Koderma Fire: कोडरमा के फर्नीचर गोदाम में भीषण आग, हाई टेंशन तार ने मचाई तबाही, 50 लाख की संपत्ति जलकर राख
कोडरमा के तिलैया थाना अंतर्गत करमा गांव में हाई टेंशन तार की चिंगारी से फर्नीचर गोदाम में भीषण आग लग गई है। जफीर अंसारी के गोदाम में हुए 50 लाख के नुकसान और बिजली विभाग की लापरवाही की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
कोडरमा/तिलैया, 31 मार्च 2026 – झारखंड के कोडरमा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। तिलैया थाना क्षेत्र के करमा गांव में मंगलवार तड़के एक विशाल फर्नीचर गोदाम में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते लाखों की संपत्ति को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय निवासी जफीर अंसारी के इस गोदाम में लगी आग इतनी विकराल थी कि इसकी लपटें दूर-दराज के इलाकों से भी साफ देखी जा सकती थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तड़के करीब 3:00 बजे जब पूरा गांव गहरी नींद में था, तब अचानक बिजली की तेज गड़गड़ाहट और चमक के साथ आग की लपटें उठने लगीं। इस अग्निकांड में न केवल कीमती फर्नीचर, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स का भारी स्टॉक भी जलकर पूरी तरह राख हो गया है।
शॉर्ट सर्किट का कहर: हाई टेंशन तार ने दी 'चिंगारी'
हादसे की मुख्य वजह गोदाम के ठीक ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन लाइन को माना जा रहा है।
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तेज धमाका और चमक: सुबह करीब तीन बजे शॉर्ट सर्किट के कारण तार से निकली चिंगारियां सीधे लकड़ी के ढेर पर जा गिरीं।
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लकड़ी ने पकड़ी रफ्तार: गोदाम में भारी मात्रा में सूखी लकड़ी और तैयार फर्नीचर होने के कारण आग ने तेजी से विस्तार किया। जब तक गांव के लोग बाल्टियों और पाइपों के साथ मौके पर पहुँचते, आग बेकाबू हो चुकी थी।
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ज्वलनशील सामग्री का जाल: फर्नीचर के अलावा गोदाम में पॉलिश, थिनर और अन्य ज्वलनशील रसायन मौजूद थे, जिन्होंने आग की तीव्रता को कई गुना बढ़ा दिया।
50 लाख का नुकसान: शादी समारोह से लौटते ही मिला 'सदमा'
गोदाम मालिक जफीर अंसारी के लिए यह साल का सबसे बड़ा आर्थिक आघात है।
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मालिक की गैरमौजूदगी: घटना के वक्त जफीर अंसारी हजारीबाग के बरही में एक पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। जैसे ही उन्हें फोन पर तबाही की खबर मिली, वे बदहवास होकर करमा गांव पहुँचे।
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सबकुछ राख: गोदाम में केवल लकड़ी ही नहीं, बल्कि भारी मात्रा में लोहे की अलमारियां, नए फ्रिज और कूलर जैसे महंगे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद रखे थे। जफीर के अनुसार, शुरुआती आकलन में नुकसान का आंकड़ा 50 लाख रुपये को पार कर गया है।
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मेहनत की कमाई स्वाहा: वर्षों की मेहनत से खड़ा किया गया व्यापार महज 4 घंटों में धुएं के गुबार में बदल गया।
कोडरमा और बिजली विभाग: लापरवाही का पुराना इतिहास
इस अग्निकांड ने एक बार फिर कोडरमा में बिजली विभाग के कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है।
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शिकायतों की अनदेखी: मुखिया प्रतिनिधि अनिल यादव ने खुलासा किया कि जफीर अंसारी के मकान और गोदाम के ऊपर से गुजर रहे इस जानलेवा हाई टेंशन तार को हटाने या ऊंचा करने के लिए विभाग को कई बार लिखित शिकायत दी गई थी।
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झूलते तार बने मौत का फंदा: तिलैया और करमा जैसे इलाकों में पुराने और झूलते बिजली के तार अक्सर हादसों को दावत देते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करता रहता है और आज वही हुआ।
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सुरक्षा मानकों का उल्लंघन: रिहायशी इलाकों के ऊपर से इतनी हाई वोल्टेज लाइन गुजारना तकनीकी रूप से गलत है, जिस पर प्रशासन ने कभी ध्यान नहीं दिया।
अग्निशमन की मशक्कत: 4 घंटे तक चला 'युद्ध'
सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुँचीं, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि पानी की बौछारें भी बेअसर लग रही थीं।
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दमकलकर्मियों का साहस: दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद लगभग 4 घंटे की जंग लड़ी और सुबह करीब 7 बजे तक आग पर काबू पाया जा सका।
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बस्ती को बचाया: अग्निशमन टीम की तत्परता की वजह से आग को पास की घनी रिहायशी बस्ती में फैलने से रोक लिया गया, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था।
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कूलिंग प्रोसेस: आग बुझने के बाद भी घंटों तक कूलिंग प्रोसेस जारी रहा ताकि अंदर दबी चिंगारियां दोबारा न सुलग उठें।
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