Bagbeda Railway Notice: 1975 से चली आ रही चार सामाजिक संस्थाओं को 15 दिन में जमीन खाली करने का नोटिस, सांसद से मिले लोग

बागबेड़ा की चार सामाजिक संस्थाओं को 15 दिन में जमीन खाली करने का नोटिस, सांसद विद्युत वरण महतो से मिलकर की मदद की मांग।

May 11, 2026 - 15:16
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Bagbeda Railway Notice: 1975 से चली आ रही चार सामाजिक संस्थाओं को 15 दिन में जमीन खाली करने का नोटिस, सांसद से मिले लोग
Bagbeda Railway Notice: 1975 से चली आ रही चार सामाजिक संस्थाओं को 15 दिन में जमीन खाली करने का नोटिस, सांसद से मिले लोग

Jamshedpur Railway Dispute: जमशेदपुर के बागबेड़ा क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने रेलवे द्वारा जारी नोटिस के विरोध में एकजुट होकर सांसद विद्युत वरण महतो से मुलाकात की।

रेलवे ने चार संस्थाओं को 15 दिन में जमीन खाली करने का दिया नोटिस

टाटानगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के तहत रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने बागबेड़ा रोड नंबर एक स्थित चार प्रमुख सामाजिक संस्थाओं को 15 दिन के भीतर जमीन खाली करने का नोटिस दिया था।

रेलवे ने जिन संस्थाओं को नोटिस थमाया था, उनमें शामिल हैं:

  • परशुराम समाज भवन

  • अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षा एवं सेवा संस्थान

  • कृष्ण मेमोरियल संघ

  • मिथिला समाज

संस्थाओं का कहना – 1975 से कर रहे हैं सामाजिक कार्य

सभी संस्थाओं ने एकजुट होकर सांसद से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। संस्थाओं का कहना है कि वह यहां 1975 से संचालित हैं और बच्चों की शिक्षा, सामाजिक आयोजनों और गरीबों की सहायता जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।

सांसद ने रेल अधिकारियों से की बात

सभी संस्थाओं के अध्यक्ष सहित प्रमुख लोगों ने सांसद विद्युत वरण महतो से मुलाकात की। सांसद ने दूरभाष से रेल डीआरएम चक्रधरपुर मंडल और डीईएन से बात कर सामाजिक संस्थाओं को इस तरह से नोटिस देकर उनके कार्य में बाधा नहीं करने का निर्देश दिया।

सांसद से मिलने वालों में ये लोग शामिल रहे

सांसद से मिलने वालों में मुख्य रूप से शामिल थे:
अखिलेश्वर सिंह, डीके मिश्रा, ज्योति मिश्रा, मनोज कुमार मन्नू, सी एस पी सिंह, विमलेश उपाध्याय, विनोद कुमार, सतीश कुमार, ललन पांडे, हरीश नारायण राय, प्रमोद राय, राम सिंह, आनंदी ओझा, विजय कुमार, अखिलेश मिश्रा आदि।

संस्थाओं ने सांसद और उनके प्रतिनिधि का जताया आभार

सभी संस्थाओं ने सांसद महोदय और उनके प्रतिनिधि संजीव कुमार के प्रति इसके लिए आभार व्यक्त किया।

आपकी राय क्या है – क्या रेलवे को विकास कार्यों के नाम पर पुरानी सामाजिक संस्थाओं को हटाना चाहिए? कमेंट में बताएं।
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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।