली ऐसी दुर्घटनाओं से कोई सबक सीख रहे हैं, और ठंड के मौसम में अलाव तापते समय कौन सी विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए?
दर्दनाक हादसा: एक पल की असावधानी पड़ी भारी
पाठपुर गांव निवासी बीना बेरा सुबह के समय घर के अंदर जल रहे अलाव के पास बैठी थीं।
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घटना क्रम: ठंड अधिक होने के कारण वह अलाव के निकट बैठी थीं। इसी दौरान असावधानीवश उनकी साड़ी का एक किनारा जलते हुए अलाव के संपर्क में आ गया।
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भीषण आग: कपड़े में आग बहुत तेज़ी से पकड़ी, और जब तक बीना बेरा स्थिति को समझ पातीं और कोई प्रतिक्रिया दे पातीं, आग की लपटों ने उन्हें बुरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया।
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बचाव: महिला की चीख-पुकार सुनकर उनके परिजनों और पड़ोसियों ने तत्काल दौड़कर किसी तरह आग बुझाई और उन्हें बचाया।
गंभीर स्थिति: ओडिशा के अस्पताल में रेफर
गंभीर रूप से झुलसने के कारण बीना बेरा को तत्काल चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता पड़ी।
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तत्काल मदद: परिजनों ने देरी न करते हुए तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बहरागोड़ा पहुंचाया।
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रेफर: CHC बहरागोड़ा में डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार तो दिया, लेकिन उनकी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें झारखंड से बाहर ओडिशा के पीआर एम मेडिकल कॉलेज, बारीपदा रेफर कर दिया गया।
ठंड में सुरक्षा: यह घटना एक बड़ी चेतावनी
हर साल ठंड के मौसम में इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां सुरक्षा के मानकों की अनदेखी की जाती है।
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जनजागरण की मांग: ग्रामीणों को अलाव तापते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यह घटना स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को ठंड से बचाव के सुरक्षित तरीकों पर जनजागरण अभियान चलाने की याद दिलाती है।
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सावधानी: विशेषज्ञों के अनुसार, अलाव से हमेशा सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और ढीले वस्त्रों या सिंथेटिक कपड़ों को पहना हो तो खास एहतियात बरतना चाहिए।
बहरागोड़ा में हुई यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि एक पल की असावधानी कैसे जीवन पर भारी पड़ सकती है।
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