Ramgarh Heist: भारी-भरकम तिजोरी को भी नहीं छोड़ा, रामगढ़ में दो ज्वेलरी शॉप में 17 लाख की भीषण चोरी, बाजार में दहशत
रामगढ़ के भुरकुंडा में चोरों ने दो ज्वेलर्स दुकानों के शटर उखाड़कर 17 लाख से अधिक के जेवरात और नकदी पार कर दिए हैं। 500 किलो का लॉकर तोड़कर की गई इस दुस्साहसिक वारदात की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी सुरक्षित माने जाने वाले इन व्यावसायिक इलाकों में छिपे इस बड़े खतरे से अनजान रह जाएंगे।
रामगढ़, 16 जनवरी 2026 – झारखंड के रामगढ़ जिला अंतर्गत भुरकुंडा ओपी क्षेत्र में बीती रात चोरों ने पुलिसिया गश्त को ठेंगा दिखाते हुए भारी लूटपाट को अंजाम दिया है। सौंदा ‘डी’ बाजार में स्थित दो प्रमुख ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाकर चोरों ने करीब 17.50 लाख रुपये की संपत्ति पार कर दी। वारदात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चोरों ने 500 किलोग्राम वजनी लोहे की तिजोरी (लॉकर) को भी कटर और भारी औजारों से काटकर खंडहर बना दिया। इस घटना के बाद रामगढ़ के व्यापारियों में आक्रोश और डर का माहौल है।
5 क्विंटल का लॉकर और 15 लाख का माल: देवरतन ज्वेलर्स में सफाई
शुक्रवार सुबह जब दुकानदार अपनी दुकानें खोलने पहुँचे, तो नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
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शटर को उखाड़ा: चोरों ने देवरतन ज्वेलर्स के शटर को जैक या भारी रॉड की मदद से मोड़कर भीतर प्रवेश किया।
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तिजोरी पर सर्जिकल स्ट्राइक: दुकान के अंदर रखे करीब 500 किलो के भारी-भरकम लॉकर को चोरों ने प्रोफेशनल तरीके से तोड़ दिया। यहाँ से लगभग 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने और मोटी नकदी गायब है।
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राजरतन ज्वेलर्स भी निशाने पर: चोरों ने पास ही स्थित राजरतन ज्वेलर्स का भी ताला चटकाया और वहां से करीब ढाई लाख रुपये के जेवरात उड़ा लिए।
पुलिस की छानबीन: सीसीटीवी में कैद हुए शातिर 'प्रोफेशनल'
सूचना मिलते ही भुरकुंडा ओपी पुलिस मौके पर पहुँची और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से सुराग जुटाने शुरू किए।
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सुनियोजित वारदात: पुलिस का मानना है कि यह किसी स्थानीय छोटे चोर का काम नहीं है। जिस तरह से 5 क्विंटल की तिजोरी को काटा गया, उससे साफ है कि गिरोह पूरी तैयारी और आधुनिक कटर मशीनों के साथ आया था।
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फुटेज की जांच: बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। शुरुआती फुटेज में कुछ संदिग्ध चेहरे नजर आ रहे हैं, जो देर रात इलाके की रेकी करते देखे गए थे।
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सुरक्षा में सेंध: स्थानीय दुकानदारों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार गश्त बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन सुरक्षा में खामी का फायदा उठाकर चोरों ने इतना बड़ा हाथ मार दिया।
भुरकुंडा ज्वेलरी चोरी कांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| दुकान का नाम | नुकसान का आंकलन | मुख्य क्षति |
| देवरतन ज्वेलर्स | लगभग 15 लाख रुपये | 500 किलो का लॉकर तोड़ा गया |
| राजरतन ज्वेलर्स | लगभग 2.50 लाख रुपये | सोने-चांदी के गहने और नकदी |
| वारदात का तरीका | शटर काटना और तिजोरी ब्रेक करना | गिरोह में 4-5 लोगों की आशंका |
| जांच टीम | भुरकुंडा ओपी, रामगढ़ पुलिस | सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं |
इतिहास का पन्ना: रामगढ़ का 'व्यापारिक वैभव' और कोयलांचल का क्राइम रिकॉर्ड
रामगढ़ और भुरकुंडा का इलाका ऐतिहासिक रूप से छोटानागपुर के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक रहा है। 1940 के दशक में जब यहाँ कोलियरियों का विस्तार हुआ, तो सौंदा और भुरकुंडा जैसे इलाके व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र बन गए। इतिहास गवाह है कि रामगढ़ जिला मुख्यालय के ज्वेलरी बाजार पर कभी 'राजघरानों' की सुरक्षा का प्रभाव हुआ करता था। साल 1990 और 2000 के दशक में इस क्षेत्र में तिजोरी तोड़ गिरोह (Safe-Breakers) काफी सक्रिय थे, जो विशेष रूप से भारी मशीनों का उपयोग करते थे। आज की वारदात ने एक बार फिर उस पुराने 'प्रोफेशनल गैंग' की याद ताजा कर दी है, जो केवल बड़ी दुकानों और भारी तिजोरियों को निशाना बनाने के लिए जाने जाते थे। 2026 की इस डिजिटल निगरानी के युग में भी 5 क्विंटल का लोहा काटकर चोरी करना पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान है।
व्यापारियों की चेतावनी: जल्द गिरफ्तारी वरना आंदोलन
बाजार समिति और स्थानीय स्वर्णकार संघ ने पुलिस को अल्टीमेटम दिया है।
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आर्थिक चोट: व्यापारियों का कहना है कि मंदी के दौर में इतनी बड़ी चोरी एक परिवार को पूरी तरह बर्बाद कर देती है।
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जनता से अपील: पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी ने रात के समय किसी संदिग्ध ट्रक या पिकअप वैन को बाजार के आसपास देखा हो, तो तुरंत सूचना दें।
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सघन चेकिंग: रामगढ़ के सभी एग्जिट पॉइंट्स पर नाकेबंदी कर दी गई है और पुराने अपराधियों की कुंडली खंगाली जा रही है।
कानून के लिए बड़ी चुनौती
भुरकुंडा में हुई यह 'डबल चोरी' रामगढ़ पुलिस की प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। जब तक ये 'प्रोफेशनल लॉकर ब्रेकर्स' सलाखों के पीछे नहीं पहुँचते, तब तक ज्वेलरी दुकानदारों के लिए अपनी दुकानों को भगवान भरोसे छोड़ना एक मजबूरी बनी रहेगी।
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