Koderma Accident: भीषण टक्कर, कोडरमा में हाइवा ने बाइक सवारों को रौंदा, ओवरटेक के चक्कर में गई दो की जान
कोडरमा के नगरखारा में ओवरटेक करने की कोशिश दो युवकों के लिए काल बन गई। हाइवा की चपेट में आने से बाइक सवारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। गिरिडीह-कोडरमा मार्ग पर हुए इस खौफनाक हादसे के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा है। पूरी खबर और मृतकों की पहचान के लिए यहाँ देखें।
कोडरमा/झारखंड, 12 मार्च 2026 – झारखंड के कोडरमा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। गिरिडीह-कोडरमा मुख्य मार्ग पर स्थित नगरखारा के पास गुरुवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दोपहर करीब 3:00 बजे हुई इस दुर्घटना ने सड़क सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। तेज रफ्तार हाइवा और ओवरटेक करने की जल्दी ने दो हंसते-खेलते परिवारों के चिराग बुझा दिए।
ओवरटेक का जुनून बना मौत का सबब
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब एक मोटरसाइकिल और हाइवा दोनों ही डोमचांच की ओर से कोडरमा की तरफ बढ़ रहे थे।
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खतरनाक मोड़: नगरखारा के समीप बाइक सवारों ने हाइवा को ओवरटेक करने का प्रयास किया।
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हाइवा की चपेट में: इसी कोशिश में मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ा और वह सीधे भारी-भरकम हाइवा के पिछले पहियों के बीच आ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवारों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
अफरा-तफरी और पुलिस की कार्रवाई
हादसे के तुरंत बाद सड़क पर जाम की स्थिति बन गई और राहगीरों के बीच चीख-पुकार मच गई।
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मौके पर मौत: दुर्घटना के बाद दोनों युवकों ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। खून से लथपथ शवों को देख हर कोई सहम गया।
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पुलिस का एक्शन: स्थानीय लोगों की सूचना पर कोडरमा थाना पुलिस फौरन मौके पर पहुँची। पुलिस ने तत्काल आवागमन को सुचारू कराया और दुर्घटना में शामिल हाइवा को जब्त कर लिया।
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शिनाख्त की चुनौती: पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती मृतकों की पहचान करना है। फिलहाल दोनों युवकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है और पुलिस उनके पास मौजूद मोबाइल या दस्तावेजों के जरिए परिजनों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।
गिरिडीह-कोडरमा मार्ग पर 'मौत की ढलान'
यह कोई पहली बार नहीं है जब नगरखारा और जवाहर घाटी के आसपास ऐसे हादसे हुए हों।
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ब्लैक स्पॉट: कोडरमा का यह मार्ग अपने तीखे मोड़ों और भारी वाहनों (हाइवा और ट्रकों) की आवाजाही के लिए जाना जाता है। अभ्रक (Mica) और पत्थर ढोने वाले तेज रफ्तार हाइवा अक्सर इस मार्ग पर कहर बरपाते हैं।
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अतीत की घटनाएं: पिछले एक साल में डोमचांच-कोडरमा मार्ग पर ओवरटेक और तेज रफ्तार के कारण एक दर्जन से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रशासन द्वारा गति सीमा निर्धारित करने के बावजूद 'स्पीड' पर लगाम नहीं लग पा रही है।
सुरक्षा पर सवाल: कौन है जिम्मेदार?
इस हादसे ने एक बार फिर झारखंड की सड़कों पर बेखौफ दौड़ते भारी वाहनों और दोपहिया सवारों की लापरवाही को उजागर किया है।
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हेलमेट की कमी: पुलिस जांच कर रही है कि क्या मृतकों ने हेलमेट पहना था। अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी जानलेवा साबित होती है।
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हाइवा चालकों की मनमानी: स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि हाइवा चालक अक्सर नशे में या फिर बेतरतीब तरीके से गाड़ी चलाते हैं, जिससे छोटे वाहन सवार हमेशा खतरे में रहते हैं।
कोडरमा का यह हादसा हमें याद दिलाता है कि सड़क पर एक सेकंड की जल्दबाजी भी भारी पड़ सकती है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हाइवा चालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। अगर आप इस मार्ग से सफर करते हैं, तो सावधानी ही एकमात्र बचाव है।
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