Palamu Peril: सिर्फ मामूली विवाद पर पीटकर मार डाला! पुलिस ने एक आरोपी टुनटुन मिश्रा को दबोचा, बहनोई नरेश तिवारी अभी भी फरार, क्या थी हत्या के पीछे की असली वजह?
झारखंड के पलामू जिले में लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के अनिल कुमार मिश्रा हत्याकांड में पुलिस ने एक आरोपी टुनटुन मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। विगत 15 अक्टूबर को मामूली विवाद को लेकर टुनटुन और उसके बहनोई नरेश तिवारी ने अनिल कुमार मिश्रा (45) की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। दूसरा आरोपी नरेश तिवारी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
झारखंड के पलामू जिले में लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के राजोगाड़ी अखौरी पतरा गांव में विगत 15 अक्टूबर को हुई एक हत्या ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। यहां सिर्फ एक मामूली विवाद को लेकर 45 वर्षीय अनिल कुमार मिश्रा को बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अक्सर छोटे से विवाद कैसे हिंसा और अपराध का जघन्य रूप ले लेते हैं। बुधवार को पुलिस को इस मामले में एक बड़ी सफलता मिली जब मुख्य आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया गया।
बेरहमी से पीटकर किया हमला: इलाज के दौरान मौत
पुलिस अधीक्षक (SP) रीष्मा रमेशन ने जानकारी दी कि इस हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों में से एक, 26 वर्षीय टुनटुन मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के दिन यानी 15 अक्टूबर को आरोपी टुनटुन मिश्रा और उसके बहनोई नरेश तिवारी ने मिलकर अनिल कुमार मिश्रा पर बेरहमी से लाठी-डंडों से हमला किया था, जिससे वह अधमरा हो गए थे।
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इलाज की कोशिशें नाकाम: गंभीर रूप से घायल अनिल को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेस्लीगंज और बाद में मेदिनीनगर सदर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने भरपूर कोशिश की, लेकिन अगले ही दिन यानी 16 अक्टूबर को इलाज के दौरान अनिल कुमार मिश्रा की मौत हो गई। इस घटना ने पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया।
गिरफ्तारी और पूछताछ: अपराध स्वीकार
मृतक की पत्नी मीना देवी (36) के बयान पर 16 अक्टूबर को ही मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित अनुसंधान शुरू किया। छापेमारी दल में थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय और अन्य कर्मी शामिल थे। पुलिस ने सफलतापूर्वक आरोपी टुनटुन मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान टुनटुन मिश्रा ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
हालांकि, इस मामले का दूसरा आरोपी और टुनटुन का बहनोई नरेश तिवारी अभी भी फरार है। एसपी रीष्मा रमेशन ने कहा है कि पुलिस नरेश तिवारी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही है और उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह कार्रवाई यह संकेत देती है कि पुलिस किसी भी अपराधी को बख्शने वाली नहीं है, भले ही वह कितनी भी छिपने की कोशिश करे।
आपकी राय में, झारखंड के ग्रामीण इलाकों में सिर्फ मामूली विवादों के चलते होने वाली हत्याओं को रोकने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस और ग्राम समितियों को कौन से दो सबसे प्रभावी और निवारक कदम उठाने चाहिए?
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