Sitaramdera Action: जमशेदपुर में दहशत फैलाने वाले चार शातिर गिरफ्तार, पटना भागने की फिराक में थे अपराधी, देसी कट्टा और तीन चापड़ बरामद

जमशेदपुर के सीतारामडेरा छायानगर में नंदू कर्मकार पर हुए जानलेवा हमले और फायरिंग मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बस स्टैंड से पकड़े गए करण, निर्भय, संतोष और कुणाल के पास से बरामद हथियार और उनके पुराने आपराधिक इतिहास की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 4, 2026 - 17:13
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Sitaramdera Action: जमशेदपुर में दहशत फैलाने वाले चार शातिर गिरफ्तार, पटना भागने की फिराक में थे अपराधी, देसी कट्टा और तीन चापड़ बरामद
Sitaramdera Action: जमशेदपुर में दहशत फैलाने वाले चार शातिर गिरफ्तार, पटना भागने की फिराक में थे अपराधी, देसी कट्टा और तीन चापड़ बरामद

जमशेदपुर, 4 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में 31 मार्च की रात हुई खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया था। छायानगर में जिस तरह से अपराधियों ने सरेआम चापड़बाजी और फायरिंग की, उसने शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। लेकिन जमशेदपुर पुलिस ने महज कुछ ही घंटों के भीतर इस गुत्थी को सुलझाते हुए चार मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है। शनिवार को सिटी एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। पकड़े गए अपराधी शहर छोड़कर भागने की अंतिम तैयारी में थे, लेकिन पुलिस की तत्परता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

बस स्टैंड पर बिछाया जाल: पटना भागने से पहले धरे गए चार तस्कर

सीतारामडेरा पुलिस और विशेष जांच टीम (SIT) को गुप्त सूचना मिली थी कि छायानगर कांड के आरोपी शहर से बाहर निकलने की जुगत में हैं।

  • घेराबंदी: एसएसपी के निर्देश पर सिटी एसपी और डीएसपी भोला प्रसाद के नेतृत्व में गठित टीम ने सीतारामडेरा बस स्टैंड पर जाल बिछाया।

  • गिरफ्तारी: टीम ने मौके से करण वर्मा (21), निर्भय सिंह उर्फ छोटका (19), संतोष वर्मा उर्फ मुन्ना और कुणाल मुंडा उर्फ छिला (23) को गिरफ्तार किया।

  • फरार होने की योजना: पूछताछ में पता चला कि ये सभी आरोपी बस पकड़कर पटना भागने की फिराक में थे ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रह सकें।

हथियारों का जखीरा बरामद: दहशत फैलाने के लिए की थी फायरिंग

पुलिस ने जब इन चारों की तलाशी ली, तो उनके पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए खतरनाक हथियार बरामद हुए।

  1. देसी कट्टा: हमले के दौरान दहशत फैलाने के लिए इस्तेमाल किया गया एक देसी कट्टा जब्त किया गया है।

  2. तीन चापड़: नंदू कर्मकार पर प्रहार करने के लिए इस्तेमाल किए गए तीन धारदार चापड़ भी पुलिस ने बरामद किए हैं।

  3. डिजिटल सबूत: आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी मिले हैं, जिनसे उनके संपर्कों और योजना की जांच की जा रही है।

31 मार्च की वो खौफनाक रात: नंदू कर्मकार पर हुआ था जानलेवा हमला

छायानगर की इस घटना ने आपसी रंजिश और गैंगवार की आहट को फिर से ताजा कर दिया है।

  • टारगेट हमला: 31 मार्च की रात अपराधियों ने नंद लोहार उर्फ नंदू कर्मकार को घेर लिया था। उन पर चापड़ से ताबड़तोड़ वार किए गए और भागते समय इलाके में दहशत पैदा करने के लिए हवाई फायरिंग भी की गई।

  • अपराधिक इतिहास: गिरफ्तार आरोपियों में से कुणाल मुंडा उर्फ छिला का पुराना अपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पहले भी कई गंभीर मामलों में जेल जा चुका है। शहर के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।

  • छायानगर का इतिहास: सीतारामडेरा का छायानगर इलाका अक्सर वर्चस्व की जंग के लिए चर्चा में रहता है। संकरी गलियों और घनी आबादी का फायदा उठाकर अपराधी यहाँ वारदातों को अंजाम देते हैं।

सिटी एसपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस: अपराधियों के लिए कड़ा संदेश

सिटी एसपी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जमशेदपुर में अपराध करने वालों के लिए अब कोई सुरक्षित जगह नहीं है।

  • त्वरित कार्रवाई: घटना के तुरंत बाद एसएसपी ने एसआईटी का गठन किया था, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपियों को ट्रैक किया।

  • कानूनी प्रक्रिया: गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों की मेडिकल जांच के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। पुलिस अब इनके अन्य सहयोगियों और हथियारों के स्रोत की भी तलाश कर रही है।

  • सुरक्षा का भरोसा: सिटी एसपी ने आश्वासन दिया कि सीतारामडेरा और मानगो जैसे संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त और तेज की जाएगी ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।

जमशेदपुर पुलिस द्वारा सीतारामडेरा बस स्टैंड से इन अपराधियों की गिरफ्तारी एक बड़ी कामयाबी है। अगर ये आरोपी पटना भागने में सफल हो जाते, तो उन्हें पकड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन जाता। कुणाल मुंडा जैसे अपराधियों का जेल जाना छायानगर के लोगों के लिए राहत की खबर है। हालांकि, हथियार बरामदगी के बाद अब यह सवाल उठता है कि शहर में अवैध देसी कट्टे और चापड़ इतनी आसानी से कहाँ से उपलब्ध हो रहे हैं? फिलहाल, चारों आरोपी जेल की सलाखों के पीछे हैं और पुलिस मामले के हर पहलू को खंगाल रही है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।