Chaibasa Action: चाईबासा में दोस्त ही निकला कातिल, सुपारी किलर के साथ मिलकर सुभाष बानरा को उतारा मौत के घाट

चाईबासा पुलिस ने सुभाष बानरा हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतक के दोस्त साऊ देवगम और कुख्यात सुपारी किलर गोविंद मुन्दुईया को गिरफ्तार कर लिया है। पैसों के पुराने लेन-देन और झींकपानी के अपराधी के खौफनाक इतिहास की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 4, 2026 - 17:37
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Chaibasa Action:  चाईबासा में दोस्त ही निकला कातिल, सुपारी किलर के साथ मिलकर सुभाष बानरा को उतारा मौत के घाट
Chaibasa Action: चाईबासा में दोस्त ही निकला कातिल, सुपारी किलर के साथ मिलकर सुभाष बानरा को उतारा मौत के घाट

चाईबासा/पश्चिमी सिंहभूम, 4 अप्रैल 2026 – झारखंड के चाईबासा में 28 मार्च को हुए सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय को दहला देने वाली सुभाष बानरा की हत्या के मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को सदर डीएसपी बहामन टुटी ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कैसे एक करीबी दोस्त ने ही पैसों के खातिर अपने साथी की जान लेने के लिए पेशेवर 'सुपारी किलर' का सहारा लिया। चाईबासा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के बीच हड़कंप मचा दिया है।

दिनदहाड़े घर से बुलाकर कत्ल: 28 मार्च की वो खूनी दोपहर

बीती 28 मार्च 2026 को चाईबासा में उस वक्त सन्नाटा पसर गया जब अपराधियों ने सुभाष बानरा की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी थी।

  • साजिश का जाल: अपराधियों ने सुभाष को धोखे से उसके घर से बाहर बुलाया। जैसे ही वह बाहर आया, उस पर घातक हथियारों से हमला कर दिया गया।

  • मौके पर मौत: हमला इतना भीषण था कि सुभाष को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

  • दहशत का माहौल: शहर के बीचों-बीच हुई इस वारदात के बाद स्थानीय निवासियों में भारी डर था, जिसे देखते हुए एसपी अमित रेनू ने तुरंत एसआईटी (SIT) का गठन किया।

दोस्त निकला आस्तीन का सांप: सुपारी किलर के साथ मिलकर बुना जाल

तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने जब संदिग्धों को घेरा, तो रोंगटे खड़े कर देने वाला सच सामने आया।

  1. साऊ देवगम (40 वर्ष): मृतक का दोस्त और कमरहातु निवासी साऊ ही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। उसने पुलिस के सामने कबूल किया कि सुभाष के साथ उसका पैसों का पुराना विवाद था।

  2. गोविंद मुन्दुईया (38 वर्ष): हत्या को अंजाम देने के लिए साऊ ने झींकपानी के कुख्यात सुपारी किलर गोविंद मुन्दुईया को काम सौंपा। गोविंद का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और वह पहले भी लूट और हत्या जैसे गंभीर मामलों में जेल जा चुका है।

  3. पैसे का लेनदेन: आरोपियों ने बताया कि सुभाष ने काफी समय से पैसा लेकर वापस नहीं किया था, जिससे नाराज होकर साऊ ने उसे रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

चाईबासा और मुफस्सिल क्षेत्र का इतिहास: बढ़ती सुपारी किलिंग की चुनौती

पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा और झींकपानी जैसे इलाके पिछले कुछ वर्षों में खनिज संपदा के साथ-साथ छोटे गिरोहों के वर्चस्व के लिए भी चर्चा में रहे हैं।

  • कुख्यात झींकपानी कनेक्शन: झींकपानी क्षेत्र से गोविंद मुन्दुईया जैसे अपराधियों का निकलना पुलिस के लिए हमेशा से सिरदर्द रहा है। यहाँ के अपराधी अक्सर पड़ोसी राज्यों तक में वारदातों को अंजाम देते हैं।

  • बदलता अपराध का तरीका: पहले आपसी रंजिश में खुद हमले होते थे, लेकिन अब चाईबासा जैसे शांत शहर में 'सुपारी किलर' (Contract Killers) का बढ़ता दखल पुलिस के लिए नई चुनौती बन गया है।

  • एसआईटी की सफलता: इस केस के उद्भेदन में सदर डीएसपी बहामन टुटी, प्रशिक्षु आईपीएस राज कुमार जेयराजू और मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद कुमार की टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों (Call Details & Location) का बेहतरीन इस्तेमाल किया।

पुलिस की रडार पर अन्य आरोपी: छापेमारी जारी

भले ही पुलिस ने दो मुख्य किरदारों को सलाखों के पीछे भेज दिया है, लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।

  • फरार साथियों की तलाश: पुलिस को शक है कि 28 मार्च की वारदात के वक्त मौके पर कुछ और लोग भी मौजूद थे जिन्होंने गोविंद मुन्दुईया की मदद की थी। उनकी पहचान कर ली गई है और पुलिस की रिजर्व गार्ड टीम लगातार छापेमारी कर रही है।

  • हथियार की बरामदगी: पुलिस उस धारदार हथियार की तलाश में है जिससे सुभाष की हत्या की गई थी। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर संभावित ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है।

  • सख्त संदेश: चाईबासा पुलिस ने साफ कर दिया है कि जिले में किसी भी तरह की सुपारी किलिंग या संगठित अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

चाईबासा में सुभाष बानरा की हत्या यह सिखाती है कि कभी-कभी सबसे करीबी रिश्ता ही सबसे खतरनाक साबित होता है। पैसों के एक विवाद ने न केवल सुभाष की जान ली, बल्कि उसके दोस्त को भी अब उम्रकैद की दहलीज पर खड़ा कर दिया है। कुख्यात अपराधी गोविंद मुन्दुईया की गिरफ्तारी चाईबासा पुलिस की एक बड़ी जीत है। अब देखना यह है कि फरार चल रहे अन्य सहयोगी कब तक कानून के शिकंजे में आते हैं। फिलहाल, मुफस्सिल थाना पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।