Seraikela Raid: सरायकेला के मिरुडीह में अवैध अंग्रेजी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, रात भर चली छापेमारी, ब्रांडेड बोतलों में भरा जा रहा था मौत का केमिकल

सरायकेला के चौका थाना अंतर्गत मिरुडीह में उत्पाद विभाग ने अवैध अंग्रेजी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। रात भर चली छापेमारी में बरामद भारी मात्रा में नकली शराब, स्टिकर और केमिकल के इस काले कारोबार की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 6, 2026 - 16:13
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Seraikela Raid: सरायकेला के मिरुडीह में अवैध अंग्रेजी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, रात भर चली छापेमारी, ब्रांडेड बोतलों में भरा जा रहा था मौत का केमिकल
Seraikela Raid: सरायकेला के मिरुडीह में अवैध अंग्रेजी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, रात भर चली छापेमारी, ब्रांडेड बोतलों में भरा जा रहा था मौत का केमिकल

सरायकेला/चांडिल, 6 अप्रैल 2026 – झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से एक सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत चौका थाना क्षेत्र के मिरुडीह गांव में चल रहे अवैध अंग्रेजी शराब के एक विशाल नेटवर्क का पुलिस और उत्पाद विभाग ने पर्दाफाश किया है। रविवार की आधी रात को शुरू हुई यह कार्रवाई सोमवार की सुबह तक जारी रही। छापेमारी के दौरान जो मंजर सामने आया, उसने प्रशासन के भी होश उड़ा दिए। गाँव के भीतर एक गुप्त ठिकाने पर ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर 'मौत का जाम' तैयार किया जा रहा था। इस कार्रवाई ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है, लेकिन साथ ही सिस्टम की मिलीभगत पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आधी रात का ऑपरेशन: मिरुडीह में 'मिनी शराब फैक्ट्री' पर धावा

उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मिरुडीह गांव के एक सुनसान इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध शराब का निर्माण हो रहा है।

  • मैराथन छापेमारी: रविवार रात करीब 11 बजे टीम ने इलाके की घेराबंदी की। यह सर्च ऑपरेशन सोमवार सुबह 8 बजे तक चलता रहा, जिसमें हर कोने की तलाशी ली गई।

  • बरामदगी की लिस्ट: टीम ने मौके से भारी मात्रा में तैयार नकली अंग्रेजी शराब, नामी-गिरामी ब्रांडों की हजारों खाली बोतलें, ढक्कन, जाली स्टिकर और केमिकल से भरे कई ड्रम बरामद किए हैं।

  • उपकरण जब्त: शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले मिक्सिंग मशीन और पैकेजिंग उपकरण भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं।

ब्रांडेड बोतलों में 'जहर': ऐसे काम करता था यह सिंडिकेट

जांच में पता चला कि यह अवैध फैक्ट्री किसी पेशेवर कारखाने की तरह चलाई जा रही थी।

  1. केमिकल का खेल: ड्रमों में भरे घातक केमिकल को पानी और रंग के साथ मिलाकर नकली शराब तैयार की जाती थी।

  2. पैकेजिंग की साजिश: इस मिश्रण को रॉयल स्टैग और ब्लेंडर्स प्राइड जैसी महंगी ब्रांडेड बोतलों में भरकर उन पर असली दिखने वाले होलोग्राम और स्टिकर चिपकाए जाते थे।

  3. सप्लाई चेन: तैयार शराब को आसपास के ढाबों, होटलों और स्थानीय दुकानों में सस्ते दामों पर खपाया जाता था, जिससे सरकारी राजस्व को करोड़ों का चूना लग रहा था।

चौका और चांडिल का इतिहास: अवैध शराब तस्करी का पुराना रास्ता

सरायकेला का यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से नेशनल हाईवे (NH-33) से सटा हुआ है, जो इसे तस्करी के लिए एक 'सेफ पैसेज' बनाता है।

  • पुराना नेटवर्क: मिरुडीह और आसपास के गांवों में अवैध शराब का धंधा कोई नया नहीं है। यहाँ सालों से कच्ची शराब और अब विदेशी शराब के नाम पर नकली जहर बनाने का काम होता रहा है।

  • प्रशासनिक मिलीभगत के आरोप: स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह धंधा पुलिस और उत्पाद विभाग की नाक के नीचे चल रहा था। चर्चा यह भी है कि विभाग केवल वहीं छापेमारी करता है जहाँ से समय पर 'सुविधा शुल्क' या “टोकन मनी” नहीं पहुँचती।

  • कार्रवाई पर सवाल: सूत्रों का कहना है कि अगर उत्पाद विभाग वास्तव में गंभीर होता, तो यह फैक्ट्री इतने लंबे समय तक फल-फूल नहीं पाती। अब देखना यह है कि मुख्य सरगना की गिरफ्तारी होती है या केवल मजदूरों पर केस दर्ज कर खानापूर्ति कर ली जाएगी।

रडार पर मास्टरमाइंड और 'टोकन मनी' का खेल

इस बड़े खुलासे के बाद अब चौका पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम नेटवर्क की बैकवर्ड लिंकेज खंगाल रही है।

  • आरोपियों की पहचान: पुलिस ने कुछ संदिग्धों के नाम चिन्हित किए हैं जो मिरुडीह के इस काले कारोबार को फंड कर रहे थे। छापेमारी के दौरान कुछ लोग भागने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

  • केमिकल की जांच: जब्त किए गए केमिकल के नमूनों को लैब भेजा गया है ताकि यह पता चल सके कि यह इंसानी जान के लिए कितना खतरनाक था।

  • जवाबदेही तय: प्रशासन पर अब भारी दबाव है कि वह इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करे। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो ताकि विभाग के भीतर बैठे 'विभीषणों' का भी पर्दाफाश हो सके।

सरायकेला के मिरुडीह में मिली यह नकली शराब फैक्ट्री केवल एक बानगी है कि कैसे ग्रामीण इलाकों में मौत का व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है। रविवार रात की यह कार्रवाई सफल तो रही, लेकिन इसने उत्पाद विभाग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जब तक प्रशासन 'टोकन मनी' की संस्कृति को खत्म कर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक ऐसे मिरुडीह हर मोड़ पर मिलते रहेंगे। फिलहाल, पुलिस ने शराब के स्टॉक को जब्त कर लिया है और क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।