Ranchi Tragedy : रिम्स हॉस्टल में MBBS छात्र ने लगाया मौत का फंदा, सेकंड ईयर के अक्षित कुजूर की खुदकुशी से हड़कंप

रांची के रिम्स हॉस्टल नंबर 8 में एमबीबीएस सेकंड ईयर के छात्र अक्षित कुजूर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मेडिकल कॉलेज में मचे कोहराम और प्रबंधन द्वारा मोटिवेशनल क्लास शुरू करने के बड़े फैसले की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।

May 16, 2026 - 18:38
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Ranchi Tragedy : रिम्स हॉस्टल में MBBS छात्र ने लगाया मौत का फंदा, सेकंड ईयर के अक्षित कुजूर की खुदकुशी से हड़कंप
Ranchi Tragedy : रिम्स हॉस्टल में MBBS छात्र ने लगाया मौत का फंदा, सेकंड ईयर के अक्षित कुजूर की खुदकुशी से हड़कंप

राँची, 16 मई 2026 – झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज, राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) से एक बेहद स्तब्ध करने वाली और हृदय विदारक खबर सामने आई है। रिम्स में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे एमबीबीएस (MBBS) के एक होनहार छात्र ने हॉस्टल के कमरे में फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस आत्मघाती कदम के बाद पूरे रिम्स कैंपस में सन्नाटा और दहशत का माहौल है। देश के सबसे कड़े कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स में से एक 'नीट' को क्रैक कर डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले एक युवा का इस तरह जाना मेडिकल शिक्षा के दबाव पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

वारदात की दास्तां: हॉस्टल नंबर 8 का वो बंद दरवाजा

यह दुखद घटना रिम्स परिसर के हॉस्टल नंबर 8 के एचआईजी (HIG) ब्लॉक में घटित हुई।

  • कमरे का खौफनाक मंजर: जानकारी के अनुसार, जब काफी देर तक छात्र के कमरे में कोई हलचल नहीं हुई, तो आसपास के अन्य छात्रों को संदेह हुआ। उन्होंने हॉस्टल प्रबंधन को इसकी सूचना दी।

  • दरवाजा तोड़कर निकाला: छात्रों और हॉस्टल स्टाफ ने मिलकर जब कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो अंदर अक्षित को फंदे से लटका पाया। आनन-फानन में उसे फंदे से उतारकर रिम्स के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

  • मृतक की पहचान: मृतक छात्र की पहचान अक्षित कुजूर के रूप में हुई है। वह झारखंड के ही सिमडेगा जिले का रहने वाला था और रिम्स में एमबीबीएस सेकंड ईयर (2024 बैच) का छात्र था।

प्रशासनिक रुख: "गहरे डिप्रेशन में था अक्षित, शुरू होंगी मोटिवेशनल क्लासेस"

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। सिमडेगा में रहने वाले परिजनों को इस त्रासदी की जानकारी दे दी गई है।

  1. रिम्स निदेशक का बयान: रिम्स के निदेशक डॉ. राजकुमार ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पुष्टि की है कि अक्षित पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और डिप्रेशन (Depression) के दौर से गुजर रहा था।

  2. अभिभावकों से अपील: निदेशक ने कहा कि मानसिक तनाव के कारण युवाओं में सुसाइडल टेंडेंसी बढ़ जाती है। ऐसे में माता-पिता को अपने बच्चों के साथ लगातार बातचीत और संपर्क बनाए रखना चाहिए।

  3. कैंपस में नया बदलाव: इस घटना से सबक लेते हुए रिम्स प्रबंधन ने घोषणा की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मेडिकल छात्रों के लिए बहुत जल्द ही विशेष मोटिवेशनल क्लासेस और काउंसलिंग सेशन शुरू किए जाएंगे।

डॉक्टर बनने की होड़ में खोती जिंदगी

अक्षित कुजूर की मौत ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारा एजुकेशन सिस्टम छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य से बड़ा हो चुका है? दूसरों को जीवन देने की पढ़ाई करने वाला खुद जिंदगी की जंग हार गया। रिम्स प्रबंधन द्वारा मोटिवेशनल क्लास शुरू करने का फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि हॉस्टलों में ऐसा माहौल बने जहाँ छात्र बिना किसी डर के अपने डिप्रेशन पर खुलकर बात कर सकें।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।