Palamu Raid: पलामू में अफीम तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, रेलवे स्टेशन के पास से दो तस्कर गिरफ्तार, जालंधर कनेक्शन आया सामने
पलामू पुलिस ने डालटनगंज रेलवे स्टेशन के पास छापेमारी कर सवा किलो से अधिक अवैध अफीम बरामद की है। चतरा के दो शातिर तस्करों की गिरफ्तारी के साथ ही पंजाब तक फैले नशा तस्करी के इस बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। एसपी रीष्मा रमेशन की इस बड़ी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
मेदिनीनगर/पलामू, 21 मार्च 2026 – झारखंड के पलामू जिले में मादक पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र के डालटनगंज रेलवे स्टेशन के समीप पुलिस ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' करते हुए अफीम तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। एसपी रीष्मा रमेशन के नेतृत्व में चलाए गए इस गुप्त ऑपरेशन में दो शातिर तस्करों को रंगे हाथों दबोचा गया है। इनके पास से 1.263 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली अफीम बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है। इस गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि पलामू अब नशा माफियाओं के लिए सेफ पैसेज नहीं रहा।
स्टेशन पर घेराबंदी: गांधी मैदान के पास मची खलबली
पुलिस को सटीक खुफिया जानकारी मिली थी कि डालटनगंज रेलवे स्टेशन के आसपास कुछ बाहरी लोग अफीम की एक बड़ी खेप को खपाने की फिराक में हैं।
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विशेष टीम का गठन: सूचना की गंभीरता को देखते हुए सदर डीएसपी राजीव रंजन के नेतृत्व में एक स्ट्राइक टीम बनाई गई।
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छापेमारी: टीम ने स्टेशन के पास स्थित गांधी मैदान के यात्री शेड की घेराबंदी की। वहां संदिग्ध अवस्था में खड़े दो युवकों को जैसे ही पुलिस ने टोका, उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।
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बरामदगी: तलाशी के दौरान मुकेश कुमार रजक के पास से 470 ग्राम और सत्यदेव यादव के पास से 793 ग्राम अवैध अफीम मिली। दोनों के पास से दो एंड्रॉयड फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनमें तस्करी के कई अहम सुराग छिपे हैं।
चतरा से पलामू और फिर पंजाब: तस्करी का 'जालंधर' रूट
पकड़े गए दोनों आरोपी चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र (रिमी रामपुर गांव) के रहने वाले हैं। चतरा हमेशा से अफीम की खेती का केंद्र रहा है, लेकिन यहाँ से माल की सप्लाई का तरीका बदल गया है।
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पुराना खिलाड़ी: आरोपी सत्यदेव यादव कोई मामूली तस्कर नहीं है। जांच में पता चला है कि वह एक साल पहले पंजाब के जालंधर (आदमपुर थाना) में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत जेल जा चुका है।
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अंतरराज्यीय लिंक: पुलिस का मानना है कि ये तस्कर झारखंड की अफीम को पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचते हैं।
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डिजिटल सबूत: जब्त किए गए मोबाइल फोन से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पलामू में इनका 'लोकल रिसीवर' कौन था और इस बार यह खेप कहाँ भेजी जानी थी।
पलामू पुलिस का 'जीरो टॉलरेंस' अभियान
झारखंड का पलामू और चतरा बॉर्डर इलाका भौगोलिक रूप से तस्करी के लिए मुफीद रहा है, लेकिन हाल के महीनों में पुलिस ने यहाँ नकेल कस दी है।
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एसपी का कड़ा रुख: एसपी रीष्मा रमेशन ने साफ कर दिया है कि पलामू की धरती का इस्तेमाल मादक पदार्थों की आवाजाही के लिए करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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नेटवर्क की पहचान: पुलिस अब उन 'व्हाइट कॉलर' अपराधियों की कुंडली खंगाल रही है जो चतरा के सुदूर गांवों से अफीम निकलवाकर इन युवाओं के जरिए दूसरे राज्यों में सप्लाई करवाते हैं।
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न्यायिक हिरासत: दोनों आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
अगला कदम: कॉल डिटेल्स और बैंक खातों की जांच
पलामू पुलिस अब इस मामले में 'फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज' पर काम कर रही है।
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मनी ट्रेल: पुलिस यह देख रही है कि इन तस्करों के बैंक खातों में पिछले कुछ महीनों में कहां-कहां से पैसे ट्रांसफर हुए हैं।
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फरार साथी: पूछताछ में कुछ और नामों का खुलासा हुआ है जो चतरा और पलामू की सीमाओं पर सक्रिय हैं। उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी के लिए विशेष टीमें रवाना कर दी गई हैं।
डालटनगंज रेलवे स्टेशन के पास हुई यह कार्रवाई नशे के सौदागरों के लिए एक बड़ा झटका है। सवा किलो अफीम की बरामदगी केवल एक शुरुआत है, क्योंकि इसके पीछे छिपा सिंडिकेट पंजाब से लेकर झारखंड तक फैला हुआ है। सत्यदेव यादव जैसे पुराने अपराधियों का फिर से सक्रिय होना चिंता का विषय है, लेकिन पलामू पुलिस की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। क्या इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस उस 'किंगपिन' तक पहुँच पाएगी जो चतरा के जंगलों से इस काले खेल को कंट्रोल करता है? फिलहाल, मेदिनीनगर में सुरक्षा और निगरानी और भी सख्त कर दी गई है।
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