Latehar Raid : लातेहार में 2 करोड़ का गांजा बरामद, भूसे की आड़ में छिपा रखी थी 190 पैकेट की खेप, तस्करों का मास्टरप्लान फेल

लातेहार पुलिस ने एनएच 39 पर यम्मी होटल के पास एक संदिग्ध ट्रक से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। भूसे के नीचे छिपाई गई 190 पैकेट की इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस छापेमारी और तस्करों के नेटवर्क की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 20, 2026 - 16:53
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Latehar Raid : लातेहार में 2 करोड़ का गांजा बरामद, भूसे की आड़ में छिपा रखी थी 190 पैकेट की खेप, तस्करों का मास्टरप्लान फेल
Latehar Raid : लातेहार में 2 करोड़ का गांजा बरामद, भूसे की आड़ में छिपा रखी थी 190 पैकेट की खेप, तस्करों का मास्टरप्लान फेल

लातेहार/झारखंड, 20 मार्च 2026 – झारखंड के लातेहार जिले में पुलिस ने अवैध नशा कारोबारियों की कमर तोड़ते हुए एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। नेशनल हाईवे 39 (NH-39) पर यम्मी होटल के पास खड़ी एक लावारिस ट्रक से पुलिस ने करीब दो करोड़ रुपये मूल्य का गांजा बरामद किया है। तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए 'भूसे' का ऐसा जाल बुना था कि पहली नजर में कोई भी धोखा खा जाए। लेकिन लातेहार पुलिस की पैनी नजर और सटीक सूचना ने करोड़ों के इस काले कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने मौके से 190 पैकेट गांजा और तस्करी में इस्तेमाल हो रहे ट्रक को जब्त कर लिया है।

भूसे का ढेर और नीचे 'करोड़ों का नशा': फिल्मी अंदाज में तस्करी

तस्करों ने गांजे की इस बड़ी खेप को ठिकाने लगाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था।

  • संदिग्ध ट्रक: पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक 10 चक्का ट्रक (UP 26 T 7820) संदिग्ध अवस्था में हाईवे किनारे खड़ा है।

  • छलावा: जब पुलिस टीम मौके पर पहुँची, तो ट्रक के ऊपर धान का भूसा लदा हुआ था। ऊपर से देखने पर यह किसी किसान का माल लग रहा था।

  • खुलासा: जैसे ही पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और भूसे की परतें हटाईं, तो नीचे गांजे के बड़े-बड़े पैकेट मिलने लगे। गिनती करने पर कुल 190 पैकेट बरामद हुए, जिसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।

यूपी नंबर का ट्रक और फरार तस्कर: पुलिस ने कसी नकेल

इस कार्रवाई के दौरान मौके पर कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे यह साफ है कि तस्करों को पुलिस की आहट मिल गई थी और वे वाहन छोड़कर फरार हो गए।

  1. ट्रक जब्त: पुलिस ने उत्तर प्रदेश नंबर के इस ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है। ट्रक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मालिक का पता लगाया जा रहा है।

  2. एसपी की रणनीति: लातेहार पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि यह मामला एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह (Inter-state Syndicate) से जुड़ा हो सकता है।

  3. नेटवर्क की तलाश: पुलिस अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही है कि यह गांजा ओडिशा या छत्तीसगढ़ के रास्ते लाया गया था या इसका गंतव्य उत्तर प्रदेश या बिहार था।

लातेहार और 'नशा कॉरिडोर' का बदलता स्वरूप

लातेहार का भौगोलिक इलाका घने जंगलों और लंबी सीमाओं से घिरा है, जिसका फायदा उठाकर तस्कर अक्सर एनएच 39 को अपने कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

  • बदलता पैटर्न: पहले नशीले पदार्थों की तस्करी छोटे वाहनों या छिपे हुए रास्तों से होती थी, लेकिन अब तस्करों ने कृषि उत्पादों (जैसे भूसा, धान या सब्जी) की आड़ में बड़े ट्रकों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

  • सतर्क प्रशासन: पिछले कुछ महीनों में लातेहार पुलिस ने अफीम और डोडा के खिलाफ भी बड़े अभियान चलाए हैं। 2 करोड़ की यह बरामदगी इस बात का सबूत है कि लातेहार अब तस्करों के लिए 'सेफ जोन' नहीं रहा।

  • टीम वर्क: इस सफल छापेमारी में लातेहार अंचल पदाधिकारी नंदकुमार राम, एसआई राहुल सिन्हा और पुलिस के जवानों ने जिस तरह से सूचना को धरातल पर उतारा, वह काबिले तारीफ है।

अगला कदम: कॉल डिटेल और ढाबों की जांच

पुलिस अब यम्मी होटल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और फरार ड्राइवर के संभावित सुरागों पर काम कर रही है।

  • रूट मैप: एनएच 39 पर लगे टोल प्लाजा के डेटा को खंगाला जा रहा है ताकि ट्रक के आने-जाने के सही रास्ते का पता चल सके।

  • स्थानीय कनेक्शन: पुलिस को संदेह है कि स्थानीय लाइनमैनों की मदद के बिना इतनी बड़ी खेप को हाईवे पर रोकना मुमकिन नहीं था। जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

लातेहार में 2 करोड़ के गांजे की बरामदगी न केवल नशे के खिलाफ एक बड़ी जीत है, बल्कि उन तस्करों के लिए भी चेतावनी है जो पुलिस की सतर्कता को हल्के में ले रहे थे। भूसे की आड़ में छिपी यह काली सच्चाई अब कानून के शिकंजे में है। क्या पुलिस इस ट्रक के 'असली मालिक' तक पहुँच पाएगी या यह केवल एक लावारिस बरामदगी बनकर रह जाएगी? लातेहार एसपी की मुस्तैदी को देखते हुए लगता है कि असली कातिल जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।