Birsa Munda Jayanti Celebration: साकची में बिरसा मुंडा जयंती मनाई गई, 150 वीं जयंती पर यह बड़ा ऐलान सामने आया
साकची स्थित EYE हॉस्पिटल के सामने बिरसा मुंडा जयंती धूमधाम से मनाई गई है। 150वीं जयंती पर अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने बड़ा संकल्प लिया। झारखंड स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूरे होने पर गोंड समाज के लोगों ने राज्य में और अधिक बदलाव की मांग की। दिनेश साह की अध्यक्षता में कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने भाग लिया। बिरसा आबा धरती के नाम से लगे नारों और उनकी जीवनी पर चर्चा का पूरा विवरण जानिए।
जमशेदपुर, 15 नवंबर 2025 – झारखंड की धरती के लिए 15 नवंबर का दिन हमेशा दोहरा गौरव लेकर आता है। आज एक ओर जहां महान जनजातीय योद्धा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती मनाई गई, वहीं दूसरी ओर झारखंड राज्य की स्थापना के 25 वर्ष भी पूरे हुए हैं। इसी ऐतिहासिक अवसर पर जमशेदपुर के साकची स्थित आई हॉस्पिटल के सामने अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने दिनेश साह की अध्यक्षता में हर्षोल्लास के साथ जयंती समारोह का आयोजन किया। इस दौरान गोंड समाज के लोगों ने माल्यार्पण करते हुए 'बिरसा आबा धरती' के नाम से नारे लगाए। सवाल यह है कि क्या 150 वीं जयंती पर समाज ने सिर्फ याद किया, या झारखंड के 25 वर्ष पूरे होने पर राज्य में बदलाव की कोई बड़ी मांग भी रखी गई?
150 वीं जयंती: साकची में माल्यार्पण समारोह
बिरसा मुंडा, जिन्हें 'धरती** आबा' कहा जाता है, ने 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश शासन और ज़मींदारों के खिलाफ 'उलगुलान' यानी महान विद्रोह का नेतृत्व किया था। उनके बलिदान की 150 वीं जयंती पर आज उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
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स्थान: जमशेदपुर के साकची स्थित आई हॉस्पिटल के सामने लगी बिरसा मुंडा जी की प्रतिमा पर यह समारोह आयोजित किया गया।
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नेतृत्व: अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ के अध्यक्ष श्री दिनेश साह की अध्यक्षता में माल्यार्पण किया गया।
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मांग: इस अवसर पर गोंड समाज के लोगों ने झारखंड राज्य की 25 वर्षीय स्थापना पर खुशी व्यक्त की, लेकिन साथ ही राज्य में और भी गहन बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बिरसा मुंडा की जीवनी: राजनीतिक दलों की उपस्थिति
जयंती समारोह में केवल गोंड समाज ही नहीं, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों और अन्य समाज के लोगों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया, जो बिरसा मुंडा के सम्मान को दर्शाता है।
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चर्चा: उपस्थित लोगों ने बिरसा मुंडा की प्रेरक जीवनी पर विस्तार से चर्चा की और उनके आदर्शों को याद किया।
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गूंजते नारे: पूरे समारोह के दौरान लोगों ने 'बिरसा आबा धरती' और अंत में 'बिरसा मुंडा अमर रहे' के जोशीले नारे लगाए, जिससे साकची का माहौल गुंजायमान हो गया।
समारोह में शामिल प्रमुख चेहरे
इस आयोजन को सफल बनाने में अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ के कई प्रमुख सदस्यों ने योगदान दिया।
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महिला समिति: नीतू कुमारी, मंजू देवी, हीरा देवी, चंपा देवी, कंचन देवी, भगवंती मरकाम समेत कई सदस्य शामिल हुए।
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पुरुष सदस्य: दिनेश साह के अलावा मदन साह, उमेश साह, मनोज प्रसाद, हृदय नंद, कामेश्वर प्रसाद, बलिंद्र साह, हरकेश साह, मनोज प्रसाद, रामेश्वर प्रसाद, सोहन साह सहित अन्य लोग मौजूद थे।
अंत में उमेश साह जी ने आए हुए सभी लोगों को धन्यवाद ज्ञापन दिया। 150 वीं जयंती पर हुए इस आयोजन ने बिरसा मुंडा के गौरवशाली इतिहास को एक बार फिर जीवंत कर दिया है।
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