Latehar Murder: सीआरपीएफ के पूर्व जवान की गला घोंटकर हत्या, पुलिया के नीचे मिला था शव, आम लूटने के लिए रची थी खूनी साजिश
लातेहार के बरियातू में नवाडीह पुलिया के नीचे मिले अज्ञात शव मामले का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। ओडिशा के पूर्व सीआरपीएफ जवान की हत्या कर आम से लदी पिकअप लूटने वाले लोहरदगा के दो अपराधियों की गिरफ्तारी की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ देखें।
लातेहार, 16 मई 2026 – झारखंड के लातेहार जिले के बरियातू थाना क्षेत्र से एक ऐसी खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात का पर्दाफाश हुआ है, जिसने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े रहे एक पूर्व जवान की जिंदगी का दर्दनाक अंत कर दिया। नवाडीह गांव के पास एक सूनी पुलिया के नीचे मिले अज्ञात शव की गुत्थी को लातेहार पुलिस ने सुलझा लिया है। देश की सेवा में अपना जीवन लगाने वाले पूर्व सीआरपीएफ (CRPF) जवान को महज एक गाड़ी आम और पिकअप वैन लूटने के लिए मौत के घाट उतार दिया गया। इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले दो शातिर अपराधियों को पुलिस ने दबोच लिया है।
वारदात की दास्तां: नशीला पदार्थ, कटी नस और पुलिया के नीचे फेंका शव
लातेहार के डीएसपी विनोद रवानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड की पूरी क्रोनोलॉजी मीडिया के सामने रखी।
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पुलिया के नीचे मिला था शव: कुछ दिन पहले बरियातू पुलिस को नवाडीह पुलिया के नीचे एक अधेड़ व्यक्ति का शव मिला था, जिसके हाथ बंधे हुए थे और शरीर पर गहरे जख्म थे।
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मृतक की पहचान: पुलिसिया तफ्तीश में मृतक की पहचान ओडिशा के पुरी निवासी शेख सदाकत अली के रूप में हुई। वे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के बाद फलों के बड़े कारोबार से जुड़ गए थे।
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लूट की खूनी स्क्रिप्ट: घटना से करीब 10 दिन पहले सदाकत अली ओडिशा से आम (Mangoes) से भरी एक पिकअप गाड़ी लेकर उत्तर प्रदेश की मंडियों के लिए रवाना हुए थे। इसी सफर के दौरान लोहरदगा में उनकी मुलाकात इकबाल अंसारी और अवध कुमार साहू से हुई।
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क्रूरता की हदें पार: दोनों आरोपियों ने आम से लदी गाड़ी देखकर उसे लूटने का प्लान बनाया। उन्होंने पहले सदाकत अली को धोखे से नशीला पदार्थ पिलाया, फिर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। अपराधियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह जिंदा न बचे, उनके हाथ बांध दिए और नस काट दी, जिसके बाद शव को लातेहार की पुलिया के नीचे फेंक कर फरार हो गए।
प्रशासनिक एक्शन: लोहरदगा के दोनों कातिल सलाखों के पीछे
डीएसपी विनोद रवानी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी इनपुट्स के आधार पर लोहरदगा में छापेमारी कर इकबाल और अवध को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और उनकी निशानदेही पर लूटी गई गाड़ी के संबंध में सबूत जुटाए जा रहे हैं। शनिवार को दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
हाईवे सुरक्षा पर दोबारा सोचने की जरूरत
शेख सदाकत अली की निर्मम हत्या यह साफ करती है कि सड़कों पर मालवाहक वाहनों के ड्राइवरों और व्यापारियों की सुरक्षा आज भी एक बड़ी चुनौती है। केवल दो लोगों ने मिलकर एक पूर्व जवान को इतनी बेरहमी से मार डाला, यह समाज में बढ़ते अपराध के खौफनाक स्तर को दिखाता है। लातेहार पुलिस ने भले ही दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया हो, लेकिन इस रूट पर रात के समय गश्त और संदिग्धों की चेकिंग को और मजबूत करना होगा ताकि कोई और व्यापारी इस तरह मौत के जाल में न फंसे।
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