Kharsawan Warranty Arrest : 15 साल से पुलिस को छका रहा 'लाल वारंटी' केदार बोयपाई दबोचा, रामचंद्रपुर बस्ती में तड़के हुई विजुअल घेराबंदी!
खरसावां के रामचंद्रपुर बस्ती में पिछले 15 वर्षों से फरार चल रहे कुख्यात लाल वारंटी केदार बोयपाई उर्फ फली की नाटकीय विजुअल गिरफ्तारी और पुलिसिया दबिश की यह लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
सरायकेला/खरसावां, 4 जून 2026 – झारखंड के ऐतिहासिक और सरायकेला-खरसावां जिले (Saraikela-Kharsawan) के खरसावां थाना अंचल से इस वक्त की एक बेहद ही सनसनीखेज, चौंकाने वाली और कानून के लंबे हाथों का विजुअल लोहा मनवाने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। सरायकेला जिला पुलिस कप्तान (SP) निधि द्विवेदी के कड़े विधिक आदेश पर फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष महाअभियान के तहत खरसावां थाना पुलिस ने एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पिछले लगभग 15 सालों से कानून की आंख में धूल झोंककर फरार चल रहे एक बेहद शातिर 'लाल वारंटी' (Absconding Warrantee) को उसके गुप्त ठिकाने से रंगे हाथों विजुअल रूप से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान खरसावां थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर बस्ती निवासी केदार बोयपाई उर्फ फली के रूप में हुई है, जिसकी तलाश में पुलिस अंचल की कई अदालतें वर्षों से विधिक वारंट जारी कर रही थीं।
गिरफ्तारी की लाइव इनसाइड स्टोरी: 15 साल की फरारी, एक गुप्त सूचना और थाना प्रभारी की विजुअल दबिश
खरसावां थाना अंचल और सरायकेला तकनीकी सेल से मिली लाइव ऑन-फील्ड जानकारी के मुताबिक, इस शातिर वारंटी को दबोचने की क्रोनोलॉजी पुलिसिया मुस्तैदी का एक बेहतरीन विजुअल उदाहरण है:
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गोपनीय इनपुट का जाल: खरसावां थाना प्रभारी राहुल कुमार सिंह (Rahul Kumar Singh) को एक पुख्ता और लाइव गुप्त सूचना मिली थी कि 15 वर्षों से अपनी विधिक पहचान छुपाकर अलग-अलग राज्यों में फरारी काट रहा केदार बोयपाई उर्फ फली इस वक्त गुपचुप तरीके से रामचंद्रपुर बस्ती स्थित अपने पैतृक घर आया हुआ है।
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त्वरित विजुअल घेराबंदी: सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के कुशल नेतृत्व में एक विशेष विजुअल रेड टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तड़के सुबह सूर्योदय से पहले ही पूरे रामचंद्रपुर बस्ती अंचल को चारों तरफ से विधिक रूप से घेर लिया ताकि आरोपी को दोबारा भागने का कोई 'सीक्रेट कट्स' न मिल सके।
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रंगे हाथों अरेस्ट: पुलिस की इस अचानक दबिश से केदार बोयपाई को संभलने तक का मौका नहीं मिला। वह घर के पिछले दरवाजे से भागने का परम्परागत ढर्रा अपना ही रहा था कि सादे लिबास में तैनात जवानों ने उसे विजुअल रूप से दबोच लिया। विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया है।
एसपी निधि द्विवेदी का कड़ा रुख, फरार अपराधियों में मचा भारी विजुअल हड़कंप
खरसावां थाना प्रभारी राहुल कुमार सिंह ने इस बड़ी विधिक सफलता के बाद साफ शब्दों में कहा कि न्यायालय से जारी वारंटों का शत-प्रतिशत निष्पादन करना और पुराने ढर्रे के अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। एसपी निधि द्विवेदी के लाइव निर्देशन में चल रहे इस अभियान के बाद अंचल के अन्य फरार वारंटियों और अपराधियों के बीच भारी विजुअल हड़कंप मच गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि या तो अपराधी तुरंत विधिक रूप से आत्मसमर्पण (Surrender) करें, अन्यथा उनके खिलाफ कुर्की-जब्ती की कठोर कानूनी गाज गिरना तय है।
2026 के इस आधुनिक और डिजिटल युग में, जहाँ पुलिस अपराधियों को ट्रैक करने के लिए एडवांस डेटाबेस का इस्तेमाल कर रही है, वहाँ 15 साल पुराने लाल वारंटी का पकड़ा जाना कानून व्यवस्था का इकबाल बुलंद करता है। इस डार्क सिलसिले को हमेशा के लिए रोकने के लिए खरसावां पुलिस को अपने बीट पुलिसिंग के परम्परागत ढर्रे को और मजबूत करना होगा, ताकि कोई भी अपराधी वर्षों तक समाज के बीच अपनी पहचान छुपाकर न रह सके।
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