Jadugoda Storm Havoc : धोबनी गांव में कुदरत का विजुअल कहर, एस्बेस्टस की छतें उड़ने से खुले आसमान के नीचे आए दो परिवार!

जादूगोड़ा के धोबनी गांव में भीषण आंधी-तूफान से तबाह हुए चरण बास्के और सुंदर सोरेन के आशियाने तथा मुखिया अनीता मुर्मू द्वारा बीडीओ से मांगी गई विधिक राहत की यह पूरी लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Jun 6, 2026 - 15:55
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Jadugoda Storm Havoc : धोबनी गांव में कुदरत का विजुअल कहर, एस्बेस्टस की छतें उड़ने से खुले आसमान के नीचे आए दो परिवार!
Jadugoda Storm Havoc : धोबनी गांव में कुदरत का विजुअल कहर, एस्बेस्टस की छतें उड़ने से खुले आसमान के नीचे आए दो परिवार!

जादूगोड़ा/पोटका, 6 जून 2026 – पूर्वी सिंहभूम जिले के यूरेनियम खनन अंचल के रूप में वैश्विक पहचान रखने वाले जादूगोड़ा के पोटका ब्लॉक अंतर्गत डोमजूडी पंचायत के धोबनी गांव से इस वक्त की एक बेहद ही दर्दनाक, झकझोर देने वाली और प्रशासनिक ढर्रे पर सवाल उठाने वाली बड़ी विजुअल ग्राउंड खबर सामने आ रही है। बीते दिन आए भीषण आंधी-तूफान और कट्स मूसलाधार बारिश ने इस ग्रामीण अंचल में भारी तबाही मचाई है। चक्रवाती हवाओं के विजुअल थपेड़ों से गांव के दो गरीब परिवारों के आशियाने पूरी तरह कट्स होकर उजड़ गए हैं। घटना के २४ घंटे बीत जाने के बाद भी राहत न मिलने से पीड़ित परिवार इस भीषण गर्मी और उमस के बीच खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को विवश हैं। सूचना मिलने के बाद स्थानीय डोमजूडी पंचायत की मुखिया अनीता मुर्मू ने लाइव मौके पर पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और पोटका बीडीओ (BDO) अरुण मुंडा से तत्काल विधिक आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।

तबाही की लाइव इनसाइड स्टोरी: ४ बजे आया डार्क तूफान, एक लाख का एस्बेस्टस चकनाचूर

धोबनी गांव के जमीनी विजुअल हालात और मुखिया संगठन के विधिक सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड जानकारी के मुताबिक, इस प्राकृतिक हादसे की क्रोनोलॉजी बेहद मर्मस्पर्शी है:

  • अचानक बदला मौसम का मिजाज: संध्या ठीक चार बजे अचानक आसमान में डार्क कट्स बादल छाए और देखते ही देखते तेज चक्रवाती आंधी शुरू हो गई।

  • चरण बास्के का आशियाना जमींदोज: पीड़ित ग्रामीण चरण बास्के ने लाइव रोते हुए बताया कि आंधी के तेज झोंकों में उनके घर की पूरी छत पर लगा करीब एक लाख रुपये का एस्बेस्टस कट्स होकर उड़ गया और जमीन पर गिरकर बिखर गया। उनके साथ ही सुंदर सोरेन का घर भी इस विजुअल तूफान की चपेट में आ गया।

  • २४ घंटे का डार्क इंतजार: पीड़ितों का लाइव आरोप है कि घटना के २४ घंटे गुजर जाने के बावजूद प्रशासन या आपदा विभाग का कोई भी परम्परागत अधिकारी उनके घरों की मरम्मती या प्लास्टिक तिरपाल देने के लिए आगे नहीं आया, जिसके बाद मुखिया अनीता मुर्मू ने खुद कट्स ग्राउंड पर मोर्चा संभाला।

बीडीओ अरुण मुंडा के विधिक ऐक्शन पर टिकी नजरें, ग्रामीणों में भारी सुगबुगाहट

इस वक्त की ताजा लाइव स्थिति यह है कि डोमजूडी पंचायत मुखिया अनीता मुर्मू के लिखित आवेदन के बाद पोटका ब्लॉक प्रशासन हरकत में आया है। बीडीओ अरुण मुंडा ने अंचल निरीक्षक (CI) को तुरंत धोबनी गांव जाकर हुए नुकसान का विधिक आकलन करने और पीड़ितों को तात्कालिक कट्स सहायता के रूप में सरकारी तिरपाल और सूखा राशन उपलब्ध कराने का लाइव निर्देश दिया है। बहरहाल, देखना यह है कि इस भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच जीने को मजबूर चरण बास्के को कब तक पक्का विधिक आवास या मुआवजा मिलता है, या फिर यह मामला भी पुराने प्रशासनिक ढर्रे की भेंट चढ़ जाता है।

2026 के इस आधुनिक दौर में, जहाँ हम स्मार्ट सिटी की बात करते हैं, वहाँ आंधी में छत उड़ने के बाद एक गरीब परिवार का बेबस हो जाना हमारे सामाजिक ढर्रे पर एक बड़ा विजुअल अलर्ट है। इस डार्क सिलसिले को समाप्त करने के लिए जिला प्रशासन को पोटका के सभी पुराने परम्परागत कच्चे मकानों को चिन्हित कर प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष विधिक कट्स के तहत पक्के मकानों में तब्दील करना होगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।