Koderma Late Night Fire: रात 2.30 बजे स्टेशन पार्किंग में लगी भीषण आग, पार्षद ने ऐसे टाला बड़ा हादसा

कोडरमा स्टेशन पार्किंग में रात 2.30 बजे भीषण आग, वार्ड पार्षद ने एक्सटिंग्विशर से रोका बड़ा हादसा, फायर ब्रिगेड ने डेढ़ घंटे में पाया काबू।

Apr 23, 2026 - 14:13
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Koderma Late Night Fire: रात 2.30 बजे स्टेशन पार्किंग में लगी भीषण आग, पार्षद ने ऐसे टाला बड़ा हादसा
Koderma Late Night Fire: रात 2.30 बजे स्टेशन पार्किंग में लगी भीषण आग, पार्षद ने ऐसे टाला बड़ा हादसा

Koderma Shocker: झारखंड के कोडरमा रेलवे स्टेशन की पार्किंग में गुरुवार देर रात करीब 2.30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। रात के सन्नाटे में अचानक उठी आग की लपटों ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। लाखों रुपये के रेलवे केबल, खड़ी बसें और कारें चंद मिनटों में जलकर राख हो सकती थीं – लेकिन वार्ड पार्षद मनीष चौधरी ने एक फायर एक्सटिंग्विशर से विकराल होती आग पर पानी फेर दिया।

सन्नाटे में चीखें, फिर दौड़े लोग

रात के 2.30 बजे कोडरमा स्टेशन के दक्षिणी छोर पर बनी रेलवे की अधिकृत पार्किंग में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। उस समय पार्किंग में लोगों की आवाजाही बेहद कम थी, जिससे जनहानि का खतरा तो टल गया, लेकिन आग तेजी से फैल रही थी। कुछ ही देर में चिंगारियां पास खड़ी बसों और रेलवे के महंगे केबलों तक पहुंच गईं। अगर आग ने पकड़ बना ली होती, तो लाखों रुपये का नुकसान हो सकता था।

एक्सटिंग्विशर लेकर आग पर टूट पड़े पार्षद

आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय वार्ड पार्षद मनीष चौधरी ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड और स्टेशन प्रबंधन को सूचना दी। लेकिन फायर ब्रिगेड के आने से पहले ही उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। उन्होंने पास में रखे फायर एक्सटिंग्विशर को उठाया और आग पर झपट पड़े। उनकी इस हिम्मत ने आग को फैलने से रोक दिया।

डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू

फायर ब्रिगेड की टीम कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गई। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। रात का समय होने के कारण सड़कों पर भीड़ कम थी, जिससे दमकल की गाड़ियां आसानी से स्टेशन तक पहुंच सकीं। अगर दिन का समय होता और सड़कें जाम होतीं, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

क्यों खास है कोडरमा और इसका रेलवे स्टेशन?

कोडरमा झारखंड का एक ऐतिहासिक शहर है, जो अपनी अभ्रक (माइका) खानों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहाँ का रेलवे स्टेशन ब्रिटिश काल में बना था और आज भी हजारों यात्री इसका इस्तेमाल करते हैं। यह स्टेशन कोलकाता-दिल्ली मेन लाइन पर स्थित है और यहाँ से रोजाना दर्जनों ट्रेनें गुजरती हैं। स्टेशन के दक्षिणी छोर पर बनी पार्किंग में हर समय सैकड़ों वाहन खड़े रहते हैं। अगर इस पार्किंग में बड़ी आग लग जाती, तो रेलवे ट्रैफिक भी प्रभावित हो सकता था।

समय पर कार्रवाई से टली बड़ी दुर्घटना

कोडरमा के स्टेशन प्रबंधक विकास कुमार ने माना कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी। उन्होंने वार्ड पार्षद मनीष चौधरी और फायर ब्रिगेड की टीम के प्रयासों की सराहना की। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

 लोगों ने कहा – पार्षद की सूझबूझ से बची जान

घटना के बाद स्टेशन परिसर में मौजूद लोगों और स्थानीय निवासियों ने मनीष चौधरी की बहादुरी की तारीफ की। लोगों ने कहा कि अगर वह उस समय वहाँ नहीं होते या उन्होंने फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल नहीं किया होता, तो आग पूरी पार्किंग को अपनी चपेट में ले लेती।

 आग कैसे लगी? जांच जारी

फिलहाल रेलवे प्रशासन और पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। संदेह जताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट या किसी जलती हुई वस्तु के कारण आग लगी होगी। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

आपकी राय क्या है – क्या रेलवे स्टेशनों पर अग्निशमन उपकरणों की संख्या बढ़ानी चाहिए? कमेंट में बताएं।
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अपडेट के लिए बने रहें।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।