Tatanagar Makeover: टाटानगर स्टेशन के आसपास हटेंगे 400 घर और दुकानें, होली के बाद रेलवे का 'महा-अभियान
टाटानगर रेलवे स्टेशन के रीडेवलपमेंट के लिए 400 अतिक्रमण हटाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। होली के बाद कीताडीह और खासमहल में चलने वाले इस बुलडोजर अभियान और रेलवे के भव्य सोलर प्लांट प्रोजेक्ट की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप शहर का यह सबसे बड़ा बदलाव मिस कर देंगे।
जमशेदपुर, 26 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर की धड़कन कहे जाने वाले टाटानगर रेलवे स्टेशन का भविष्य अब पूरी तरह बदलने वाला है। भारतीय रेलवे ने स्टेशन के 'रीडेवलपमेंट' (Redevelopment) मास्टर प्लान को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज कर दी है। इस महा-परियोजना को सफल बनाने के लिए रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के आसपास के इलाकों से करीब 350 से 400 छोटे-बड़े अतिक्रमणों, मकानों और दुकानों को हटाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है। रेलवे का यह मेगा-ऑपरेशन चार चरणों में चलाया जाएगा, जिसकी असली रफ्तार होली के त्योहार के तुरंत बाद देखने को मिलेगी।
चार चरणों में चलेगा अभियान: होली के बाद 'एक्शन मोड'
टाटानगर स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए जमीन खाली करना रेलवे की पहली प्राथमिकता है:
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कीताडीह से शुरुआत: पहले चरण की कार्रवाई कीताडीह और इसके आसपास के कुछ हिस्सों में सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है।
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नोटिस की मियाद: लोको क्रॉसिंग से सालगाझुड़ी केबिन तक मछुआ पाड़ा और हरिजन बस्ती जैसे इलाकों में पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
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बुलडोजर और समतलीकरण: होली के बाद रेलवे की टीम भारी मशीनों के साथ शेष क्षेत्रों को खाली कराएगी। जमीन खाली होते ही वहां समतलीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
ग्रीन एनर्जी का नया हब: स्टेशन पर लगेंगे सोलर प्लांट
टाटानगर स्टेशन केवल यात्रियों के लिए ही आधुनिक नहीं होगा, बल्कि यह बिजली उत्पादन में भी आत्मनिर्भर बनेगा:
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550 मीटर का अधिग्रहण: रेल लाइनों के किनारे लगभग 550 मीटर की खाली जमीन पर विशाल सोलर प्लांट लगाए जाएंगे।
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339 मेगावाट का लक्ष्य: चक्रधरपुर रेल मंडल ने कुल 339 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
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बचत और पर्यावरण: इन छोटे-छोटे सोलर प्लांटों के जरिए रेलवे करोड़ों रुपये के बिजली खर्च की बचत करेगा और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी।
टाटानगर रीडेवलपमेंट: मुख्य विवरण (Project Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| कुल अतिक्रमण | 350 से 400 (मकान और दुकानें) |
| प्रभावित इलाके | मछुआ पाड़ा, हरिजन बस्ती, खासमहल रोड |
| सोलर पावर लक्ष्य | 339 मेगावाट (चक्रधरपुर मंडल) |
| अगला चरण | होली के तुरंत बाद शुरू |
| सुविधाएं | आधुनिक यार्ड, सौंदर्याकरण और वर्ल्ड क्लास स्टेशन |
विस्थापितों का क्या? वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार
रेलवे प्रशासन इस बात को लेकर गंभीर है कि इस अभियान से प्रभावित होने वाले परिवारों को न्यूनतम परेशानी हो:
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पुनर्वास की योजना: रेलवे अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि प्रभावित परिवारों और दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
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चरणबद्ध खाली: खासमहल रोड समेत अन्य सघन इलाकों को एक साथ नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से खाली कराया जाएगा ताकि अफरा-तफरी न मचे।
बदल जाएगा जमशेदपुर का स्वरूप
रीडेवलपमेंट योजना पूरी होने के बाद टाटानगर स्टेशन न केवल यात्रियों के लिए एक आधुनिक हब होगा, बल्कि नए यार्ड और सौंदर्याकरण के कारण यह जमशेदपुर की नई पहचान बनेगा।
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