Jamshedpur Loot: पुलिस कर्मी के खाते से साइबर ठगों ने निकाले लाखों रुपये, शहर में डिजिटल सुरक्षा पर बड़ा सवाल
जमशेदपुर में साइबर अपराधियों की हिम्मत बढ़ी है। पुलिस विभाग के एक कर्मचारी के दो खातों से 1 लाख 5 हजार 900 रुपये उड़ाए। ठगों ने कैसे लगाई गोपनीय जानकारी में सेंध, पुलिस महकमे में भी हड़कंप। डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही बचाव है।
जमशेदपुर, 15 दिसंबर 2025 – जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बार साइबर ठगों ने आम नागरिक नहीं, बल्कि सीधे पुलिस विभाग से जुड़े एक कर्मी को ही अपना शिकार बनाया है। सिदगोड़ा थाना में पदस्थापित आरक्षी चालक मनीष कुमार दुबे के दो बैंक खातों से साइबर अपराधियों ने कुल 1 लाख 5 हजार 900 रुपये की अवैध निकासी कर ली।
शातिर तरीके से साफ किए लाखों रुपये
पीड़ित आरक्षी चालक मनीष कुमार दुबे ने बताया कि ठगों ने बेहद शातिर तरीके से उनके बैंक खातों में सेंध लगाई। उन्हें इसकी किसी भी तरह की भनक तक नहीं लगी और कुछ ही समय में उनके खातों से बड़ी रकम चोरी कर ली गई।
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निकासी विवरण: ठगों ने एक बैंक खाते से 90 हजार रुपये, जबकि दूसरे खाते से 15 हजार 900 रुपये की निकासी की। जब आरक्षी ने खाते की जांच की और अचानक इतनी बड़ी रकम गायब देखी, तो उनके होश उड़ गए।
गोपनीय जानकारी कैसे हुई हासिल
ठगी का अहसास होते ही मनीष कुमार दुबे ने तत्काल संबंधित थाना और साइबर सेल को पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल इस बात का पता लगाने में जुटी है कि अपराधियों ने किस माध्यम से बैंक खातों की गोपनीय जानकारी हासिल की।
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आशंका: इस तरह की ठगी में अक्सर फिशिंग कॉल, संदिग्ध लिंक या किसी फर्जी एप्लिकेशन के जरिए ठग खातों तक पहुँच बनाते हैं। इस घटना ने पुलिस महकमे को भी सतर्क कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी अब पुलिसकर्मियों को भी निशाना बना रहे हैं, जिससे यह साफ है कि कोई भी व्यक्ति इस खतरे से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार
पुलिस ने एक बार फिर आम जनता से विनम्र अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदेश या लिंक पर भरोसा न करें। किसी के साथ भी एक बार उपयोग होने वाला पासवर्ड, बैंक विवरण या निजी जानकारी साझा न करें। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।
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