Simdega Raid: सिमडेगा में प्रतिबंधित कैप्सूल का सौदागर शेख अराफात गिरफ्तार, जाहिद खलिफा के कबूलनामे के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन
सिमडेगा पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल तस्करी मामले में फरार आरोपी शेख अराफात को गिरफ्तार कर लिया है। जाहिद खलिफा के पास से मिली 120 नशीली कैप्सूल और खैरनटोली के इस ड्रग नेटवर्क के खुलासे की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
सिमडेगा, 4 अप्रैल 2026 – झारखंड के सिमडेगा जिले में नशे के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक और निर्णायक प्रहार किया है। प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल की तस्करी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी शेख अराफात को पुलिस ने धर दबोचा है। शनिवार को हुई इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सीधे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई 9 मार्च को दर्ज कांड संख्या 40/26 के सिलसिले में की गई है, जिसमें बीएनएस (BNS) और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। सिमडेगा पुलिस की इस मुस्तैदी ने साफ कर दिया है कि युवाओं की रगों में जहर घोलने वाले सौदागरों के दिन अब गिनती के बचे हैं।
फरार तस्कर का अंत: खैरनटोली का अराफात अब सलाखों के पीछे
सिमडेगा पुलिस को पिछले कई दिनों से 23 वर्षीय शेख अराफात की तलाश थी, जो पुलिस की आंखों में धूल झोंककर छिपता फिर रहा था।
-
घेराबंदी और गिरफ्तारी: गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार को पुलिस ने खैरनटोली (चट्टान मोहल्ला) इलाके में दबिश दी। पुलिस को देखते ही अराफात ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे चारों ओर से घेरकर दबोच लिया।
-
सहयोगी का कबूलनामा: इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब 8 मार्च को जाहिद खलिफा नाम के युवक को रंगेहाथ पकड़ा गया था। जाहिद ने ही पूछताछ में बताया था कि शेख अराफात उसका मुख्य सहयोगी है और वही दवाओं की सप्लाई चेन को नियंत्रित करता है।
-
न्यायिक हिरासत: गिरफ्तारी के बाद कागजी प्रक्रिया पूरी की गई और शनिवार शाम को ही उसे जेल भेज दिया गया।
120 नशीली कैप्सूल की बरामदगी: 'मौत का सामान' बाजार में खपाने की तैयारी
इस केस की शुरुआत 8 मार्च को सिमडेगा एसपी को मिली एक गोपनीय सूचना से हुई थी। सूचना थी कि चीकटोली और नैगमटोली इलाके में बाइक से घूम-घूमकर नशा बेचा जा रहा है।
-
छापेमारी का मंजर: एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने जाहिद खलिफा को जब घेरा, तो उसके पास से प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा मिला।
-
Pyeevon Spas Plus: पुलिस ने मौके से इस प्रतिबंधित दवा के 5 पत्ते यानी कुल 60 कैप्सूल बरामद किए।
-
Nitrazepam: इसके साथ ही नींद और नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली इस दवा के 6 पत्ते यानी 60 कैप्सूल जब्त किए गए।
-
कुल बरामदगी: कुल 120 नशीली कैप्सूल जब्त की गईं, जिन्हें बिना किसी मेडिकल पर्चे के ऊंचे दामों पर नशेड़ियों को बेचा जा रहा था।
सिमडेगा और नशे का इतिहास: ओड़िशा बॉर्डर का बढ़ता खतरा
सिमडेगा जिला भौगोलिक रूप से ओड़िशा और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से सटा हुआ है, जिसका फायदा ड्रग पेडलर्स अक्सर उठाते हैं।
-
प्रतिबंधित दवाओं का गढ़: पिछले कुछ वर्षों में सिमडेगा के शहरी और ग्रामीण इलाकों में प्रतिबंधित कफ सिरप और कैप्सूल की तस्करी में बढ़ोत्तरी देखी गई है। खैरनटोली और चीकटोली जैसे इलाके पुलिस की 'वॉच लिस्ट' में टॉप पर हैं।
-
युवाओं को निशाना: तस्कर अक्सर स्कूल और कॉलेज जाने वाले लड़कों को मास्टर की (Master Key) के रूप में इस्तेमाल करते हैं या उन्हें नशे की लत लगाकर अपना ग्राहक बना लेते हैं।
-
पुलिस की 'क्लीन स्वीप' मुहीम: एसपी के निर्देश पर सिमडेगा पुलिस अब 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपना रही है। 2026 की शुरुआत से ही पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कई बड़े गिरफ्तारियां की हैं, जिससे तस्करों के बीच खौफ का माहौल है।
अगला कदम: सिंडिकेट के बड़े चेहरों पर नजर
शेख अराफात की गिरफ्तारी केवल एक प्यादे का अंत नहीं है, बल्कि पुलिस अब इस कड़ी के जरिए मुख्य सप्लायर तक पहुँचने की योजना बना रही है।
-
सप्लाई सोर्स की जांच: पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इतनी भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं सिमडेगा में किस रास्ते से आ रही हैं। क्या ये दवाएं स्थानीय मेडिकल स्टोर के पिछले दरवाजे से निकल रही हैं या बाहर से मंगाई जा रही हैं?
-
कॉल डिटेल्स और चैट्स: अराफात के मोबाइल फोन को जब्त कर उसके कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं ताकि उसके अन्य ग्राहकों और सहयोगियों की पहचान की जा सके।
-
जनता से अपील: सिमडेगा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके मोहल्ले में कोई संदिग्ध व्यक्ति बाइक से घूमता दिखे या नशीले पदार्थों की बिक्री की भनक लगे, तो तुरंत सूचित करें।
सिमडेगा पुलिस द्वारा शेख अराफात को जेल भेजना नशे के सौदागरों के लिए एक कड़ी चेतावनी है। 120 कैप्सूल की बरामदगी भले ही छोटी लगे, लेकिन यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है जो समाज को खोखला कर रहा है। जाहिद खलिफा के बाद अराफात का पकड़ा जाना पुलिस की खुफिया तंत्र की जीत है। अब देखना यह है कि खैरनटोली के इस 'चट्टान मोहल्ले' से और कितने राज बाहर आते हैं। फिलहाल, सिमडेगा पुलिस नशे के खिलाफ अपनी मुहीम को और तेज करने के मूड में है।
What's Your Reaction?


