Palamu Train Derailment : राजहरा स्टेशन के पास 116 वैगन वाली लॉन्ग हॉल मालगाड़ी के 15 डिब्बे पटरी से उतरे, ओएचई पोल टूटे!
पलामू के राजहरा स्टेशन पर 3 इंजन वाली विशालकाय लॉन्ग हॉल मालगाड़ी के 15 वैगन बेपटरी होने, विद्युत तार टूटने और बरवाडीह-डेहरी पैसेंजर ट्रेन रद्द होने की यह लाइव विजुअल ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
पलामू, 4 जून 2026 – झारखंड के पलामू प्रमंडल अंतर्गत धनबाद रेल मंडल (Dhanbad Rail Division) के गढ़वा रोड-बरवाडीह रेल खंड पर स्थित राजहरा रेलवे स्टेशन के समीप से इस वक्त की एक बेहद ही डरावनी, चौंकाने वाली और रेल परिचालन व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर देने वाली बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आ रही है। एसएलसीएस साइडिंग से रवाना हुई 116 वैगनों वाली एक विशालकाय 'लॉन्ग हॉल' मालगाड़ी (Long Haul Goods Train) को जब अप लाइन (तीसरी लाइन) से रिवर्सिबल लाइन पर डायवर्ट किया जा रहा था, ठीक उसी वक्त अचानक ट्रेन के मध्य हिस्से के 15 डिब्बे (वैगन) एक-एक करके पटरी से नीचे उतर गए। इस भयानक विजुअल हादसे में रेलवे के ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) पोल पूरी तरह उखड़ गए हैं और हाई-टेंशन विद्युत तार टूटकर पटरियों पर बिखर गए हैं। घटना के बाद धनबाद और बरवाडीह अंचल के रेल प्रशासन में भारी हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में बरवाडीह से दुर्घटना राहत ट्रेन (ART) और भारी क्रेन को विजुअल रेस्क्यू के लिए रवाना किया गया है।
हादसे की लाइव इनसाइड स्टोरी: दोपहर 1:15 बजे हुआ जोरदार धमाका, 18वें डिब्बे से शुरू हुआ तबाही का विजुअल कट्स
धनबाद रेल मंडल और राजहरा स्टेशन मास्टर कार्यालय से मिली लाइव ऑन-फील्ड जानकारी के मुताबिक, गुरुवार दोपहर को घटे इस विजुअल ट्रेन हादसे की क्रोनोलॉजी बेहद चिंताजनक है:
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विशालकाय आकार: यह कोई साधारण मालगाड़ी नहीं थी, बल्कि तीन शक्तिशाली रेल इंजनों और 116 वैगनों को आपस में जोड़कर बनाई गई एक विशेष 'लॉन्ग हॉल' ट्रेन थी, जो बुधवार दोपहर 12:55 बजे केएफटी (KFT) स्टेशन से विधिक रूप से गुजरी थी।
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डायवर्जन के वक्त कट्स: गुरुवार दोपहर करीब 1:15 बजे जैसे ही यह ट्रेन राजहरा रेलवे स्टेशन के पास पहुंची और उसे रिवर्सिबल लाइन पर मोड़ा जाने लगा, तभी एक जोरदार झटका लगा। ट्रेन के पहले हिस्से में लगे मुख्य इंजन संख्या 44438 से गिनती करने पर 18वें वैगन से लेकर अगले 15 डिब्बे पटरी छोड़कर जमीन पर धंस गए।
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क्षतिग्रस्त हुआ ओएचई मास्ट: दुर्घटना इतनी भीषण थी कि किलोमीटर संख्या 302/23 पर स्थित विशाल ओएचई मास्ट (इलेक्ट्रिक पोल) जमींदोज हो गया। राहत कार्य के लिए कैरिज एंड वैगन (C&W) विभाग ने युद्धस्तर पर चार पोकलेन और दो जेसीबी मशीनों को विजुअल ट्रैक क्लियरेंस के काम में लगा दिया है।
बरवाडीह-डेहरी पैसेंजर ट्रेन पूरी तरह रद्द, उच्च स्तरीय विधिक जांच के आदेश
इस वक्त की ताजा लाइव स्थिति यह है कि इस भयानक हादसे के कारण इस पूरे रेल खंड पर यात्री और मालगाड़ियों का परिचालन विधिक रूप से ठप हो गया है। रेलवे अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर बताया कि सुरक्षा कारणों से बरवाडीह-डेहरी ऑन सोन सवारी गाड़ी (08635) को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है, जबकि कई अन्य ट्रेनों के रूट में कट्स या बदलाव किए जा रहे हैं। वरिष्ठ अभियंताओं की देखरेख में पटरियों को दुरुस्त करने का विजुअल काम युद्धस्तर पर जारी है।
2026 के इस आधुनिक युग में, जहाँ भारतीय रेलवे कवच प्रणाली और डिजिटल ट्रैकिंग के दावे कर रही है, वहाँ एक मुख्य रूट पर मालगाड़ी के 15 डिब्बों का इस तरह बिखर जाना रेलवे के सुरक्षा तंत्र पर एक बड़ा विजुअल अलर्ट है। धनबाद रेल मंडल के डीआरएम ने हादसे के कारणों की बारीकी से जांच के लिए एक विधिक जांच कमेटी का गठन कर दिया है। जब तक पटरियों के इस पुराने ढर्रे और लॉन्ग हॉल ट्रेनों के टर्निंग लोड का सही विधिक ऑडिट नहीं किया जाएगा, तब तक पलामू-धनबाद रेल खंड पर ऐसे हादसों को रोकना एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।
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