Tatanagar Demolition: टाटानगर में रेलवे ने जारी किया बड़ा फरमान, 300 से ज्यादा मकानों पर चलने वाला है बुलडोजर, आखिर क्यों

क्या आप जानते हैं कि टाटानगर रेलवे क्षेत्र में 300 से ज्यादा कच्चे-पक्के मकानों को क्यों तोड़ा जाएगा? रेलवे ने लोको क्रॉसिंग से सलगाझुड़ी केबिन तक की जमीन पर सोलर प्लांट क्यों लगाने का फैसला किया है? नवंबर के अंतिम सप्ताह में यह अभियान क्यों शुरू होने वाला है? विश्वस्तरीय स्टेशन पुनर्विकास योजना के लिए कहां-कहां से अतिक्रमण हटेंगे? पूरी जानकारी पढ़ें!

Nov 1, 2025 - 18:00
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Tatanagar Demolition: टाटानगर में रेलवे ने जारी किया बड़ा फरमान, 300 से ज्यादा मकानों पर चलने वाला है बुलडोजर, आखिर क्यों
Tatanagar Demolition: टाटानगर में रेलवे ने जारी किया बड़ा फरमान, 300 से ज्यादा मकानों पर चलने वाला है बुलडोजर, आखिर क्यों

जमशेदपुर, 1 नवंबर 2025 – झारखंड के टाटानगर रेल क्षेत्र में रहने वाले सैकड़ों परिवारों पर आज एक बड़ा संकट आ गया है। भारतीय रेलवे ने अपने क्षेत्र से अवैध कब्जा हटाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है, जिसके तहत करीब 300 से ज्यादा मकानों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। रेलवे द्वारा जारी नोटिस से मछुआ पाड़ा और हरिजन बस्ती समेत अन्य क्षेत्रों में वर्षों से रहने वाले परिवारों में हड़कंप मच गया है। यह कड़ी कार्रवाई न केवल टाटानगर स्टेशन के विश्वस्तरीय पुनर्विकास योजना से जुड़ी है, बल्कि रेलवे की एक महत्वाकांक्षी सोलर ऊर्जा परियोजना के लिए भी आवश्यक है।

ऊर्जा क्रांति की राह: सोलर प्लांट के लिए हटेगा कब्जा

टाटानगर रेल क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का मुख्य कारण रेलवे की सोलर प्लांट लगाने की महत्वाकांक्षी योजना है।

  • जमीन की जरूरत: रेलवे लाइन किनारे 550 मीटर (आधा किमी) जमीन इस सोलर प्लांट के लिए जरूरी है।

  • बचत का लक्ष्य: सोलर प्लांट लगने से रेलवे को बिजली के खर्चे में बड़ी बचत होगी। जानकार बताते हैं कि दक्षिण-पूर्व रेलवे जोन ने चक्रधरपुर समेत अन्य मंडलों में 339 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न करने की बड़ी योजना बनाई है।

  • अतिक्रमण वाला क्षेत्र: लोको क्रॉसिंग से सलगाझुड़ी केबिन तक के क्षेत्र, विशेषकर मछुआ पाड़ा हरिजन बस्ती में, अवैध रूप से मकान बने हैं।

नवंबर में शुरू होगा अभियान: बुलडोजर की धमकी

रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने इन मकान मालिकों को नोटिस जारी कर जल्द से जल्द जमीन खाली करने का आदेश दिया है।

  • अंतिम तारीख: उम्मीद है कि रेलवे नवंबर के अंतिम सप्ताह में जमीन खाली करने का बड़ा अभियान शुरू करेगा।

  • कड़ी कार्रवाई: नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यदि लोगों द्वारा खुद जमीन से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया तो कच्चे पक्के मकानों को बुलडोजर से तोड़ दिया जाएगा। इस चेतावनी ने वर्षों से रेलवे की जमीन पर रह रहे परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है।

स्टेशन विकास और नई लाइनों का भी दबाव

अतिक्रमण हटाने का यह अभियान सिर्फ सोलर प्लांट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह टाटानगर स्टेशन पुनर्विकास योजना और अन्य रेलवे कार्यों के लिए भी आवश्यक है।

  • विश्वस्तरीय स्टेशन: दक्षिण पूर्व जोन के मॉडल स्टेशन टाटानगर को विश्वस्तरीय बनाने की योजना शुरू हो चुकी है। बर्मामाइंस की ओर स्टेशन का विकास कार्य शुरू होने से पहले अवैध निर्माण हटाए जाएंगे।

  • अन्य अतिक्रमण: जुगसलाई से स्टेशन खासमहल और कीताडीह रोड में भी अवैध ढंग से दुकान बनाने वालों को नोटिस दिया गया है।

  • नई योजनाएं: लोको कॉलोनी में नई वॉशिंग लाइन बनाने और झारखंड नगर में ट्रेनों को रखने के लिए नई लाइन बिछाने की योजना से भी अवैध कब्जा हटाने का नोटिस दिया गया है।

रेलवे अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, और अब देखना यह होगा कि ये सैकड़ों परिवार अतिक्रमण हटाने के इस बड़े अभियान का सामना कैसे करते हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।