Sahibganj Crash: बिछी लाशें, साहिबगंज में तेल टैंकर ने ऑटो को रौंदा, मासूम बच्चे समेत 3 की मौत, अस्पताल में भारी तोड़फोड़

साहिबगंज के बरहेट-बरहड़वा मार्ग पर तेल टैंकर और ऑटो की भीषण भिड़ंत में एक स्कूली बच्चे सहित तीन लोगों की जान चली गई है। ग्रामीणों का भारी आक्रोश, अस्पताल में तोड़फोड़ और रांगा डांड़ पुल पर मचे इस खौफनाक मंजर की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी झारखंड के इस हृदयविदारक हादसे की असल वजह से अनजान रह जाएंगे।

Jan 2, 2026 - 15:08
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Sahibganj Crash: बिछी लाशें, साहिबगंज में तेल टैंकर ने ऑटो को रौंदा, मासूम बच्चे समेत 3 की मौत, अस्पताल में भारी तोड़फोड़
Sahibganj Crash: बिछी लाशें, साहिबगंज में तेल टैंकर ने ऑटो को रौंदा, मासूम बच्चे समेत 3 की मौत, अस्पताल में भारी तोड़फोड़

साहिबगंज, 2 जनवरी 2026 – झारखंड के साहिबगंज जिले से साल के दूसरे ही दिन एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। जिले के बरहेट-बरहड़वा मुख्य पथ पर स्थित छोटा रांगा डांड़ पुल मोड़ के पास एक तेल टैंकर ने यात्रियों से भरे ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में एक मासूम स्कूली बच्चे समेत तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उग्र भीड़ ने स्वास्थ्य केंद्र में जमकर तोड़फोड़ की है, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है।

डहुआजोड़ पहुँचने से पहले ही काल बन आया टैंकर

हादसा शुक्रवार सुबह उस वक्त हुआ जब बरहेट से यात्रियों को लेकर एक ऑटो बरहड़वा की ओर जा रहा था।

  • भीषण टक्कर: बरहड़वा की ओर से तेल खाली कर लौट रहे तेज रफ्तार तेल टैंकर ने रांगा डांड़ पुल मोड़ के पास ऑटो को सामने से कुचल दिया।

  • मंजिल से चंद कदम दूर: बताया जा रहा है कि ऑटो में सवार सभी यात्री डहुआजोड़ चौक पर उतरने वाले थे, लेकिन मंजिल तक पहुँचने से पहले ही मौत ने उन्हें अपना शिकार बना लिया।

  • बच्चे और घायल: इस हादसे में तीन बच्चों सहित कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।

अस्पताल में बवाल: CHC में तोड़फोड़ और पुलिस पर गुस्सा

हादसे के बाद जब घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पतना लाया गया, तो वहां स्थिति और बिगड़ गई।

  1. लापरवाही का आरोप: ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में घायलों को समय पर इलाज नहीं मिला, जिससे आक्रोश भड़क उठा। उग्र लोगों ने अस्पताल की संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया और तोड़फोड़ की।

  2. पोस्टमार्टम रोका: पुलिस जब शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी, तो ग्रामीणों ने रास्ता रोक दिया। लोगों की मांग है कि पहले मुआवजे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन मिले।

  3. पुलिस बल तैनात: मौके पर बिगड़ते हालात को देखते हुए बरहड़वा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

साहिबगंज सड़क दुर्घटना: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)

विवरण जानकारी
मृतकों की संख्या 03 (एक स्कूली बच्चा शामिल)
स्थान छोटा रांगा डांड़ पुल मोड़ (रांगा)
शामिल वाहन तेल टैंकर और यात्री ऑटो
विवाद की वजह इलाज में देरी और अस्पताल में तोड़फोड़
वर्तमान स्थिति तनावपूर्ण, भारी पुलिस बल तैनात

इतिहास और भूगोल: बरहेट-बरहड़वा मार्ग का 'खूनी मोड़'

साहिबगंज का बरहेट-बरहड़वा मुख्य पथ ऐतिहासिक रूप से भारी वाहनों की आवाजाही के लिए जाना जाता है। रांगा डांड़ पुल के पास का यह मोड़ काफी संकरा है और यहाँ विजिबिलिटी (दृश्यता) कम होने के कारण अक्सर हादसे होते रहे हैं। पिछले 5 वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि इस विशेष मोड़ पर दर्जनों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। तेल टैंकरों की बेलगाम रफ्तार इस रूट पर हमेशा से चिंता का विषय रही है। स्थानीय लोगों ने कई बार यहाँ स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड लगाने की मांग की है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी आज एक और मासूम की जान ले बैठी।

तनावपूर्ण माहौल: ग्रामीणों और प्रशासन के बीच टकराव

वर्तमान में बरहड़वा और रांगा थाने की पुलिस ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन ग्रामीण टस से मस नहीं हो रहे।

  • अनाथ हुए परिवार: मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। नए साल के दूसरे ही दिन घर का चिराग बुझने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

  • एसडीपीओ की अपील: नितिन खंडेलवाल ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिया है कि तेल टैंकर चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल: पतना सीएचसी में हुई तोड़फोड़ ने जिले की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों की कमी के पुराने जख्मों को फिर से कुरेद दिया है।

कब थमेगा सड़कों पर कत्लेआम?

साहिबगंज की यह घटना महज एक हादसा नहीं, बल्कि तेज रफ्तार और लचर व्यवस्था का नतीजा है। एक तरफ सड़कें लहूलुहान हैं और दूसरी तरफ अस्पताल में सुविधाओं का अभाव। जब तक भारी वाहनों की गति पर नकेल नहीं कसी जाएगी और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को हाई-टेक नहीं बनाया जाएगा, तब तक मासूम स्कूली बच्चे ऐसे ही बेमौत मरते रहेंगे।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।