Telco Commotion: पुलिस गश्ती दल के ड्राइवर पर ₹10,000 की अवैध वसूली का आरोप लगा प्लाजा रोड पर धरने पर बैठे संतोष सिंह!
जमशेदपुर के टेल्को प्लाजा रोड पर गश्ती गाड़ी के ड्राइवर द्वारा बाइक छोड़ने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप और पीड़ित संतोष सिंह के धरने के बाद मचे बवाल की ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 4 जून 2026 – लौह नगरी जमशेदपुर के सबसे प्रतिष्ठित और औद्योगिक टेल्को थाना क्षेत्र (Telco Police Station) से इस वक्त की एक बेहद ही सनसनीखेज, हैरान करने वाली और प्रशासनिक ढर्रे पर उंगली उठाने वाली खबर सामने आ रही है। टेल्को प्लाजा रोड पर गुरुवार सुबह उस समय भारी बवाल और अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब स्थानीय निवासी संतोष सिंह पुलिस गश्ती दल के एक वाहन चालक के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीधे सड़क पर धरने पर बैठ गए। पीड़ित ने पुलिस के गश्ती ड्राइवर पर वाहन छोड़ने के एवज में ₹10,000 की भारी-भरकम अवैध वसूली (Extortion Allegation) का सीधा आरोप लगाया है। इस विरोध प्रदर्शन के कारण व्यस्त टेल्को प्लाजा मार्ग पर वाहनों के पहिये थम गए और काफी देर तक यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
हंगामे की लाइव इनसाइड स्टोरी: बुधवार की रात जब्ती और गुरुवार की सुबह बीच सड़क पर हाई-वोल्टेज ड्रामा
टेल्को थाना पुलिस और प्रकाश नगर अंचल के स्थानीय चश्मदीदों से मिली लाइव ऑन-फील्ड जानकारी के मुताबिक, इस पूरे विवाद का लाइव घटनाक्रम विधिक रूप से बेहद गंभीर है:
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नंबर प्लेट का विवाद: बुधवार की देर रात प्रकाश नगर निवासी संतोष सिंह अपनी काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से टेल्को प्लाजा की तरफ से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रात की रूटीन चेकिंग में तैनात पुलिस गश्ती दल ने उन्हें रोक लिया। बाइक के पीछे विधिक नंबर प्लेट नहीं होने के कारण पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर लिया और उसे टेल्को थाने ले गई।
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₹10,000 की कथित डिमांड: संतोष सिंह का गंभीर आरोप है कि थाने की विधिक कार्रवाई के बजाय गश्ती गाड़ी के ड्राइवर ने अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल किया। उसने बाइक को बिना किसी विधिक चालान के रफा-दफा करने और गाड़ी छोड़ने के बदले ₹10,000 की अवैध घूस मांग ली।
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दस्तावेजों के साथ बीच सड़क पर धरना: इस कथित अवैध मांग से आक्रोशित होकर संतोष सिंह गुरुवार की सुबह अपनी बाइक के सभी ओरिजिनल विजुअल दस्तावेजों (आरसी, इंश्योरेंस) के साथ टेल्को प्लाजा मुख्य सड़क के बीचो-बीच धरने पर बैठ गए।
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टाइगर मोबाइल का विधिक आश्वासन: बीच सड़क पर धरना दिए जाने से स्थानीय निवासियों और राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई। माहौल बिगड़ता देख तुरंत 'टाइगर मोबाइल' (Tiger Mobile) की क्विक रिस्पांस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस पदाधिकारियों ने पीड़ित को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले ड्राइवर पर कड़ा एक्शन लेने का विधिक आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
निष्पक्ष जांच की उठ रही मांग, टेल्को थाना की चुप्पी बरकरार
इस पूरे सनसनीखेज मामले पर टेल्को थाना प्रभारी या जमशेदपुर पुलिस के आला अधिकारियों की तरफ से अभी तक कोई भी आधिकारिक विधिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन स्थानीय प्रकाश नगर की जनता और टेल्को मर्चेंट्स एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि अगर गश्ती गाड़ी के दोषी चालक के खिलाफ विधिक विभागीय कार्रवाई नहीं की गई, तो वे दोबारा सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
2026 के इस हाई-टेक और पारदर्शी दौर में, जहाँ खुद मुख्यमंत्री और डीजीपी सोशल मीडिया पर पुलिसिया भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े निर्देश जारी कर रहे हैं, वहाँ टेल्को जैसे शिक्षित टाउनशिप में सरेआम ऐसी वसूली का आरोप लगना बेहद शर्मनाक है। इस खतरनाक ढर्रे को हमेशा के लिए रोकने के लिए जमशेदपुर पुलिस कप्तान को सभी गश्ती वाहनों और उनके ड्राइवरों के लिए 'बॉडी वोर्न कैमरा' (Body Worn Cameras) अनिवार्य करना होगा। साथ ही, रात की चेकिंग के दौरान किसी भी गाड़ी को जब्त करने पर उसका ऑनलाइन डिजिटल विजुअल एंट्री सिस्टम तुरंत एक्टिव होना चाहिए, ताकि कोई भी बिचौलिया या ड्राइवर आम जनता की मजबूरी का फायदा उठाकर खाकी को दागदार न कर सके।
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