Chatra Opium Seized : सिकिदाग गांव में रविंद्र रविदास के घर पर आधी रात का छापा, 2 किलो से ज्यादा काली अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार!
चतरा के कुंदा में भारी मात्रा में अवैध अफीम की खेप के साथ पकड़े गए शातिर तस्कर रविंद्र रविदास और पुलिस की इस विजुअल रेड की पूरी लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
चतरा/कुंदा, 4 जून 2026 – झारखंड में मादक पदार्थों और अफीम के अवैध सेफ कॉरिडोर के खिलाफ चलाए जा रहे महाअभियान के तहत चतरा जिले (Chatra District) की कुंदा थाना पुलिस को एक बहुत ही बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। जिला पुलिस कप्तान को मिली एक बेहद गोपनीय और पुख्ता इनपुट के आधार पर आधी रात को सिकिदाग गांव में की गई इस विधिक छापेमारी में एक घर के अंदर से 2.132 किलोग्राम गीली अफीम (Premium Opium) की भारी खेप बरामद की गई है। इस अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट वैल्यू की अफीम की जब्ती के साथ ही मौके से 35 वर्षीय शातिर तस्कर रविंद्र रविदास उर्फ रविंदर रविदास (पिता- सुरेश मोची) को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है। इस औचक कार्रवाई के बाद से ही चतरा और आसपास के अंचल में सक्रिय अफीम माफियाओं और अंतरराज्यीय तस्करों के पूरे सिंडिकेट में भारी हड़कंप मच गया है।
छापेमारी की लाइव इनसाइड स्टोरी: आधी रात को जब सीओ और थाना प्रभारी की टीम ने घेरा सिकिदाग गांव
कुंदा थाना पुलिस और अंचल कार्यालय से मिली लाइव ऑन-फील्ड जानकारी के मुताबिक, इस पूरी विजुअल कार्रवाई का घटनाक्रम बेहद सस्पेंस और थ्रिलर से भरा हुआ था:
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गुप्त सूचना का जाल: पुलिस को सटीक इनपुट मिला था कि सिकिदाग गांव निवासी रविंद्र रविदास अपने ही घर के भीतर अफीम का एक बड़ा स्टॉक डंप करके बैठा है और वहीं से इसकी विधिक खरीद-बिक्री के लिए किसी बड़े गिरोह से डील कर रहा है।
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संयुक्त विधिक रेड टीम का गठन: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कुंदा के अंचलाधिकारी (CO) दीपक कुमार मिश्रा और थाना प्रभारी प्रिंस कुमार सिंह के नेतृत्व में एक हाई-लेवल ज्वाइंट स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया।
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घर की तलाशी में निकला 'काला सोना': भारी संख्या में सशस्त्र बलों के जवानों ने अचानक रविंद्र के घर को चारों तरफ से घेर लिया। जब विधिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घर के गुप्त कोनों की सघन तलाशी ली गई, तो प्लास्टिक के कंटेनर में छुपाकर रखी गई 2 किलो 132 ग्राम अफीम देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
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एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज: पुलिस ने तुरंत नशे की खेप को विजुअल तौल कर जब्त किया और आरोपी रविंद्र रविदास को गिरफ्तार कर थाने ले आई, जहाँ कुंदा थाना कांड संख्या 38/2026 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज खंगालने में जुटी पुलिस, तस्कर से कड़ाई से पूछताछ
रेड टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारी श्रीकांत पाण्डेय और सशस्त्र बल के जवानों ने बताया कि आरोपी रविंद्र रविदास से बंद कमरे में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस की विशेष विंग अब तस्कर के मोबाइल के विजुअल कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अफीम की सप्लाई चेन के तार बिहार या पंजाब के किन बड़े ड्रग माफियाओं से जुड़े हैं।
2026 के इस डिजिटल और आधुनिक युग में, जहाँ चतरा पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए हाई-टेक सर्विलांस का इस्तेमाल कर रही है, वहाँ ग्रामीण इलाकों में इस तरह अफीम का डंप मिलना युवाओं के भविष्य के लिए एक बड़ा विजुअल थ्रेट है। इस जानलेवा ढर्रे को हमेशा के लिए रोकने के लिए जिला पुलिस कप्तान को केवल छोटे पेडलर्स पर नहीं, बल्कि जंगलों में पोस्ते की खेती के लिए फंडिंग करने वाले 'व्हाइट कॉलर' माफियाओं पर विधिक शिकंजा कसना होगा। साथ ही, ग्रामीणों से भी अपील है कि वे चंद रुपयों के लालच में आकर अपने घरों को ड्रग्स का गोदाम न बनाएं, क्योंकि खाकी की एक ही विधिक रेड पूरे परिवार के सम्मान को हमेशा के लिए सलाखों के पीछे धकेल देती है।
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