Jharkhand Weather : झारखंड में साइक्लोन 'मोंथा' का बड़ा असर, अचानक दिसंबर जैसी ठंड और बिजली गिरने की चेतावनी
क्या आप जानते हैं कि चक्रवात ‘मोंथा’ के कारण रांची, धनबाद और बोकारो में अचानक दिसंबर जैसी ठिठुरन क्यों महसूस हो रही है? लातेहार में अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच सिर्फ 3 डिग्री का अंतर क्यों आया? मौसम विभाग ने आज किन इलाकों में बिजली गिरने की आशंका जताई है? जल जमाव और किसानों की फसलों के लिए क्या एडवाइजरी जारी की गई है? पूरी जानकारी पढ़ें!
1 नवंबर 2025 – झारखंड के मौसम ने अचानक करवट ले ली है और इसका सारा श्रेय बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘मोंथा’ को जाता है। राजधानी रांची सहित गुमला, लातेहार, धनबाद और बोकारो जैसे प्रमुख जिलों में शुक्रवार दोपहर से ही तेज हवाओं और ठंडी लहरों ने अक्टूबर की गर्मी को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। कई इलाकों में तो दिन के समय ही इतनी ठिठुरन महसूस की गई कि लोगों को अचानक दिसंबर के मौसम का अहसास होने लगा। मौसम विभाग ने आज भी ठंडी हवाओं और बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने यानी वज्रपात की संभावना व्यक्त करके नागरिकों को हाई अलर्ट पर रहने की चेतावनी जारी की है।
तापमान में भारी गिरावट: सिर्फ 3 डिग्री का अंतर
चक्रवात 'मोंथा' का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला असर तापमान में साफ दिखाई दिया है।
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लातेहार में ठिठुरन: कई जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर बेहद कम हो गया है। लातेहार में तो यह अंतर सिर्फ 3 डिग्री सेल्सियस तक सिमट गया (अधिकतम 22°C और न्यूनतम 19°C), जो झारखंड में अक्टूबर-नवंबर के मौसम में अभूतपूर्व माना जा रहा है।
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रांची का हाल: राजधानी रांची में भी अधिकतम तापमान 26°C और न्यूनतम 22°C दर्ज किया गया।
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ठंड की वजह: दिन भर आसमान में छाए घने काले बादलों और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने ठंडक को और बढ़ा दिया है।
वज्रपात का खतरा: नागरिकों के लिए जारी हुई एडवाइजरी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कुछ इलाकों में मेघ गर्जन और हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश की आशंका व्यक्त की है।
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वज्रपात की चेतावनी: विभाग ने विशेष रूप से वज्रपात (बिजली गिरने) की आशंका जताई है। झारखंड में मानसून के मौसम में अक्सर बिजली गिरने से बड़े हादसे होते रहे हैं, इसलिए यह चेतावनी बेहद गंभीर है।
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सुरक्षित स्थान: नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें और खराब मौसम में सुरक्षित स्थान पर शरण लें।
प्रशासन और किसानों के लिए तैयारी
मौसम की मार को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है।
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क्विक रिस्पांस टीम: नगर निगम ने जल जमाव की समस्या से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम गठित की है और हेल्पलाइन नंबर 18005701235 जारी किया है।
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किसानों को सलाह: किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अचानक बारिश से होने वाले नुकसान से बचने के लिए फसलों की कटाई या भंडारण कार्य फिलहाल टाल दें।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में हवा की दिशा बदलने से वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार संभव है, जो फिलहाल मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
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